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सीएम योगी ने बच्चों को गोद में लेकर पुचकारा, विपक्षियों को ललकारा, बोले, सौ-सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली
Fri, 01 Oct 2021 02:53 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 01 Oct 2021 02:53 AM IST
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बच्चों को गोद में लेकर पुचकारा
- फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसभा के मंच से जहां एक ओर अन्नप्राशन योजना के तहत बच्चों को गोद में लेकर पुचकार और दुलार रहे थे तो उसी मंच से माफियाओं, अपराधियों और विपक्षियों को ललकारा भी। मुख्यमंत्री मनीष गुप्ता कांड को लेकर विपक्षियों की राजनीति से बेहद खफा नजर आए।
यही वजह है कि उन्होंने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और दूसरे विपक्षी नेताओं का परिचय देने के लिए सौ-सौ चूहे खा के बिल्ली हज को चली जैसे जुमले को इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को जनता को भला होते देख परेशानी होती है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव का उनसे पहले आकर मनीष के परिजनों से मिलना भी मुख्यमंत्री को अच्छा नहीं लगा।
उन्होंने इशारों, इशारों में कानपुर की जनता को यह बताने की कोशिश की कि भाजपा की सत्ता में ही चैन की सांस लेना संभव है, बाकी तो लुटेरों की सरकार रही है। कहा पिछली सरकार में जितनी भी नौकरियां दी गई सब में नियुक्ति पत्र से पहले एक परिवार ने जमकर वसूली की।
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जनप्रतिनिधियों में भी भरा जोश
मुख्यमंत्री ने कानपुर के जनप्रतिनधियों में भी मंच से जोश भरा। कहा कि महानगर में पिछले साढ़े चार साल में जो कुछ परिवर्तन देखने को मिल रहा है। उसमें उनकी पार्टी के जनप्रतिनिधियों की विशेष भूमिका है। उन्होंने सांसद पचौरी के मंत्री काल की ओडीओपी योजना को याद किया, औद्योगिक निवेश में कैबिनेट मंत्री सतीश महाना की भूमिका सराही।
आर्यनगर, सीसामऊ और छावनी के प्रभारी पूर्व डीजीपी बृजलाल की भी प्रशंसा की। एमएलसी सलिल विश्नोई, अरुण पाठक, विधायक अभिजीत सिंह सांगा, सुरेंद्र मैथानी, महेश त्रिवेदी, उपेंद्र पासवान, भगवती सागर, महापौर प्रमिला पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण की भी सराहना की।
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यही वजह है कि उन्होंने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और दूसरे विपक्षी नेताओं का परिचय देने के लिए सौ-सौ चूहे खा के बिल्ली हज को चली जैसे जुमले को इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को जनता को भला होते देख परेशानी होती है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव का उनसे पहले आकर मनीष के परिजनों से मिलना भी मुख्यमंत्री को अच्छा नहीं लगा।
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उन्होंने इशारों, इशारों में कानपुर की जनता को यह बताने की कोशिश की कि भाजपा की सत्ता में ही चैन की सांस लेना संभव है, बाकी तो लुटेरों की सरकार रही है। कहा पिछली सरकार में जितनी भी नौकरियां दी गई सब में नियुक्ति पत्र से पहले एक परिवार ने जमकर वसूली की।
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जनप्रतिनिधियों में भी भरा जोश
मुख्यमंत्री ने कानपुर के जनप्रतिनधियों में भी मंच से जोश भरा। कहा कि महानगर में पिछले साढ़े चार साल में जो कुछ परिवर्तन देखने को मिल रहा है। उसमें उनकी पार्टी के जनप्रतिनिधियों की विशेष भूमिका है। उन्होंने सांसद पचौरी के मंत्री काल की ओडीओपी योजना को याद किया, औद्योगिक निवेश में कैबिनेट मंत्री सतीश महाना की भूमिका सराही।
आर्यनगर, सीसामऊ और छावनी के प्रभारी पूर्व डीजीपी बृजलाल की भी प्रशंसा की। एमएलसी सलिल विश्नोई, अरुण पाठक, विधायक अभिजीत सिंह सांगा, सुरेंद्र मैथानी, महेश त्रिवेदी, उपेंद्र पासवान, भगवती सागर, महापौर प्रमिला पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण की भी सराहना की।