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क्लाउड-वन इंटरनेशनल ने निवेशकों के करोड़ों हड़पे, देशभर में फैला आरोपियों का जाल, डायरेक्टर गिरफ्तार
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 29 Sep 2018 08:04 AM IST
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डायरेक्टर अरुण कुमार गौतम गिरफ्तार, डेमो पिक
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कानपुर: निवेशकों और एजेंटों के करोड़ों रुपये डकारने वाली क्लाउड-वन इंटरनेशनल नेटवर्क लिमिटेड कंपनी, नई दिल्ली के डायरेक्टर अरुण कुमार गौतम को बर्रा-2 स्थित उनके ही घर से शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस को अब कंपनी के दो और डायरेक्टर प्रदीप सिंह और छपरा बिहार के विष्णु शंकर की तलाश है।
इंस्पेक्टर रवि श्रीवास्तव ने बताया कि खाड़ेपुर, नौबस्ता के शंशाक गुप्ता ने अप्रैल में कंपनी के तीनों डायरेक्टरों पर करीब तीन करोड़ की धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शंशाक के मुताबिक उन्होंने और उनके मित्र धर्मेंद्र कुमार ने पहले अरुण कुमार गौतम की कंपनी ब्लू फोक्स मोशन पिक्चर नेटवर्किंग, फिल्म सिटी नोएडा में निवेश किया था। कंपनी से समय पर रकम अदा कराकर अरुण ने उनका विश्वास हासिल किया।
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इंस्पेक्टर रवि श्रीवास्तव ने बताया कि खाड़ेपुर, नौबस्ता के शंशाक गुप्ता ने अप्रैल में कंपनी के तीनों डायरेक्टरों पर करीब तीन करोड़ की धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शंशाक के मुताबिक उन्होंने और उनके मित्र धर्मेंद्र कुमार ने पहले अरुण कुमार गौतम की कंपनी ब्लू फोक्स मोशन पिक्चर नेटवर्किंग, फिल्म सिटी नोएडा में निवेश किया था। कंपनी से समय पर रकम अदा कराकर अरुण ने उनका विश्वास हासिल किया।
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देशभर के लोगों को लगाया चूना
डेमो पिक
इसके बाद प्रदीप सिंह और विष्णु शंकर के साथ मिलकर डीएलएफ टॉवर बी जसोला विहार नई दिल्ली में क्लाउड-वन इंटरनेशनल नेटवर्क लिमिटेड नाम से कंपनी बनाई, जिसका अरुण सर्वेसर्वा था। उसके कहने पर ही उन्होंने दोस्त धर्मेंद्र समेत कई लोगों के करीब तीन करोड़ रुपये उसकी कंपनी में निवेश किए थे। बदले में अरुण ने स्टांप पेपर पर लिखापढ़ी करने के साथ ही सभी को चेकें भी दी थीं, जो बाउंस हो गईं। इसके बाद उन्हें धोखाधड़ी का एहसास हुआ। इंस्पेक्टर का कहना है कि आरोपी के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार करके धोखाधड़ी में कार्रवाई की गई है। कोर्ट में पेशी के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।
आरोपियों का जाल पूरे देश में फैला है। पुलिस को हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, बिहार और प्रदेश के अलग-अलग जिलों से फोन करके लोग धोखाधड़ी की जानकारी दे रहे हैं। इंस्पेक्टर के मुताबिक धोखाधड़ी की जांच में सामने आए चेहरों तो सिर्फ मोहरे हैं। इस गोरखधंधे के पीछे कई नामचीन चेहरे भी छिपे हैं। जांच के बाद उन्हें भी बेनकाब किया जाएगा। फिलहाल फरार दो अन्य डायरेक्टरों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
आरोपियों का जाल पूरे देश में फैला है। पुलिस को हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, बिहार और प्रदेश के अलग-अलग जिलों से फोन करके लोग धोखाधड़ी की जानकारी दे रहे हैं। इंस्पेक्टर के मुताबिक धोखाधड़ी की जांच में सामने आए चेहरों तो सिर्फ मोहरे हैं। इस गोरखधंधे के पीछे कई नामचीन चेहरे भी छिपे हैं। जांच के बाद उन्हें भी बेनकाब किया जाएगा। फिलहाल फरार दो अन्य डायरेक्टरों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।