तपती बुंदेलखंड की जमीन पर पानी के लिए चढ़ा सीएम योगी का पारा
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बुंदेलखंड के चित्रकूटधाम मंडल में पानी पर आंकड़ों की बाजीगरी से सीएम योगी का पारा चढ़ गया। हैंडपंपों की रिबोरिंग और स्थापना मेें जल निगम और जल संस्थान द्वारा की जा रही आंकड़ों की बाजीगरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीरता से लिया। सख्त तेवर अपनाते हुए अफसरों को चेतावनी दी- ‘सुधर जाओ, वरना हमें सुधारना आता है’। अमर उजाला ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को पहले ही आगाह कर दिया था।
शनिवार को छपी खबर के माध्यम से बताया था कि हकीकत से इतर मुख्यमंत्री को संतुष्ट करने के लिए अधिकारियों ने किस तरह से आंकड़ों की बाजीगरी के साथ रिपोर्ट तैयार की है। मुख्यमंत्री ने भी इसका संज्ञान लिया। कलक्ट्रेट सभागार में मंडल स्तरीय समीक्षा बैठक की शुरूआत होते ही आंकड़ों पर नजर डाली तो उनके तेवर बदल गए। हैंडपंपों की रिबोरिंग और अधिष्ठापन के आंकड़ों में गड़बड़ियां पाकर जल निगम और जल संस्थान के अधिकारियों को सख्त लहजे में चेताया। आंकड़ों की गणित तैयार करने वाले अफसरों के चेहरों से हवाइयां उड़ने लगीं। मुख्यमंत्री ने उन्हें सख्त चेतावनी दी है। सुधार न होने पर अगली बैठक में कार्रवाई करने को कहा है।
अन्य जनपदों के मानक बुंदेलखंड पर अव्यवहारिक
बांदा में समीक्षा बैठक में भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य बालमुकुंद शुक्ला ने सीएम को पत्र सौंपकर कहा कि बुंदेलखंड में सभी किसानों के कर्ज माफ होने चाहिए। प्रदेश के अन्य जनपदों के मानक बुंदेलखंड में लागू करना व्यवहारिक नहीं है। यहां परिस्थितियां दूसरी हैं। श्री शुक्ल के मुताबिक सीएम ने कहा कि वह विधिक राय लेकर इस पर संशोधन की कार्रवाई कराएंगे। सांसद भैरौं प्रसाद मिश्र ने सीएम से शिकायत की कि विकास योजनाएं बनाने में अधिकारी मनमानी करते हैं। जनप्रतिनिधियों की राय नहीं लेते। दफ्तरों में बैठ कर बनाई योजनाएं अक्सर फ्लॉप हो जाती हैं। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोई भी सरकारी योजना बनाते समय जनप्रतिनिधियों की राय जरूर लें।
मरीज ने दे डाली योगी को नसीहत
बांदा जिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान एक मरीज ने सीएम को निरीक्षण की नसीहत दे डाली। भर्ती मरीज वीरेंद्र कुमार सेन (बांदा) ने सीएम से दोटूक कहा कि वो कहीं भी निरीक्षण करने जाएं तो पहले से न बताएं। प्रायोजित निरीक्षण का कोई मतलब नहीं है। उसने बताया कि बांदा जिला अस्पताल में भी रातोंरात हुलिया बदल दिया गया। बिना बताए अचानक निरीक्षण करेंगे तो उन्हें मौके पर असलियत दिखाई देगी। इसके बाद वास्तविक सुधार होगा। तभी जनता को सही मायनों में फायदा मिलेगा। इस पर सीएम योगी ने मुस्कुराकर कहा कि ऐसा भी करेंगे।