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चित्रकूट: ददुआ का हाथी पकड़ा गया, पूर्व विधायक पर रिपोर्ट
Sun, 17 Oct 2021 10:53 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 17 Oct 2021 10:53 PM IST
सार
एसडीओ ने बताया कि मौके पर जाकर जांच पड़ताल की गई तो कागजात फर्जी मिले और हाथी को बेचे जाने को लेकर इसे लौटा कर जिला मुख्यालय लाए। उन्होंने बताया कि इस हाथी को ददुआ के पुत्र पूर्व विधायक वीरसिंह की सुपुर्दगी में दिया गया था। कई बार यह उपद्रव भी कर चुका है।
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पकड़ा गया ददुआ का हाथी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
डाकू ददुआ के हाथी (जयसिंह) को वन विभाग की टीम ने मप्र की सीमा क्षेत्र के वन विभाग के बैरियर के पास ट्रक में पकड़ा है। आरोप है कि हाथी के संरक्षक पूर्व विधायक वीर सिंह पटेल ने इसे गुजरात में किसी को बेच दिया था। इसे ट्रक से ले जाते समय कोठी सतना के पास पकड़ा गया है।
इस मामले में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत पूर्व विधायक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर वन विभाग ने हाथी को दुधवा पार्क भेजा है। पूर्व विधायक ने आरोपों को गलत बताया और इसके खिलाफ कोर्ट जाने की बात कही है। वन विभाग के एसडीओ आरके दीक्षित ने बताया कि कई दिनों से मुखबिर से सूचना मिल रही थी कि डाकू ददुआ का हाथी किसी अन्य प्रांत में बेचने की संभावना है।
इसे लेकर टीम सतर्क थी। शनिवार को इसे जिला मुख्यालय के देवांगना घाटी के पास से एक ट्रक में चढ़ाया गया। जानकारी पर टीम ने सतना मप्र की ओर जाते समय कोठी के सिंहपुर के पास चेकिंग के दौरान ट्रक चालक सही कागजात नहीं दिखा पाये तो उसे रोककर चित्रकूट सूचना दी गई।
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इस मामले में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत पूर्व विधायक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर वन विभाग ने हाथी को दुधवा पार्क भेजा है। पूर्व विधायक ने आरोपों को गलत बताया और इसके खिलाफ कोर्ट जाने की बात कही है। वन विभाग के एसडीओ आरके दीक्षित ने बताया कि कई दिनों से मुखबिर से सूचना मिल रही थी कि डाकू ददुआ का हाथी किसी अन्य प्रांत में बेचने की संभावना है।
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इसे लेकर टीम सतर्क थी। शनिवार को इसे जिला मुख्यालय के देवांगना घाटी के पास से एक ट्रक में चढ़ाया गया। जानकारी पर टीम ने सतना मप्र की ओर जाते समय कोठी के सिंहपुर के पास चेकिंग के दौरान ट्रक चालक सही कागजात नहीं दिखा पाये तो उसे रोककर चित्रकूट सूचना दी गई।
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एसडीओ ने बताया कि मौके पर जाकर जांच पड़ताल की गई तो कागजात फर्जी मिले और हाथी को बेचे जाने को लेकर इसे लौटा कर जिला मुख्यालय लाए। उन्होंने बताया कि इस हाथी को ददुआ के पुत्र पूर्व विधायक वीरसिंह की सुपुर्दगी में दिया गया था। कई बार यह उपद्रव भी कर चुका है।
इसे लेकर विभाग ने पूर्व विधायक को कई बार नोटिस भी दी लेकिन संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। इसके बाद हाथी को बेचने और दूसरे प्रांत भेजने को लेकर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत रैपुरा वन रेंज में पूर्व विधायक व अन्य के खिलाफ रिपेार्ट दर्ज कराई गई है। जल्द ही अन्य कार्रवाई भी कराई जाएगी फिलहाल हाथी को सुरक्षित रखने के लिए दुधवा पार्क भेजा गया है।
इसे लेकर विभाग ने पूर्व विधायक को कई बार नोटिस भी दी लेकिन संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। इसके बाद हाथी को बेचने और दूसरे प्रांत भेजने को लेकर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत रैपुरा वन रेंज में पूर्व विधायक व अन्य के खिलाफ रिपेार्ट दर्ज कराई गई है। जल्द ही अन्य कार्रवाई भी कराई जाएगी फिलहाल हाथी को सुरक्षित रखने के लिए दुधवा पार्क भेजा गया है।
हाथी बेचने के आरोप गलत
सपा के पूर्व विधायक वीर सिंह ने बताया कि यह हाथी (जयसिंह) उनकी देखरेख में रहता है। यह कबरहा मंदिर का है। 2005 के बाद से इसका पंजीयन न होने से इसके कागजात नहीं है। यह मंदिर के दान पत्र में है। यह दान पत्र उनके पास है। इसे वह कैसे बेच सकते हैं।
वन विभाग विपक्षियों के इशारे पर कई बार उन्हें परेशान कर चुका है। यह हाथी मप्र सीमा क्षेत्र व ट्रक में कैसे पहुंचा के इस सवाल पर कहा कि वह अभी लखनऊ में हैं इसकी जानकारी नहीं है। इतना तय है कि उन्होंने हाथी को बेचा नहीं है। उन पर रिपोर्ट दर्ज होने की भी सूचना नहीं है फिलहाल इस प्रकरण में वह कोर्ट जाएंगे और वन विभाग की मनमानी के खिलाफ अपील करेंगे।
सपा के पूर्व विधायक वीर सिंह ने बताया कि यह हाथी (जयसिंह) उनकी देखरेख में रहता है। यह कबरहा मंदिर का है। 2005 के बाद से इसका पंजीयन न होने से इसके कागजात नहीं है। यह मंदिर के दान पत्र में है। यह दान पत्र उनके पास है। इसे वह कैसे बेच सकते हैं।
वन विभाग विपक्षियों के इशारे पर कई बार उन्हें परेशान कर चुका है। यह हाथी मप्र सीमा क्षेत्र व ट्रक में कैसे पहुंचा के इस सवाल पर कहा कि वह अभी लखनऊ में हैं इसकी जानकारी नहीं है। इतना तय है कि उन्होंने हाथी को बेचा नहीं है। उन पर रिपोर्ट दर्ज होने की भी सूचना नहीं है फिलहाल इस प्रकरण में वह कोर्ट जाएंगे और वन विभाग की मनमानी के खिलाफ अपील करेंगे।