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सर, हम भी लोगों की मदद करना चाहते हैं, हमारी गुल्लक ले लो सर, मना मत करना
Wed, 01 Apr 2020 04:11 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 01 Apr 2020 04:11 PM IST
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एसडीएम को अपनी गोलक सौंपते आगम, पलक एवं शुभ
- फोटो : अमर उजाला
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औरैया जिले के अजीतमल में कोरोना वायरस से निपटने के लिए मासूम बच्चों आगम, पलक और शुभ ने अपनी गुल्लक के ताले खोल दिए। बुधवार को अपनी-अपनी गुल्लक लेकर एसडीएम के पास पहुंचे इन बच्चों को देखकर हर कोई इनके हौसलों की दाद देता नजर आया।
बुधवार को बाबरपुर कस्बे के मोहल्ला नवीन नगर निवासी आगम जैन, पलक जैन (दोनो भाई-बहन) अपने पिता रामकुमार व शुभ जैन अपने पिता विशाल जैन के साथ गुल्लक लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंच गए। वहां पर बच्चे बोले कि 'सर, हम भी लोगों की मदद करना चाहते हैं, ले लो सर, मना मत करना, यह कहते हुए तीनों नौनिहालों ने अपनी गुल्लकों को उपजिलाधिकारी रमेश यादव के सामने रख दिया।
नौनिहालों की बात सुनकर तहसील में मोैजूद लोगों के आंखों में भी आंसू छलक आए। नौनिहालों की जिद के आगे एसडीएम को भी नतमस्तक होना पड़ा। मना करने के बावजूद भी जब बच्चे नहीं माने तो एसडीएम को उनकी बात माननी पड़ी।
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आगम जैन की गोलक में 1275 रुपये, पलक जैन की गोलक में 1872 रुपये और शुभ जैन की गोलक में 1910 रुपये निकले। कुल 5057 रुपये पीडि़तों के लिए देने के बाद नौनिहालों के चेहरों पर इस प्रकार की खुशी दिखाई पड़ी जैसे उनकी मन की कोई बड़ी मुराद पूरी हो गयी हो। उपजिलाधिकारी रमेश यादव ने भी तीनों बच्चों को पेन, डायरी और चाकलेट देकर उत्साहवर्धन किया।
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बुधवार को बाबरपुर कस्बे के मोहल्ला नवीन नगर निवासी आगम जैन, पलक जैन (दोनो भाई-बहन) अपने पिता रामकुमार व शुभ जैन अपने पिता विशाल जैन के साथ गुल्लक लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंच गए। वहां पर बच्चे बोले कि 'सर, हम भी लोगों की मदद करना चाहते हैं, ले लो सर, मना मत करना, यह कहते हुए तीनों नौनिहालों ने अपनी गुल्लकों को उपजिलाधिकारी रमेश यादव के सामने रख दिया।
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नौनिहालों की बात सुनकर तहसील में मोैजूद लोगों के आंखों में भी आंसू छलक आए। नौनिहालों की जिद के आगे एसडीएम को भी नतमस्तक होना पड़ा। मना करने के बावजूद भी जब बच्चे नहीं माने तो एसडीएम को उनकी बात माननी पड़ी।
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आगम जैन की गोलक में 1275 रुपये, पलक जैन की गोलक में 1872 रुपये और शुभ जैन की गोलक में 1910 रुपये निकले। कुल 5057 रुपये पीडि़तों के लिए देने के बाद नौनिहालों के चेहरों पर इस प्रकार की खुशी दिखाई पड़ी जैसे उनकी मन की कोई बड़ी मुराद पूरी हो गयी हो। उपजिलाधिकारी रमेश यादव ने भी तीनों बच्चों को पेन, डायरी और चाकलेट देकर उत्साहवर्धन किया।