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Kanpur News: अपराध किए साथ...साथी मुख्तार की मौत से भीम सिंह और हरिहर सिंह अंजान

Sat, 30 Mar 2024 12:38 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 30 Mar 2024 12:38 AM IST
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Committed crimes together...Bhim Singh and Harihar Singh unaware of the death of partner Mukhtar
इटावा। माफिया मुख्तार अंसारी की हार्टअटैक से मौत के बाद जहां देश में हलचल मची हुई है, वहीं सैफई के महोला स्थित सेंट्रल जेल में बंद मुख्तार के दो साथी भीम सिंह और हरिहर सिंह इस घटनाक्रम से अंजान हैं। हाई सिक्योरिटी जेल में उन्हें बाहरी दुनिया की सूचनाएं नहीं मिल रहीं।
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गाजीपुर के गैंगवार में शामिल रह चुके मुख्तार अंसारी के खास साथी हरिहर सिंह और भीम सिंह सितंबर 2023 को गाजीपुर जेल से इटावा के महोला स्थित कारागार में कड़ी सुरक्षा के बीच लाए गए थे। इन्हें प्रदेश की सबसे हाई सिक्योरिटी वाले केंद्रीय कारागार की दो स्पेशल सेलों में रखा गया है। यहां की स्पेशल सेल में वरिष्ठ अधीक्षक डॉ. रामधनी सिंह और जेलर एके गुप्ता के अलावा किसी को भी जाने की अनुमति नहीं है।
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वहीं, भीम सिंह और हरिहर सिंह को भी स्पेशल सेल से बाहर लाने की किसी को अनुमति नहीं है। हाई सिक्योरिटी की वजह से जेल में किसी भी तरह के रेडियो, एफएम, टीवी या अखबार अंदर नहीं पहुंचते। ऐसे में मुख्तार अंसारी की मौत से यहां जेल में बंद उनके साथी अभी अंजान हैं। जेलर एके गुप्ता ने बताया कि दोनों जब से आए हैं तब से शांति से जेल के नियमों के अनुसार रह रहे हैं। सप्ताह में दो बार सत्यापित परिवार के दो नंबरों पर ही जेल के बूथ से वह कुछ मिनट के लिए बात करते हैं। गुरुवार सुबह से उनकी किसी से बात नहीं हुई। हाई सिक्योरिटी सेल में किसी के भी जाने की अनुमति नहीं है।
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हरिहर ने 39 साल पहले की थी माफिया त्रिभुवन के पिता की हत्या
पूर्वांचल के गैंगवार में हरिहर सिंह की भी अहम भूमिका रही है। 39 साल पहले 1984 में गाजीपुर के सैदपुर के मुड़ियार निवासी रमपत उर्फ रामपति सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में त्रिभुवन के भाई विजय शंकर सिंह ने जून 1984 को सैदपुर कोतवाली में तहरीर देकर अपने पिता की हत्या हरिहर सिंह समेत तीन लोगों द्वारा करने का आरोप लगाया था। 30 अप्रैल 2023 को हरिहर सिंह निवासी बरहट गाजीपुर को इस मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई थी।





बनारस में हुई थी अवधेश राय की हत्या
तीन अगस्त 1991 को वाराणसी में अवधेश राय की हत्या सहित पांच मामलों की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इन्हीं मामलों को लेकर मुख्तार अंसारी और भीम सिंह के खिलाफ वहां की कोतवाली में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। 15 दिसंबर 2022 को इस मामलों में दोनों को दस-दस वर्ष की सजा सुनाई थी।




सरकारी नौकरी में था भीम सिंह

जानकारी के अनुसार, भीम सिंह और हरिहर सिंह दोनों ही व्यापारी परिवार से हैं। बताते हैं कि भीम सिंह गैंगवार से पहले किसी विभाग में सरकारी नौकरी करता था। मुख्तार से दोस्ती निभाने की वजह से उसका नाम वारदातों में आ गया और उसे सजा हो गई।
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