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Chitrakoot: खेत की रखवाली करने जा रहे किसान पर सांड़ ने किया हमला, पटक कर मार डाला
Thu, 28 Mar 2024 09:54 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 28 Mar 2024 09:54 PM IST
सार
यूपी के चित्रकूट में सांड़ के हमले से किसान की मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने मिलकर सांड़ को जंगल की ओर खदेड़ दिया है।
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मृतक की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चित्रकूट जिले में खेत की रखवाली करने जा रहे किसान को रास्ते पर सांड़ ने सींग मारकर लहूलुहान कर उठाकर पटक दिया। जब तक ग्रामीण बचाने पहुंचते तब तक किसान की मौत हो चुकी थी। आक्रोशित ग्रामीणों ने सांड़ को पकड़कर जंगल में छोड़ दिया। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार जिम्मेदारों को इस खतरनाक सांड़ को गांव के हटवाने की मांग की पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
सिकरौं गांव निवासी केशन लाल ने बताया कि उसके बडे भाई छेदी लाल (54) प्रतिदिन तरह बुधवार देर शाम घर से खाना खाने के बाद खेत की रखवाली करने जा रहे थे। जैसे ही खेत के पास पहुंचे तो एक मरखना सांड एकदम उनके सामने आ गया। वह बचने के लिए चिल्लाकर भागे लेकिन सांड ने उनपर हमला कर दिया।
घटना के वक्त वह दूसरे खेत में थे। चिल्लाने की आवाज सुनकर वह और कुछ अन्य ग्रामीण उस ओर भागे लेकिन तब तक सांड उनके भाई को लहूलुहान कर चुका था। किसी तरह सांड को वहां से भगाया और छेदीलाल को सीएचसी लाए। जहां डॉक्टरों ने उनके मौत की पुष्टि की। गुरुवार को पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया। मृत किसान के तीन पुत्र चार पुत्रियां हैं। घटना के बाद से पूरे घर में मातम का माहौल है।
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ग्रामीणों में भी इस घटना को लेकर खासा आक्रोश है। गांव के रामस्वयंबर, पीतांबर लाल व अन्य ने बताया कि इस सांड का गांव के आसपास कई महीने से आतंक है। गांव के लल्लू व राममिलन समेत छह लोगों को इसी प्रकार घायल कर चुका है। कई वाहन क्षतिग्रस्त कर चुका है। इसे यहां से हटवाने के लिए प्रधान, सचिव, बीडीओ, तहसीलदार व एसडीएम से कई बार मांग की लेकिन किसी ने नहीं सुनी। इसका नतीजा ही रहा कि गांव के एक किसान की जान चली गई। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने मिलकर सांड़ को जंगल की ओर खदेड़ दिया है।
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सिकरौं गांव निवासी केशन लाल ने बताया कि उसके बडे भाई छेदी लाल (54) प्रतिदिन तरह बुधवार देर शाम घर से खाना खाने के बाद खेत की रखवाली करने जा रहे थे। जैसे ही खेत के पास पहुंचे तो एक मरखना सांड एकदम उनके सामने आ गया। वह बचने के लिए चिल्लाकर भागे लेकिन सांड ने उनपर हमला कर दिया।
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घटना के वक्त वह दूसरे खेत में थे। चिल्लाने की आवाज सुनकर वह और कुछ अन्य ग्रामीण उस ओर भागे लेकिन तब तक सांड उनके भाई को लहूलुहान कर चुका था। किसी तरह सांड को वहां से भगाया और छेदीलाल को सीएचसी लाए। जहां डॉक्टरों ने उनके मौत की पुष्टि की। गुरुवार को पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया। मृत किसान के तीन पुत्र चार पुत्रियां हैं। घटना के बाद से पूरे घर में मातम का माहौल है।
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ग्रामीणों में भी इस घटना को लेकर खासा आक्रोश है। गांव के रामस्वयंबर, पीतांबर लाल व अन्य ने बताया कि इस सांड का गांव के आसपास कई महीने से आतंक है। गांव के लल्लू व राममिलन समेत छह लोगों को इसी प्रकार घायल कर चुका है। कई वाहन क्षतिग्रस्त कर चुका है। इसे यहां से हटवाने के लिए प्रधान, सचिव, बीडीओ, तहसीलदार व एसडीएम से कई बार मांग की लेकिन किसी ने नहीं सुनी। इसका नतीजा ही रहा कि गांव के एक किसान की जान चली गई। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने मिलकर सांड़ को जंगल की ओर खदेड़ दिया है।