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बूंदाबांदी होते ही माथे पर छलका पसीना
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर देहात
Updated Mon, 09 Mar 2015 01:03 AM IST
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कसबे में रविवार की सुबह आसमान में बदली छा गई और बूंदाबांदी होने लगी।
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पानी बरसते ही किसानों के चेहरों पर परेशानी झलकने लगी। गत दिनों हुई तेज
बारिश्ा व हवा चलने किसानों को फसलों में बड़ी मात्रा में नुकसान उठाना पड़ा
है। गेहूं की फसल खेतों में पाटा सा लग गया है।
रविवार को पानी बरसता देख आलू किसान ढेर लगे आलू को पन्नी से ढकने में लग गए। किसान पप्पू राजपूत, लालाराम, कमलेश प्रजापति, पप्पू खान ने बताया कि ज्यादा पानी बरसा तो फसलों को और नुकसान होगा।
गत दिनों हुई बारिश और हवा चलने के बाद गेहूं, चना, लाही, मटर, मसूर व आलू की फसलों में पानी भर गया था। गेहूं की फसल गिर पड़ी पड़ी थी। नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग भारतीय जनता युवा मोर्चा ने की है।
मैथा में भाजयुमो की क्षेत्रीय कमेटी की एक बैठक रविवार को आयोजित की गई। भाजयुमो क्षेत्रीय कमेटी के सह प्रवक्ता राघवेंद्र सिंह ने कहा कि नुकसान की सरकार से भरपाई की मांग की गई। साथ ही ऐसा न होने पर आंदोलन की रणनीति भी तैयार की गई। इस मौके पर गोविंद शुक्ला, गोलू मिश्रा, मोहम्मद यासीन, अमित, जय मौजूद थे।
रविवार को पानी बरसता देख आलू किसान ढेर लगे आलू को पन्नी से ढकने में लग गए। किसान पप्पू राजपूत, लालाराम, कमलेश प्रजापति, पप्पू खान ने बताया कि ज्यादा पानी बरसा तो फसलों को और नुकसान होगा।
गत दिनों हुई बारिश और हवा चलने के बाद गेहूं, चना, लाही, मटर, मसूर व आलू की फसलों में पानी भर गया था। गेहूं की फसल गिर पड़ी पड़ी थी। नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग भारतीय जनता युवा मोर्चा ने की है।
मैथा में भाजयुमो की क्षेत्रीय कमेटी की एक बैठक रविवार को आयोजित की गई। भाजयुमो क्षेत्रीय कमेटी के सह प्रवक्ता राघवेंद्र सिंह ने कहा कि नुकसान की सरकार से भरपाई की मांग की गई। साथ ही ऐसा न होने पर आंदोलन की रणनीति भी तैयार की गई। इस मौके पर गोविंद शुक्ला, गोलू मिश्रा, मोहम्मद यासीन, अमित, जय मौजूद थे।