बुंदेलखंड की धरती को प्यासी नहीं रहने दिया जाएगाः सीएम
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हमीरपुर- कुछेछा के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मैदान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रोटोकाल के तहत सुबह 9:15 बजे आए। अपने प्रथम आगमन पर जनसभा में भारी भीड़ देख गदगद दिखे। वह यह कहने से नहीं चूके कि वर्षों से बुंदेलखंड शासन प्रशासन की उपेक्षा का दंश झेल रहा है। वहीं माफियाओं के शोषण व दोहन का शिकार है। कहा कि बुंदेलखंड को विकसित करने में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। जितने धन की जरूरत होगी प्रदेश सरकार खर्च करेगी।
उन्होंने 188.96 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास किया। साथ ही किसान कर्जमाफी, प्रधानमंत्री आवास व पं.दीनदयाल ज्योति योजना व स्वच्छ भारत मिशन के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। जनसभा के बाद कलक्ट्रेट सभागार में उन्होंने जनप्रतिनिधियों व कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। वहीं अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा की।
वर्षों से बुंदेलखंड की भारी उपेक्षा हुई है
सीएम ने कहा कि खेत, तालाब, शुद्ध पेयजल, केन बेतवा गठजोड़ योजनाएं चालू की जाएंगी। वह यह कहना नहीं भूले कि बुंदेलखंड की धरती को प्यासी नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने सिंचाई के लिए लिफ्ट कैनाल भी बनाने की बात कही। 110 राजकीय नलकूप लगाने की विशेष योजना कही। उन्होंने इन कार्यों पर पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि आखिर यह कार्य क्यों नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के किसानों को निजी नलकूपों पर बिजली का पैसा ज्यादा लगता है इसके लिए विशेष व्यवस्था देनी है।
हर घर को बिजली देने का काम किया जा रहा है
उन्होंने अन्ना प्रथा के मामले में कहा कि गोरक्षा, गो संवर्धन, गो संरक्षण पर काम हो रहा है। बुंदेलखंड के हर जिले में गो अभ्यारण केंद्र खोले जाएंगे। इसके लिए उन्होंने गोसेवा के अध्यक्ष को भेजा था। अधिकारियों व इससे जुड़े संबंधित लोगों से बात करके निचले स्तर पर भी आम लोगों को जोड़ने का काम किया जाएगा। कहा कि बुंदेलखंड की गायों में नस्ल सुधार कार्यक्रम चलाएंगे। कुओं के जीणोद्धार पर भी जोर दिया।
बुंदेलखंड में किया जाएगा औद्योगिकीकरण