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Kanpur News: सिटी बस बंद होने से शिक्षा प्रभावित, छात्र परेशान

Fri, 31 Oct 2025 01:18 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Fri, 31 Oct 2025 01:18 AM IST
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City bus shutdown impacts education, leaves students worried
सरवनखेड़ा (कानपुर देहात)। मूसानगर से गजनेर होते हुए कानपुर के फजलगंज तक चलने वाली सिटी बसों के बंद होने से छात्रों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। प्रतिदिन 60 से अधिक छात्र कॉलेज पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कानपुर आते-जाते हैं। सिटी बसों के बंद होने से अब इन्हें ऑटो या डग्गामार वाहनों से सफर करना पड़ रहा है। इसमें छात्रों को समय व ज्यादा किराया खर्च करना पड़ रहा है।
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फजलगंज से मूसानगर के लिए सात सिटी बसें चलती रही हैं, लेकिन इन बसों की उम्र पूरी होने की वजह से कंडम घोषित कर खड़ा कर दिया गया। ऐसे में गजनेर क्षेत्र के जसवापुर, सैंथा, सेरुवा, तइवारा, जिठरौली, दूदादेव, भदेसा, निनाया, हिलौथी, मुर्रा, तुर्रा, भैथाना सहित कई गांव के लोगों को परेशानी हो रही है। छात्र भौंती व पनकी स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाई के लिए प्रतिदिन जाते व वापसी करते हैं। इन्हें वाहनों के इंतजार में घंटों खड़ा रहना पड़ता है। सोमवार को तड़वाड़ा मोड़ पर खड़े छात्रों ने कहा कि जिम्मेदारों को सिटी बसों की मियाद पूरी होने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया है। अब लोगों को परेशानी हो रही है।
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बोले छात्र-
कानपुर स्थित नारायणा इंजीनियरिंग कॉलेज में एमबीए प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहा हूं। सिटी बस के बंद होने से समस्या हो रही है। पहले बस से 60 रुपये में वापसी हो जाती थी, लेकिन अब ऑटो से आने जाने में समय के साथ सौ रुपये अधिक खर्च करने पड़ रहे हैं। - सौरभ मिश्रा, छात्र
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सरवनखेड़ा स्थित दक्ष्य अकादमी से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा हूं। सिटी बस से संस्थान समय पर पहुंच जाते थे, लेकिन अब वाहन के इंतजार में घंटों लग जाते हैं। कई बार तो देरी होने से क्लास छूट जाती है। ऐसे में समय पर साधन न मिलने पर बाइक वालों से लिफ्ट लेनी पड़ती है। - अनूप कुमार, छात्र
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पनकी स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज एमबीए की पढ़ाई करने के लिए प्रतिदिन आना-जाना होता है। सिटी बस का निर्धारित समय होने से कॉलेज पहुंचने में देरी नहीं होती थी। साथ शाम को समय से घर वापसी हो जाती थी। अब कॉलेज जाने के लिए घंटों पहले निकलना होता है। जबकि वापसी में अंधेरा हो जाता है। - अविनाश मिश्रा, छात्र

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जिम्मेदारों को सिटी बस बंद करने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी। बस न चलने से छात्रों के साथ आमजन को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कानपुर के काकादेव स्थित एक संस्थान से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा हूं। कई बार देर होने पर खतरा होने के बावजूद लोडर आदि से सफर करना पड़ता है। - रामू मिश्रा, छात्र

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वर्जन-
उच्चाधिकारियों से नई बसों को संचालित किए जाने की अनुमति मिल गई है। बसों के निविदा मांगी गई है, जल्द ही मार्गों पर बसों को संचालित किया जाएगा। - अमन सिंह, सहायक प्रबंधन, सिटी बस संचालन
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