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सर्दी का सितम: ब्लड प्रेशर अनियंत्रित होने पर रोगियों को पड़ रहा हार्ट अटैक, पांच लोगों की मौत
Mon, 03 Jan 2022 11:28 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 03 Jan 2022 11:28 PM IST
सार
सीएमओ डॉ. नैपाल सिंह का कहना है कि ठंड में क्रोनिक रोगी खासतौर पर सतर्क रहें। ठंड से बचाव करें और दवा की डोज दुरुस्त करा लें।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
शीत लहर में फ्लू के रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हैलट ओपीडी में सोमवार को जुकाम, खांसी, बुखार के रोगियों की भरमार रही। एक दर्जन रोगियों को गंभीर हालत में इमरजेंसी में भर्ती किया गया है। तीन रोगियों की हार्ट अटैक से मौत हो गई।
दो दमा रोगियों की मौत हुई है। सबसे अधिक दिक्कत ब्लड प्रेशर के रोगियों को है। बीपी अनियंत्रित होने से रोगियों को हार्ट अटैक पड़ रहा है। ब्रेन अटैक के रोगी भी बढ़ रहे हैं। हैलट और उर्सला की मेडिसिन ओपीडी में तीन सौ अधिक रोगी देखे गए। इनमें ज्यादातर जुकाम, बुखार और खांसी के मरीज थे।
वहीं, ब्लड प्रेशर अनियंत्रित होने से किदवईनगर के राघव (65) और यहीं की शकुंतला (66) की हृदयाघात से मौत हुई है। नवाबगंज के रेहान (62) की हार्ट अटैक से मौत हुई। उनके हार्ट के वॉल्व की सर्जरी दो महीने पहले हुई थी। रावतपुर क्षेत्र के निजाम (70) और फजलगंज के विश्वजीत (55) की दमा से मौत हुई। इनका इलाज चेस्ट हॉस्पिटल में ओपीडी स्तर पर चल रहा था। हैलट के मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि वायरल संक्रमण के रोगी अधिक आ रहे हैं। कुछ रोगियों को गंभीर हालत में भर्ती किया गया।
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दो दमा रोगियों की मौत हुई है। सबसे अधिक दिक्कत ब्लड प्रेशर के रोगियों को है। बीपी अनियंत्रित होने से रोगियों को हार्ट अटैक पड़ रहा है। ब्रेन अटैक के रोगी भी बढ़ रहे हैं। हैलट और उर्सला की मेडिसिन ओपीडी में तीन सौ अधिक रोगी देखे गए। इनमें ज्यादातर जुकाम, बुखार और खांसी के मरीज थे।
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वहीं, ब्लड प्रेशर अनियंत्रित होने से किदवईनगर के राघव (65) और यहीं की शकुंतला (66) की हृदयाघात से मौत हुई है। नवाबगंज के रेहान (62) की हार्ट अटैक से मौत हुई। उनके हार्ट के वॉल्व की सर्जरी दो महीने पहले हुई थी। रावतपुर क्षेत्र के निजाम (70) और फजलगंज के विश्वजीत (55) की दमा से मौत हुई। इनका इलाज चेस्ट हॉस्पिटल में ओपीडी स्तर पर चल रहा था। हैलट के मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि वायरल संक्रमण के रोगी अधिक आ रहे हैं। कुछ रोगियों को गंभीर हालत में भर्ती किया गया।
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