भ्रष्टाचार पर एक और कार्रवाई: औरैया के डीएम सुनील वर्मा निलंबित, सीएम योगी ने दिए जांच के आदेश, अफसरों में खलबली
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दूसरे कार्यकाल में भी कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सख्त नजर आ रहे हैं। इसके तहत वो भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ धड़ाधड़ एक्शन ले रहे हैं। गाजियाबाद और सोनभद्र के अधिकारियों के बाद अब औरैया के डीएम सुनील वर्मा पर एक्शन लेते हुए निलंबित कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और कामकाज में लापरवाही को लेकर की गई है।
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उत्तर प्रदेश में दोबारा मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचार और कामकाज में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त रूख अपनाए हुए हैं। बता दें कि पिछले कार्यकाल में सीएम योगी 17 आईपीएस अफसरों के खिलाफ भ्रष्टाचार और शासकीय दायित्वों की अवहेलना करने को लेकर कार्रवाई कर चुके हैं। साथ ही, कई आईएएस अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए सस्पेंड किया था।
सीएम योगी ने अपने दूसरे कार्यकाल में कई भ्रष्ट अधिकारियों को निलंबित कर यह स्पष्ट कर दिया है कि जिम्मेदारी की अवहेलना पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में गाजियाबाद और सोनभद्र के अधिकारियों के बाद अब औरैया के डीएम सुनील वर्मा को निलंबित कर दिया गया है। वर्मा, 2013 बैच के आईएएस हैं और रायबरेली जिले के रहने वाले हैं। डीएम के निलंबन पर ट्वीट कर इटावा सांसद रामशंकर कठेरिया ने कहा कि यह बहुत ही सराहनीय फैसला है। औरैया के भ्रष्ट जिलाधिकारी सुनील वर्मा की तरह इटावा जिलाधिकारी की भी जांच होनी चाहिए।
निलंबन के बाद अफसरों में खलबली
बताते चलें कि डीएम सुनील वर्मा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। इसके अलावा जिले के तमाम जनप्रतिनिधियों ने बेवजह परेशान करने और वर्ग विशेष के चलते कार्रवाई करने का आरोप लगाया था। इस पर दो दिन पहले ही एडीजी कानपुर भानु भास्कर, कमिश्नर कानपुर डॉ. राज शेखर ने जांच कर तमाम दस्तावेज जब्त किए थे।
इससे पहले विजिलेंस से गोपनीय तरीके से जांच कराई गई थी। डीएम के निलंबन के बाद जिले के अन्य अफसरों में खलबली मची हुई है। माना जा रहा है कि डीएम के करीबी कई अन्य अधिकारी भी निशाने पर हैं और इन पर भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष समेत अन्य कार्रवाई पड़ी मंहगी
जनवरी माह के अंत में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपू सिंह ने थाने में बैठकर औरैया कोतवाली के इंस्पेक्टर संतोष अवस्थी से अभद्रता की थी। इस मामले में एक वीडियो वायरल हुआ। इसके बाद डीएम व एसपी ने इनके खिलाफ ताबड़तोड़ कई कार्रवाई कर दी थी। इससे पहले अछल्दा ब्लॉक प्रमुख शरद राणा द्वारा बनवाई गई कुछ दुकानों को अवैध बता डीएम ने कार्रवाई की। वहीं, इटावा सांसद रामशंकर कठेरिया भी इनसे नाराज चल रहे थे। हाल ही में एक गुलाब सिंह महाविद्यालय समेत दस विद्यालयों पर की गई कार्रवाई पर भी डीएम को निशाने पर लेते हुए लोगों ने जबरन कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया। इसके साथ ही भाजपा के कुछ नेताओं ने मुख्यमंत्री से शिकायत कर एक वर्ग विशेष को जानबूझ कर परेशान करने का आरोप लगाया। सोमवार को हुई कार्रवाई को इन्हीं प्रकरणों से जोड़ कर देखा जा रहा है।