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बसपा में तकरार: कानपुर देहात जिलाध्यक्ष से छिना पद, तीन पदाधिकारी निष्कासित, गुटबाजी पर बसपा प्रमुख की कार्रवाई

Sat, 04 Dec 2021 08:49 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sat, 04 Dec 2021 08:49 PM IST
सार

पार्टी से निकाले गए नेताओं में कई मंडलों के मुख्य सेक्टर प्रभारी रहे जितेंद्र संखवार, अमरौधा नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन व भोगनीपुर विधानसभा सीट से प्रत्याशी रहे जुनैद पहलवान और रसूलाबाद क्षेत्र के कार्यकर्ता जगजीत संखवार शामिल हैं।

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Conflict in BSP: Four officials including Kanpur Dehat District President expelled
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

आगामी विधानसभा चुनाव में विरोधी दलों से लड़ने के बजाय बसपा पदाधिकारी आपस में ही उलझ गए हैं। कानपुर देहात की भोगनीपुर विधानसभा सीट से प्रत्याशी उतारने को लेकर रार इतनी बढ़ गई कि बसपा अध्यक्ष मायावती ने देहात इकाई के जिलाध्यक्ष आनंद कुरील से उनका पद छीन लिया।
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इसके अलावा तीन पदाधिकारियों को पार्टी से निष्कासित कर दिया। पार्टी से निकाले गए नेताओं में कई मंडलों के मुख्य सेक्टर प्रभारी रहे जितेंद्र संखवार, अमरौधा नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन व भोगनीपुर विधानसभा सीट से प्रत्याशी रहे जुनैद पहलवान और रसूलाबाद क्षेत्र के कार्यकर्ता जगजीत संखवार शामिल हैं।
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पिछले कई दिनों से पार्टी के अंदर चल रही गुटबाजी को देखते हुए बसपा प्रमुख ने यह कार्रवाई की। दरअसल, भोगनीपुर सीट पर जितेंद्र संखवार गुट मुस्लिम नेता जुनैद को प्रत्याशी बनाना चाहता था, जबकि वर्तमान मुख्य सेक्टर प्रभारी भीमराव अंबेडकर गुट घाटमपुर के ब्लॉक प्रमुख इंद्रजीत सिंह के भाई को टिकट दिलाना चाहता था।
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भीमराव के गुट में आनंद कुरील भी शामिल हैं। हालांकि, विरोधी गुट का कहना है कि यहां से क्षत्रिय बिरादरी का प्रत्याशी चुनाव नहीं जीत पाएगा, क्योंकि भोगनीपुर सीट पर अनुसूचित जाति के मतदाता बहुसंख्यक हैं।

वहीं एक पक्ष का तर्क है कि यदि मुस्लिम को लड़ाया तो चुनाव हिंदू-मुस्लिम में बदल जाएगा और इससे होने वाले ध्रुवीकरण का लाभ भाजपा उठा लेगी। इस खींचतान के चलते यहां से अभी तक प्रत्याशी तय नहीं हो पाया है। इसकी जानकारी होने पर मायावती ने चार नेताओं पर कार्रवाई की।
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