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चित्रकूट जेल में गैंगवार : मेराज ने मुकीम को दी थी ईद की बधाई, खूनी खेल की जांच में ये बातें भी सामने आईं
Thu, 20 May 2021 09:16 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 20 May 2021 09:16 AM IST
सार
चित्रकूट जिला जेल में हुए खूनी खेल की जांच में हैरान करने वाले खुलासे हो रहे हैं। गोलीकांड के पहले मेराज ने दूसरी बैरक के पास जाकर मुकीम काला को ईद की बधाई दी थी।
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मुकीम काला और मेराज की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चित्रकूट के जिला जेल में बंद पश्चिमी यूपी के कुख्यात बदमाश मुकीम काला, मेराज और अंशू की हाई सिक्योरिटी बैरक और अस्थायी बैरक एक-दूसरे के पास थी। इसके चलते अक्सर सुबह-शाम तीनों की आपस में नजरें मिलती थीं और एक-दूसरे से बातचीत भी करते थे।
13 मई की शाम को अंधेरा होने के बाद जब अचानक जेल के अधिकारी इनकी बैरक के आसपास पहुंचे और सीसीटीवी कैमरे की जांच कर रहे थे, तभी मेराज और अंशू बैरक के बाहर आए थे। मेराज ने दूसरी बैरक के पास जाकर मुकीम काला को ईद की बधाई दी थी।
14 मई को भी सुबह सभी बंदियों को ईद की बधाई देकर मेराज ने शाम को पनीर पूड़ी की दावत अपनी तरफ से करने को कहा था। जानकारी के अनुसार बैरक से बाहर निकलकर बंदी खुद अपना भोजन लेकर आते हैं। खूनी खेल की जांच के दौरान पता चला कि हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद मेराज अस्थायी बैरक में खाना पूछने के बहाने मुकीम काला के पास जाता था। वह बहाने से उससे मुलाकात करता था। अंशू दीक्षित को शायद यह पसंद नहीं था और वह मेराज से भी खुन्नस मानने लगा था।
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13 मई की शाम को अंधेरा होने के बाद जब अचानक जेल के अधिकारी इनकी बैरक के आसपास पहुंचे और सीसीटीवी कैमरे की जांच कर रहे थे, तभी मेराज और अंशू बैरक के बाहर आए थे। मेराज ने दूसरी बैरक के पास जाकर मुकीम काला को ईद की बधाई दी थी।
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14 मई को भी सुबह सभी बंदियों को ईद की बधाई देकर मेराज ने शाम को पनीर पूड़ी की दावत अपनी तरफ से करने को कहा था। जानकारी के अनुसार बैरक से बाहर निकलकर बंदी खुद अपना भोजन लेकर आते हैं। खूनी खेल की जांच के दौरान पता चला कि हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद मेराज अस्थायी बैरक में खाना पूछने के बहाने मुकीम काला के पास जाता था। वह बहाने से उससे मुलाकात करता था। अंशू दीक्षित को शायद यह पसंद नहीं था और वह मेराज से भी खुन्नस मानने लगा था।
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