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Kanpur News: ठंड से घट रही पल्स रेट, रोज 20 रोगियों के लग रहा पेसमेकर
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कानपुर। ठंड से दिल की बिजली कम हो रही है। इससे रोगियों का पल्स रेट सामान्य 70 के स्थान पर घटकर 35 तक आ जा रहा है। रोगी अर्द्ध बेहोशी की स्थिति में कार्डियोलॉजी आ रहे हैं। साथ ही हार्ट अटैक के रोगी बढ़ गए हैं। ज्यादातर रोगियों को तड़के एंजाइना का दर्द उठ रहा है। कार्डियोलॉजी में औसत 20 पेसमेकर प्रतिदिन लग रहे हैं। रोगियों का गंभीर हालत में इलाज किया जा रहा है।
एलपीएस कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रोफेसर राकेश कुमार वर्मा ने बताया कि जाड़े में रोगियों के हृदय के एबी नोड और एसए नोड में सुस्ती आ जा रही है। इनसे हृदय में विद्युत तरंगों का प्रवाह होता है। इसी से व्यक्ति के हृदय की पल्स रेट सामान्य रहती है। पल्स रेट नीचे चले जाने से रोगी अचानक बेहोश हो सकता है। इसके अलावा मौत भी हो सकती है। जो रोगी आ रहे हैं, उन्हें तत्काल अस्थायी पेस मेकर लगाकर स्थिर किया जा रहा है। इसके बाद स्थायी पेस मेकर लगा दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि गुरुवार को हार्ट अटैक के 68 रोगी आए। शुक्रवार शाम पांच बजे तक 40 रोगी भर्ती किए गए। जाड़े में हार्ट अटैक के मामले बढ़ जाते हैं। रोगियों को अपनी दवा की खुराक दुरुस्त करा लेनी चाहिए। गर्मी के दिनों की खुराक लेने वालों का बीपी अचानक बढ़ सकता है। इससे हार्ट अटैक आने का खतरा होता है।
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डेंगू के पांच, ब्रेन स्ट्रोक के छह रोगी
-हैलट इमरजेंसी में शुक्रवार शाम चार बजे तक 46 रोगी भर्ती किए गए। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. बीपी प्रियदर्शी ने बताया कि पांच रोगियों में डेंगू की पुष्टि हुई है। ब्रेन स्ट्रोक के छह रोगी आए। इनमें तीन रोगियों को हेमरेज हो गया था। इसके अलावा ओपीडी में जुकाम, खांसी, बुखार तथा सांस फूलने के लक्षणों वाले रोगियों की भरमार रही।
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एलपीएस कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रोफेसर राकेश कुमार वर्मा ने बताया कि जाड़े में रोगियों के हृदय के एबी नोड और एसए नोड में सुस्ती आ जा रही है। इनसे हृदय में विद्युत तरंगों का प्रवाह होता है। इसी से व्यक्ति के हृदय की पल्स रेट सामान्य रहती है। पल्स रेट नीचे चले जाने से रोगी अचानक बेहोश हो सकता है। इसके अलावा मौत भी हो सकती है। जो रोगी आ रहे हैं, उन्हें तत्काल अस्थायी पेस मेकर लगाकर स्थिर किया जा रहा है। इसके बाद स्थायी पेस मेकर लगा दिया जाता है।
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उन्होंने बताया कि गुरुवार को हार्ट अटैक के 68 रोगी आए। शुक्रवार शाम पांच बजे तक 40 रोगी भर्ती किए गए। जाड़े में हार्ट अटैक के मामले बढ़ जाते हैं। रोगियों को अपनी दवा की खुराक दुरुस्त करा लेनी चाहिए। गर्मी के दिनों की खुराक लेने वालों का बीपी अचानक बढ़ सकता है। इससे हार्ट अटैक आने का खतरा होता है।
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डेंगू के पांच, ब्रेन स्ट्रोक के छह रोगी
-हैलट इमरजेंसी में शुक्रवार शाम चार बजे तक 46 रोगी भर्ती किए गए। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. बीपी प्रियदर्शी ने बताया कि पांच रोगियों में डेंगू की पुष्टि हुई है। ब्रेन स्ट्रोक के छह रोगी आए। इनमें तीन रोगियों को हेमरेज हो गया था। इसके अलावा ओपीडी में जुकाम, खांसी, बुखार तथा सांस फूलने के लक्षणों वाले रोगियों की भरमार रही।