फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Conflict in Mangta again, CRPF jawan injured

मंगटा में फिर संघर्ष, सीआरपीएफ जवान को किया मरणासन्न

Sun, 16 May 2021 12:52 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 16 May 2021 12:52 AM IST
विज्ञापन
Conflict in Mangta again, CRPF jawan injured
कानपुर देहात। गजनेर थाना क्षेत्र के मंगटा गांव मेें शनिवार को पुरानी रंजिश को लेकर फिर संघर्ष हो गया। एक पक्ष ने छुट्टी पर आए सीआरपीएफ जवान को पीटकर गंभीर रुप से घायल कर दिया। वहीं दूसरे पक्ष के हमले में भी एक युवक को मामूली चोटें आई हैं।
विज्ञापन

घटना स्थल के पास ही अस्थाई पुलिस चौकी बनी है, साथ ही पीएसी कैंप कर रही है। चीख पुकार सुन सक्रिय हुई पुलिस ने घायल जवान को वहां से निकाल कर अस्पताल पहुंचाया। सूचना पर एसडीएम, सीओ कई थानों का फोर्स लेकर गांव पहुंचे।
विज्ञापन

मंगटा गांव में छुट्टी पर आए सीआरपीएफ जवान जयवीर सिंह व दूसरे पक्ष से भुइयादीन के बीच शनिवार को पुरानी रंजिश के चलते बहस हो गई। इस पर भुइयांदीन ने अपने पक्ष के लोगों को बुलाकर सीआरपीएफ जवान को पकड़ लिया और अपने घर ले गया। वहां पीट कर मरणासन्न कर दिया। इसकी खबर गांव में फैलते ही लोग आक्रोशित हो उठे।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस दौरान ग्राम प्रधान सुनीता देवी के पति रामगणेश सिंह ने लोगों को शांत कराया। मारपीट के दौरान चीखपुकार होने से चौकी तक आवाज पहुंची तो पुलिस व पीएसी के जवान मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घायल सीआरपीएफ जवान को भीड़ से निकाल कर मेडिकल के लिए भेजा। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे उर्सला के लिए रेफर कर दिया गया।
एसडीएम राजीवराज, सीओ अरुण कुमार गजनेर के अलावा मूसानगर व अकबरपुर कोतवाली का फोर्स लेकर गांव पहुंचे। अफसरों ने प्रधान से बात कर गांव का माहौल ठीक रखने पर चर्चा की। साथ ही घटना में दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया। ऐतिहात के तौर पर गांव में गजनेर व अन्य थानों की फोर्स शाम तक तैनात रही।
इंस्पेक्टर गंगा सिंह ने बताया कि सीआरपीएफ जवान ने नशे की हालत में आरोपी पक्ष के घर जाकर गाली गलौज की। इससे विवाद हुआ है। आरोपी भुइयांदीन को हिरासत में लेकर छानबीन की जा रही है। दूसरे पक्ष से अजय को भी मामूली चोटें आई हैं। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
गांव में दो लोगों के बीच विवाद हुआ है। इसमें एक पक्ष का सीआरपीएफ जवान घायल है जबकि आरोपी पक्ष के भी व्यक्ति को मामूली चोटें हैं। दोनों को मेडिकल के लिए भेजा गया है। गांव में पीएसी पहले से ही तैनात है। अस्थाई पुलिस चौकी भी संचालित है। पुलिस को अराजक तत्वों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। -अरूण कुमार सिंह, सीओ अकबरपुर
पंचायत चुनाव में पुराने विवाद को मिली हवा
कानपुर देहात। मंगटा गांव में 13 फरवरी 2020 को हुए जातीय संघर्ष की घटना के बाद गांव में हालात सामान्य नहीं है। दोनों पक्षों के लोगों के मन में घटना को लेकर खुन्नस है। पंचायत चुनाव के दौरान भी गांव वाले जातीय आंकड़े के अनुसार दो गुटों में बंटे रहे। अब शनिवार को हुई मारपीट से सुलग रही चिंगारी को फिर हवा मिल गई है।
पिछले साल फरवरी में मंगटा गांव के आंबेडकर पार्क में एक पक्ष ने बौद्ध कथा का आयोजन कराया था। इस दौरान कुछ अभद्र टिप्पणी की गई थी। वहीं कार्यक्रम के एक पोस्टर को दूसरे पक्ष के एक बच्चे ने फाड़ दिया था। इससे आयोजक पक्ष ने बच्चे को बुरी तरह से पीटा था। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। आयोजक पक्ष के लोगों के साथ मारपीट की गई थी।
इसमें कई महिलाओं समेत 26 लोग घायल हो गए थे। आरोपी पक्ष से 28 नामजद व 20 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसमें नामजद अधिकांश लोग जेल भेज गए थे। उनकी अब जमानत हो चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछली घटना में खुन्नस में कई ऐसे लोगों को नामजद कराया गया जो घटना में शामिल नहीं थे।
इससे माहौल और खराब हो गया। पंचायत चुनाव के दौरान प्रधान चुनने को लेकर जातीय आंकड़े पर लोग बट गए। इससे पुराने विवाद को हवा मिली और चिंगारी सुलगने लगी। शनिवार को विवाद के बाद माहौल फिर गरम हो गया है। खुफिया विभाग को भी गांव के माहौल के बाबत जानकारी नहीं हो सकी।
माहौल को नहीं भांप सके चौकी में तैनात पुलिस कर्मी
कानपुर देहात। मंगटा गांव में 13 फरवरी की घटना के बाद तत्कालीन एसपी अनुराग वत्स ने अस्थाई पुलिस चौकी बनाई थी। चौकी अभी तक संचालित है। साथ ही चौकी के पास ही पीएसी कैंप कर रही है। पंचायत चुनाव के दौरान पुरानी घटना का मुद्दा बनाकर कई प्रत्याशियों ने वोट लेने की कोशिश की।
पुरानी घटना को मुद्दा बनाने से लोगों के मन में फिर से कड़वी यादें ताजा हो गईं। इससे माहौल बिगड़ गया। पुलिस कर्मी ये माहौल भांप नहीं सके। शनिवार को चौकी से बीस मीटर दूर पर सीआरपीएफ जवान की जमकर पिटाई की गई। इसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची।
जनवरी से मंगटा चौकी में नहीं इंचार्ज
मंगटा गांव में अस्थाई पुलिस चौकी में नौ सिपाही व एक सब इंस्पेक्टर की तैनाती की गई थी। पहले चौकी इंचार्ज के रुप में एसआई मोहित वर्मा को तैनात किया गया। 20 जनवरी को उनका स्थानांतरण लखनऊ हो गया। इसके बाद से चौकी में इंचार्ज की तैनाती नहीं की गई।
काम चलाने के लिए थाने से एक दरोगा को भेज दिया जाता है। इससे गांव के माहौल की सही तरीके से मानीटरिंग नहीं हो पाई। साथ ही वहां तैनात पुलिस कर्मियों ने लापरवाही की। वहीं जिले के जिम्मेदार अफसरों ने भी इस संवेदनशील गांव की निगरानी में लापरवाही की।
एसडीएम व सीओ ने किया पैदल मार्च
कानपुर देहात। घटना के बाद मंगटा गांव पहुंचे एसडीएम राजीवराज व सीओ अरुण कुमार सिंह, गजनेर थाना प्रभारी गंगा सिंह, अकबरपुर कोतवाल तुलसीराम पांडेय, महिला थाना, मूसानगर पुलिस के अलावा पीएसी के साथ पूरे गांव में पैदल मार्च किया।

इस दौरान एसडीएम ने लोगों से सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने में मदद करने की अपील की। सीओ अरुण कुमार सिंह ने अराजकता करने व माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed