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सोशल मीडिया पर अफसरों के खिलाफ टिप्पणी करने वाले सैनिक ने तोड़ा अनशन
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 17 Jan 2017 11:40 PM IST
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यज्ञ प्रताप सिंह
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सोशल मीडिया पर सैन्य अफसरों के खिलाफ टिप्पणी करने वाले सैनिक यज्ञ प्रताप ने मंगलवार को अनशन खत्म कर दिया है। फर्रुखाबाद 14 राजपूत रेजिमेंट से सेना के अस्पताल बरेली में भर्ती कराया गया है। यह जानकारी कमांडेंट ब्रिगेडियर टीसी मल्होत्रा ने दी।
राजपूत रेजीमेंट सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर टीसी मल्होत्रा ने बताया कि लांस नायक यज्ञ प्रताप सिंह ने बरेली अस्पताल में भूख हड़ताल समाप्त कर भोजन खाना शुरू कर दिया है। उसे बेहतर उपचार के लिए बरेली स्थित सेना के अस्तपाल में भर्ती कराया गया है। सैनिक पर कार्रवाई किए जाने के सवाल पर उन्होंने बताया कि पूरा मामला सेना के उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है। उस पर उच्च स्तर से ही कार्रवाई तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि यज्ञ प्रताप के परिजनों को मिलने के लिए बुलाया गया लेकिन कोई नहीं आया है।
देहरादून में तैनाती के दौरान बूट पालिश करते वीडियो बनाया गया
मध्य प्रदेश के रीवां जिले के गांव रघुराजगढ़ निवासी लांस नायक यज्ञ प्रताप सिंह 14 राजपूत रेजिमेंट में कार्यरत है। देहरादून में तैनाती के दौरान उसका एक वीडियो बूट पालिश करते हुए बनाया गया। यह वीडियो कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो के न्यूज चैनलों की सुर्खियां बनने के बाद सैन्य प्रशासन से रक्षा मंत्रालय ने जानकारी मांगी। यज्ञ प्रताप की खोज की गई तो पता चला, वह फतेहगढ़ में तैनात है। उसकी रेजिमेंट सियाचीन में तैनात है। यज्ञ प्रताप को भी सियाचिन जाना था। बताया जाता है कि तब तक यज्ञ प्रताप चुस्त-दुरुस्त था, लेकिन बर्फीले क्षेत्र में तैनाती मिलने पर उसने बीमारी बताकर कैटेगरी-सी हासिल कर ली। उसे सियाचिन नहीं भेजा गया। उसे देहरादून में तैनाती मिली। इसके बाद ही उसने सैन्य अधिकारियों पर आरोप-प्रत्यारोप लगाकर वीडियो बनाया। वीडियो मेें यज्ञ प्रताप ने अफसरों पर आरोप लगाए कि वह जवानों से अपने जूतों में पालिश करवाते हैं। बच्चों को खिलाने के साथ ही अफसरों और उनके परिवारों के कपड़े साफ करवाए जाते हैं।
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राजपूत रेजीमेंट सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर टीसी मल्होत्रा ने बताया कि लांस नायक यज्ञ प्रताप सिंह ने बरेली अस्पताल में भूख हड़ताल समाप्त कर भोजन खाना शुरू कर दिया है। उसे बेहतर उपचार के लिए बरेली स्थित सेना के अस्तपाल में भर्ती कराया गया है। सैनिक पर कार्रवाई किए जाने के सवाल पर उन्होंने बताया कि पूरा मामला सेना के उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है। उस पर उच्च स्तर से ही कार्रवाई तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि यज्ञ प्रताप के परिजनों को मिलने के लिए बुलाया गया लेकिन कोई नहीं आया है।
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देहरादून में तैनाती के दौरान बूट पालिश करते वीडियो बनाया गया
मध्य प्रदेश के रीवां जिले के गांव रघुराजगढ़ निवासी लांस नायक यज्ञ प्रताप सिंह 14 राजपूत रेजिमेंट में कार्यरत है। देहरादून में तैनाती के दौरान उसका एक वीडियो बूट पालिश करते हुए बनाया गया। यह वीडियो कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो के न्यूज चैनलों की सुर्खियां बनने के बाद सैन्य प्रशासन से रक्षा मंत्रालय ने जानकारी मांगी। यज्ञ प्रताप की खोज की गई तो पता चला, वह फतेहगढ़ में तैनात है। उसकी रेजिमेंट सियाचीन में तैनात है। यज्ञ प्रताप को भी सियाचिन जाना था। बताया जाता है कि तब तक यज्ञ प्रताप चुस्त-दुरुस्त था, लेकिन बर्फीले क्षेत्र में तैनाती मिलने पर उसने बीमारी बताकर कैटेगरी-सी हासिल कर ली। उसे सियाचिन नहीं भेजा गया। उसे देहरादून में तैनाती मिली। इसके बाद ही उसने सैन्य अधिकारियों पर आरोप-प्रत्यारोप लगाकर वीडियो बनाया। वीडियो मेें यज्ञ प्रताप ने अफसरों पर आरोप लगाए कि वह जवानों से अपने जूतों में पालिश करवाते हैं। बच्चों को खिलाने के साथ ही अफसरों और उनके परिवारों के कपड़े साफ करवाए जाते हैं।
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