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Kanpur News: बेसमेंट में संचालित हो रहे कोचिंग, अस्पताल व पैथालॉजी
Mon, 06 Oct 2025 12:36 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Mon, 06 Oct 2025 12:36 AM IST
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कानपुर देहात। फर्रुखाबाद की घटना से सबक लेने की जरूरत है। जिले में भी अवैध रूप से भूमिगत तल (बेसमेंट) में कोचिंग, अस्पताल व अन्य कारोबारी गतिविधियां चल रही हैं। जबकि बेसमेंट में इस तरह की गतिविधि पूरी तरह से अवैध है। जरूरी सुरक्षा इंतजाम की कमी से बेसमेंट में हादसे का खतरा भी है।
फर्रुखाबाद में शनिवार दोपहर सेंट्रल जेल के पास अवैध रूप से संचालित कोचिंग सेंटर में भीषण धमाके की घटना में दो छात्रों की मौत हो गई। सात अन्य घायल हैं। अधिकारी भूमिगत तल में बने सीवर टैंक में मीथेन गैस के रिसाव को विस्फोट की वजह मान रहे हैं। हालांकि सही वजह जानने के लिए एटीएस व तीन सदस्यीय डीएम की बनाई कमेटी जांच कर रही है।
इधर, जिले में भी बेसमेंट में अवैध तरीके से कारोबारी गतिविधियां चल रही हैं। रसूलाबाद, अकबरपुर, सिकंदरा आदि जगह भूमिगत तल में कोचिंग संचालित हैं। ये गतिविधियां घनी आबादी क्षेत्र में संचालित हैं। ऐसे में यदि कोई घटना हो तो त्वरित मदद पहुंचने में भी मुश्किल आएगी। लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं। इसकी वजह से बेसमेंट में लोग कारोबारी गतिविधियां संचालित करने लगते हैं।
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फोटो- 12 अकबरपुर के नेहरू नगर में बेसमेंट में संचालित निजी अस्पताल की गतिविधियां। संवाद
फोटो- 14 अकबरपुर के नयागंज में बेसमेंट में संचालित कारोबारी गतिविधि। संवाद
केस एक :
जिला मुख्यालय के नगर अकबरपुर में तेजी से बेसमेंट बनाए गए हैं। नए निर्माणाधीन भवनों में भी बेसमेंट बनाए जा रहे हैं। व्यावसायिक स्थल होने की वजह से इस तरह के निर्माण की अधिकता है। इससे खतरा भी उतना ही अधिक है। नगर में घनी आबादी के इलाके गिहार बस्ती के ठीक सामने अवैध तरीके से निजी अस्पताल में बेसमेंट में चिकित्सकीय गतिविधि की जा रही हैं। वहीं नयागंज में पॉवर हाउस गली में बेसमेंट में चक्की कारखाना संचालित है। उसके बगल में ही कारोबारी गतिविधि धड़ल्ले से चल रही है। माती रोड पर भी कई प्रतिष्ठान बेसमेंट में संचालित हैं। इसमें निजी अस्पताल, पैथालॉजी, अल्ट्रासाउंड सेंटर, कोचिंग सेंटर व जिम शामिल हैं।
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फोटो- 15 रूरा में बेसमेंट में संचालित कोचिंग। संवाद
केस दो :
रूरा नगर में डेरापुर मार्ग पर थाने के करीब बेसमेंट में अवैध कोचिंग संचालित हो रही है। करीब पांच साल से यह कोचिंग चल रही है मगर जिम्मेदार अधिकारी अनदेखी किए हैं। एक हॉल में करीब सौ बच्चे एक साथ बैठाकर पढ़ाने से कभी भी हादसा हो सकता है। इधर अकबरपुर मार्ग व शिवली मार्ग पर निजी अस्पताल की गतिविधियां भी बेसमेंट में संचालित हैं। इसकी तरफ भी किसी का ध्यान नहीं है।
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फोटो-13 पुखरायां मेन रोड पर बेसमेंट में संचालित दुकानें। संवाद
केस तीन :
पुखरायां में मेनरोड मुख्य बाजार में बेसमेंट में दुकानें खुली हैं। यहां ग्राहकों की पूरे दिन आवाजाही रहती है। सुरक्षा के जरूरी इंतजाम भी नहीं है। वहीं कई बेसमेंट में दुकानों का निर्माण भी हो रहा है। इसके बाद भी पुखरायां नगर निकाय की ओर से किसी भवन स्वामी को कोई नोटिस तक नहीं दी गई है। लोगों का कहना है कि जिम्मेदारों की अनदेखी से बेसमेंट में अवैध तरीके से दुकानें संचालित हो रही हैं।
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वर्जन......
तय मानकों के अनुसार ही कोचिंग संचालन की अनुमति दी जाती है। इसमें अग्निशमन सुरक्षा इंतजाम और आने जाने के दो रास्ते के साथ ही जनसुविधाएं जरूरी हैं। जिले में करीब 40 कोचिंग का लाइसेंस हैं। करीब 15 कोचिंग के लाइसेंस आवेदन मानक पूरे नहीं होने से लंबित हैं। आवेदकों को नोटिस दी गई है। वहीं करीब 6 पुराने कोचिंग लाइसेंस नवीनीकृत नहीं कराने वाले संचालकों को भी नोटिस दी गई है। बेसमेंट में कोचिंग की अनुमति नहीं है। निरीक्षण में ऐसी कोचिंग मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। - बृजभूषण चौधरी, डीआईओएस
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बेसमेंट में कारोबारी गतिविधि संचालित होने से खतरा रहता है। किसी निजी अस्पताल की बेसमेंट की फायर एनओसी नहीं दी गई है। यदि कोई बेसमेंट में इस तरह की गतिविधि संचालित कर रहा है तो पूरी तरह से अवैध है। निरीक्षण में बेसमेंट में चिकित्सकीय गतिविधि मिलने पर नोटिस देकर कार्रवाई की जाएगी। बेसमेंट में अन्य कारोबारी गतिविधि या कोचिंग भी नियमानुसार नहीं है। खतरें के मद्देनजर लोगों को जागरूक किया जाएगा। - प्रतीक श्रीवास्तव, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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कोचिंग लाइसेंस के लिए शर्तें
-जरूरत के अनुसार अग्निशमन सुरक्षा उपकरण
-महिला व पुरुष के लिए अलग-अलग शौचालय
-कोचिंग में आने व जाने के लिए अलग अलग रास्ते व खिड़कियां
-पर्याप्त पेयजल उपलब्धता
-भवन के सभी हिस्सों में बिजली आपूर्ति
-पार्किंग से स्थान की उपलब्धता
-बेसमेंट में कोचिंग संचालन की अनुमति नहीं
-स्कूलों की छुट्टी के बाद के समय में कोचिंग संचालन
-कोचिंग लाइसेंस का हर तीन साल में नवीनीकरण
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फर्रुखाबाद में शनिवार दोपहर सेंट्रल जेल के पास अवैध रूप से संचालित कोचिंग सेंटर में भीषण धमाके की घटना में दो छात्रों की मौत हो गई। सात अन्य घायल हैं। अधिकारी भूमिगत तल में बने सीवर टैंक में मीथेन गैस के रिसाव को विस्फोट की वजह मान रहे हैं। हालांकि सही वजह जानने के लिए एटीएस व तीन सदस्यीय डीएम की बनाई कमेटी जांच कर रही है।
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इधर, जिले में भी बेसमेंट में अवैध तरीके से कारोबारी गतिविधियां चल रही हैं। रसूलाबाद, अकबरपुर, सिकंदरा आदि जगह भूमिगत तल में कोचिंग संचालित हैं। ये गतिविधियां घनी आबादी क्षेत्र में संचालित हैं। ऐसे में यदि कोई घटना हो तो त्वरित मदद पहुंचने में भी मुश्किल आएगी। लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं। इसकी वजह से बेसमेंट में लोग कारोबारी गतिविधियां संचालित करने लगते हैं।
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फोटो- 12 अकबरपुर के नेहरू नगर में बेसमेंट में संचालित निजी अस्पताल की गतिविधियां। संवाद
फोटो- 14 अकबरपुर के नयागंज में बेसमेंट में संचालित कारोबारी गतिविधि। संवाद
केस एक :
जिला मुख्यालय के नगर अकबरपुर में तेजी से बेसमेंट बनाए गए हैं। नए निर्माणाधीन भवनों में भी बेसमेंट बनाए जा रहे हैं। व्यावसायिक स्थल होने की वजह से इस तरह के निर्माण की अधिकता है। इससे खतरा भी उतना ही अधिक है। नगर में घनी आबादी के इलाके गिहार बस्ती के ठीक सामने अवैध तरीके से निजी अस्पताल में बेसमेंट में चिकित्सकीय गतिविधि की जा रही हैं। वहीं नयागंज में पॉवर हाउस गली में बेसमेंट में चक्की कारखाना संचालित है। उसके बगल में ही कारोबारी गतिविधि धड़ल्ले से चल रही है। माती रोड पर भी कई प्रतिष्ठान बेसमेंट में संचालित हैं। इसमें निजी अस्पताल, पैथालॉजी, अल्ट्रासाउंड सेंटर, कोचिंग सेंटर व जिम शामिल हैं।
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फोटो- 15 रूरा में बेसमेंट में संचालित कोचिंग। संवाद
केस दो :
रूरा नगर में डेरापुर मार्ग पर थाने के करीब बेसमेंट में अवैध कोचिंग संचालित हो रही है। करीब पांच साल से यह कोचिंग चल रही है मगर जिम्मेदार अधिकारी अनदेखी किए हैं। एक हॉल में करीब सौ बच्चे एक साथ बैठाकर पढ़ाने से कभी भी हादसा हो सकता है। इधर अकबरपुर मार्ग व शिवली मार्ग पर निजी अस्पताल की गतिविधियां भी बेसमेंट में संचालित हैं। इसकी तरफ भी किसी का ध्यान नहीं है।
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फोटो-13 पुखरायां मेन रोड पर बेसमेंट में संचालित दुकानें। संवाद
केस तीन :
पुखरायां में मेनरोड मुख्य बाजार में बेसमेंट में दुकानें खुली हैं। यहां ग्राहकों की पूरे दिन आवाजाही रहती है। सुरक्षा के जरूरी इंतजाम भी नहीं है। वहीं कई बेसमेंट में दुकानों का निर्माण भी हो रहा है। इसके बाद भी पुखरायां नगर निकाय की ओर से किसी भवन स्वामी को कोई नोटिस तक नहीं दी गई है। लोगों का कहना है कि जिम्मेदारों की अनदेखी से बेसमेंट में अवैध तरीके से दुकानें संचालित हो रही हैं।
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तय मानकों के अनुसार ही कोचिंग संचालन की अनुमति दी जाती है। इसमें अग्निशमन सुरक्षा इंतजाम और आने जाने के दो रास्ते के साथ ही जनसुविधाएं जरूरी हैं। जिले में करीब 40 कोचिंग का लाइसेंस हैं। करीब 15 कोचिंग के लाइसेंस आवेदन मानक पूरे नहीं होने से लंबित हैं। आवेदकों को नोटिस दी गई है। वहीं करीब 6 पुराने कोचिंग लाइसेंस नवीनीकृत नहीं कराने वाले संचालकों को भी नोटिस दी गई है। बेसमेंट में कोचिंग की अनुमति नहीं है। निरीक्षण में ऐसी कोचिंग मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। - बृजभूषण चौधरी, डीआईओएस
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बेसमेंट में कारोबारी गतिविधि संचालित होने से खतरा रहता है। किसी निजी अस्पताल की बेसमेंट की फायर एनओसी नहीं दी गई है। यदि कोई बेसमेंट में इस तरह की गतिविधि संचालित कर रहा है तो पूरी तरह से अवैध है। निरीक्षण में बेसमेंट में चिकित्सकीय गतिविधि मिलने पर नोटिस देकर कार्रवाई की जाएगी। बेसमेंट में अन्य कारोबारी गतिविधि या कोचिंग भी नियमानुसार नहीं है। खतरें के मद्देनजर लोगों को जागरूक किया जाएगा। - प्रतीक श्रीवास्तव, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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कोचिंग लाइसेंस के लिए शर्तें
-जरूरत के अनुसार अग्निशमन सुरक्षा उपकरण
-महिला व पुरुष के लिए अलग-अलग शौचालय
-कोचिंग में आने व जाने के लिए अलग अलग रास्ते व खिड़कियां
-पर्याप्त पेयजल उपलब्धता
-भवन के सभी हिस्सों में बिजली आपूर्ति
-पार्किंग से स्थान की उपलब्धता
-बेसमेंट में कोचिंग संचालन की अनुमति नहीं
-स्कूलों की छुट्टी के बाद के समय में कोचिंग संचालन
-कोचिंग लाइसेंस का हर तीन साल में नवीनीकरण