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‘कानपुर में स्थापित होगा कॉमन फैसिलिटी सेंटर’
अमर उजाला कानपुर
Updated Sun, 07 Jun 2015 02:44 AM IST
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केंद्रीय लघु उद्योग मंत्री कलराज मिश्र ने कहा कि कानपुर में 200 करोड़ रुपये की लागत से कॉमन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना की जाएगी। इसमें तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवकों का कौशल विकास किया जाएगा। साथ ही औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले कर्मचारी और अधिकारी वर्ग के लोगों को भी प्रशिक्षण दिए जाने की व्यवस्था रहेगी। शनिवार को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग के सेमिनार में भाग लेने आए कलराज मिश्र ने सर्किट हाउस में यह जानकारी दी।
पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि कानपुर का औद्योगिक स्वरूप बड़ी मिलों के बंद होने से काफी हद तक बिगड़ा है। इसे ठीक करने के लिए लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे नए उद्यमी अपने पैरों पर खड़े हो सकें। साथ ही बेरोजगार युवाओं को रोजगार भी मिल सके। उन्होंने बताया कि जनपद में बनने वाले कॉमन फैसिलिटी सेंटर के लिए रूपरेखा तैयार कर ली गई। इसके लिए 200 करोड़ का बजट केंद्र सरकार देगी। सेंटर को यहां स्थापित करने के लिए जगह के संबंध में स्थानीय सांसद डॉ. मुरली मनोहर जोशी से भी वार्ता की जाएगी। उम्मीद है कि बंद पड़ी बीआईसी की मिलों के किसी परिसर में जगह मुहैया हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि उनके मंत्रालय ने एक साल में देश के दस हजार युवकों को नौकरी दी है। 60 हजार नए लघु उद्योगों को रजिस्टर्ड किया गया है। उद्योग स्थापित करने में आने वाली परेशानी को दूर करने के लिए इंस्पेक्टर राज व्यवस्था पर अंकुश लगाया गया है। उन्होंने बताया कि बेरोजगार से स्वरोजगार की यात्रा शुरू की है, जिसके तहत यह सभी काम किए जा रहे हैं। देशभर में जगह-जगह मैन्युफैक्चरिंग हब स्थापित करने की योजना तैयार की गई है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों का नए सिरे से संचालन अभी मुश्किल है। इसलिए मंत्रालय का फोकस लघु उद्योगों और चल सकने वाली इकाइयों की तरफ है। उन्होंने बताया कि कौशल विकास के तहत आठ लाख युवकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। नमामि गंगे योजना को उन्होंने नरेंद्र मोदी की सबसे सफल योजना बताया। कलराज मिश्र ने राहुल गांधी की सूटबूट वाली सरकार की टिप्पणी को गलत बताया। कहा किसी के पहनावे पर कुछ कहना ठीक नहीं है। इस मौके पर विधायक सत्यदेव पचौरी, रघुनंदन सिंह भदौरिया, सुरेंद्र मैथानी, सुरेश अवस्थी, सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
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पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि कानपुर का औद्योगिक स्वरूप बड़ी मिलों के बंद होने से काफी हद तक बिगड़ा है। इसे ठीक करने के लिए लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे नए उद्यमी अपने पैरों पर खड़े हो सकें। साथ ही बेरोजगार युवाओं को रोजगार भी मिल सके। उन्होंने बताया कि जनपद में बनने वाले कॉमन फैसिलिटी सेंटर के लिए रूपरेखा तैयार कर ली गई। इसके लिए 200 करोड़ का बजट केंद्र सरकार देगी। सेंटर को यहां स्थापित करने के लिए जगह के संबंध में स्थानीय सांसद डॉ. मुरली मनोहर जोशी से भी वार्ता की जाएगी। उम्मीद है कि बंद पड़ी बीआईसी की मिलों के किसी परिसर में जगह मुहैया हो जाएगी।
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उन्होंने बताया कि उनके मंत्रालय ने एक साल में देश के दस हजार युवकों को नौकरी दी है। 60 हजार नए लघु उद्योगों को रजिस्टर्ड किया गया है। उद्योग स्थापित करने में आने वाली परेशानी को दूर करने के लिए इंस्पेक्टर राज व्यवस्था पर अंकुश लगाया गया है। उन्होंने बताया कि बेरोजगार से स्वरोजगार की यात्रा शुरू की है, जिसके तहत यह सभी काम किए जा रहे हैं। देशभर में जगह-जगह मैन्युफैक्चरिंग हब स्थापित करने की योजना तैयार की गई है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों का नए सिरे से संचालन अभी मुश्किल है। इसलिए मंत्रालय का फोकस लघु उद्योगों और चल सकने वाली इकाइयों की तरफ है। उन्होंने बताया कि कौशल विकास के तहत आठ लाख युवकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। नमामि गंगे योजना को उन्होंने नरेंद्र मोदी की सबसे सफल योजना बताया। कलराज मिश्र ने राहुल गांधी की सूटबूट वाली सरकार की टिप्पणी को गलत बताया। कहा किसी के पहनावे पर कुछ कहना ठीक नहीं है। इस मौके पर विधायक सत्यदेव पचौरी, रघुनंदन सिंह भदौरिया, सुरेंद्र मैथानी, सुरेश अवस्थी, सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
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