अब हैकर खाएंगे गच्चा: फोटो में छिप सकेगा गोपनीय डाटा, इमेज के साइज में नहीं होगा बदलाव, प्रो. वरुण की रिसर्च
Kanpur News: एलेन हाउस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के डीन एंड रिसर्च प्रो. वरुण ने रिसर्च की है। इसमें मैथ एल्गोरिदम वेवलेट ट्रांसफार्म की मदद से गोपनीय दस्तावेजों को डाटा में बदला जा सकता है।
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अब आपकी फोटो में गोपनीय डाटा छिपाया जा सकेगा। फोटो ट्रांसफर करके दूसरे तक आप गोपनीय डाटा भेज पाएंगे और साइबर ठगों को भी इसकी भनक नहीं लग सकेगी। एलेन हाउस के इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के डीन एंड रिसर्च प्रो. वरुण शुक्ला ने यह रिसर्च की है।
उनका रिसर्च पेपर यूएसए के वायरलेस पर्सनल कम्युनिकेशन में पब्लिश हुआ है। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच हैकरों से निपटने के लिए साइबर विशेषज्ञ नए-नए प्रयोग कर रहे हैं। अभी तक अगर आपको क्रेडिट कार्ड की जानकारी किसी को भेजनी है तो आप कार्ड की फोटो खींचकर भेजते हैं या कार्ड नंबर, सीवीवी आदि की जानकारी देते हैं।
साइबर ठग आसानी से इसे ट्रेस करके आपको चूना लगा देते हैं, पर इस रिसर्च से साइबर ठग गच्चा खा जाएंगे। प्रो. वरुण शुक्ला ने बताया कि मैथ एल्गोरिदम वेवलेट ट्रांसफार्म की मदद से गोपनीय दस्तावेजों को डाटा में बदला जा सकता है और इसे किसी भी इमेज में डाला जा सकता है। इस प्रक्रिया में इमेज के साइज में भी कोई बदलाव नहीं होगा।
वेवलेट और इमेज का कॉम्बिनेशन भी काफी कम है
इमेज जैसी है, वैसी ही दिखेगी। इससे हैकरों को किसी तरह का कोई शक भी नहीं होगा। प्रो. शुक्ला ने बताया कि वेवलेट की जानकारी बहुत कम लोगों को है। वेवलेट और इमेज का कॉम्बिनेशन भी काफी कम है। उन्होंने कहा कि इसको जल्द ही पेटेंट करने की तैयारी है।
देश के डाटाबेस पर चीन के 38% हैकर की नजर
देश के डाटाबेस पर चीन के हैकरों की नजर है। आईआईटी कानपुर की ओर किए गए शोध से पता चला है कि कौन से देश से हैकिंग अधिक हो रही है। चीन से 38 फीसदी, यूएसए से 9, नीदरलैंड से दो, वियतनाम से 12 फीसदी, रूस से 12 फीसदी, ताइवान से छह फीसदी, यूक्रेन से तीन, नीदरलैंड से दो और अन्य देशों से 18 फीसदी हैकर्स भारत में साइबर अटैक कर रहे हैं।