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Chitrakoot News: मंदाकिनी का ऐसा रौद्र रूप पहली बार देखा
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02 सीकेटीपी-33- रामघाट स्थित भरत मंदिर का टूटा हिस्सा। संवाद
02 सीकेटीपी-33- रामघाट स्थित भरत मंदिर का टूटा हिस्सा। संवाद
- उतरने के बाद फिर कभी नहीं लौटी मंदाकिनी...इस बार स्थिति अलग
-साधु व समाजसेवी बोले-ऐसा पहली बार देखा
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। मंदाकिनी नदी में तीसरी बार आई बाढ़ ने रामघाट समेत तटवर्ती इलाकों में तबाही मचा दी। दुकानों व मकानों में पानी भरने के साथ कई आश्रम व घाट किनारे बनी कुटियाएं भी प्रभावित हुई हैं। नदी का जलस्तर एक बार बढ़ने के बाद पूरी तरह सामान्य नहीं हो पा रहा है। 29 अगस्त को आई पहली बाढ़ के बाद से मंदाकिनी की जलधारा में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि 2003 में भी मंदाकिनी ने रौद्र रूप दिखाया था लेकिन बाढ़ आने के एक-दो दिन बाद नदी अपने सामान्य स्वरूप में लौट गई थी। इस बार स्थिति अलग है। पानी बार-बार बढ़ रहा है और तीसरी बार बाढ़ आने से रामघाट, तरौहा समेत कई गांवों में लोगों की चिंता बढ़ गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि मंदाकिनी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
17 साल की तपस्या में पहली बार बह गई कुटिया
फोटो-34- त्रिवेणी दास महाराज
उड़ीसा से करीब 17 साल पहले टाठी घाट के जंगल में तपस्या करने आए त्रिवेणी दास जी महाराज ने बताया कि उन्होंने तने वर्षों के दौरान मंदाकिनी का ऐसा रूप पहली बार देखा है। इस बार बाढ़ में घाट किनारे बनी उनकी कुटिया बह गई। बाढ़ का पानी बढ़ने पर साधुओं को बरगद के पेड़ पर चढ़कर जान बचानी पड़ी।
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पहली बाढ़ में बचा सामान, दूसरी में हुआ नुकसान
फोटो-36-रामह्दय दास महाराज
रामायणी कुटी आश्रम के मंहत रामह्दय दास महाराज ने कि उनके जीवनकाल में यह पहली बार है जब मंदाकिनी में लगातार तीसरी बार बाढ़ आई है। पहली बाढ़ में आश्रम में कुछ सामान बच गया था लेकिन दूसरी बाढ़ में काफी नुकसान हुआ। तीसरी बार पानी बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो गई है।
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फोटो-37-दिव्य जीवन दास महाराज
भरत मंदिर के मंहत दिव्य जीवन दास महाराज ने बताया कि मंदाकिनी का रौद्र रूप पहले भी देखा है, लेकिन इस बार नदी का वेग कई गुना अधिक नजर आया। मंदिर का सत्संग हाल प्रभावित हुआ है। मंदिर का दरवाजा व कुछ हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। पहली बार ऐसा हुआ है कि नदी तीसरी बार इतनी तेजी से बढ़ी और इतना विकराल रूप दिखाई दिया।
तीसरी बार बाढ़ की वजह की जांच की मांग
फोटो-38-रामप्रकाश अग्रवाल
समाजसेवी राम प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि चित्रकूट में पहले भी कई दिनों तक बारिश होती रही है लेकिन इस तरह लगातार तीसरी बार बाढ़ आना चिंता की बात है। इसकी वजह की जांच होनी चाहिए। यह पता लगाया जाना जरूरी है कि आखिर मंदाकिनी का जलस्तर बार-बार क्यों बढ़ रहा है।
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- उतरने के बाद फिर कभी नहीं लौटी मंदाकिनी...इस बार स्थिति अलग
-साधु व समाजसेवी बोले-ऐसा पहली बार देखा
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। मंदाकिनी नदी में तीसरी बार आई बाढ़ ने रामघाट समेत तटवर्ती इलाकों में तबाही मचा दी। दुकानों व मकानों में पानी भरने के साथ कई आश्रम व घाट किनारे बनी कुटियाएं भी प्रभावित हुई हैं। नदी का जलस्तर एक बार बढ़ने के बाद पूरी तरह सामान्य नहीं हो पा रहा है। 29 अगस्त को आई पहली बाढ़ के बाद से मंदाकिनी की जलधारा में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि 2003 में भी मंदाकिनी ने रौद्र रूप दिखाया था लेकिन बाढ़ आने के एक-दो दिन बाद नदी अपने सामान्य स्वरूप में लौट गई थी। इस बार स्थिति अलग है। पानी बार-बार बढ़ रहा है और तीसरी बार बाढ़ आने से रामघाट, तरौहा समेत कई गांवों में लोगों की चिंता बढ़ गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि मंदाकिनी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
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17 साल की तपस्या में पहली बार बह गई कुटिया
फोटो-34- त्रिवेणी दास महाराज
उड़ीसा से करीब 17 साल पहले टाठी घाट के जंगल में तपस्या करने आए त्रिवेणी दास जी महाराज ने बताया कि उन्होंने तने वर्षों के दौरान मंदाकिनी का ऐसा रूप पहली बार देखा है। इस बार बाढ़ में घाट किनारे बनी उनकी कुटिया बह गई। बाढ़ का पानी बढ़ने पर साधुओं को बरगद के पेड़ पर चढ़कर जान बचानी पड़ी।
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पहली बाढ़ में बचा सामान, दूसरी में हुआ नुकसान
फोटो-36-रामह्दय दास महाराज
रामायणी कुटी आश्रम के मंहत रामह्दय दास महाराज ने कि उनके जीवनकाल में यह पहली बार है जब मंदाकिनी में लगातार तीसरी बार बाढ़ आई है। पहली बाढ़ में आश्रम में कुछ सामान बच गया था लेकिन दूसरी बाढ़ में काफी नुकसान हुआ। तीसरी बार पानी बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो गई है।
फोटो-37-दिव्य जीवन दास महाराज
भरत मंदिर के मंहत दिव्य जीवन दास महाराज ने बताया कि मंदाकिनी का रौद्र रूप पहले भी देखा है, लेकिन इस बार नदी का वेग कई गुना अधिक नजर आया। मंदिर का सत्संग हाल प्रभावित हुआ है। मंदिर का दरवाजा व कुछ हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। पहली बार ऐसा हुआ है कि नदी तीसरी बार इतनी तेजी से बढ़ी और इतना विकराल रूप दिखाई दिया।
तीसरी बार बाढ़ की वजह की जांच की मांग
फोटो-38-रामप्रकाश अग्रवाल
समाजसेवी राम प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि चित्रकूट में पहले भी कई दिनों तक बारिश होती रही है लेकिन इस तरह लगातार तीसरी बार बाढ़ आना चिंता की बात है। इसकी वजह की जांच होनी चाहिए। यह पता लगाया जाना जरूरी है कि आखिर मंदाकिनी का जलस्तर बार-बार क्यों बढ़ रहा है।