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एंबुलेंस की रफ्तार! 50 मीटर दूरी तय करने में लगे 45 मिनट, बच्ची की मौत, परिजनों ने काटा हंगामा

Fri, 12 Apr 2019 08:45 PM IST
प्रशांत कुमार यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रशांत कुमार Updated Fri, 12 Apr 2019 08:45 PM IST
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Child's death due to no treatment in district hospital
जिला अस्पताल में रोते-बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
यूपी के कन्नौज जिले में डायरिया से पीड़ित बच्ची की जिला अस्पताल में उपचार न मिलने से मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में बच्ची को इलाज देने के बजाय रेफर कर दिया गया। एंबुलेंस को फोन किया तो वह अस्पताल परिसर में ही करीब 50 मीटर दूर खड़ी थी, लेकिन 45 मिनट तक नहीं पहुंची। चिकित्सकों और एंबुलेंस चालक की लापरवाही से बच्ची की मौत हुई है। नाराज परिजनों ने अस्पताल में हंगामा काटा। कोई समाधान न निकलने पर परिजन बच्ची के शव को लेकर घर चले गए।
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जिला अस्पताल में उपचार देने के नाम पर इमरजेंसी को छोड़ कर हर जगह लापरवाही बरती जा रही है। चाहे महिला वार्ड हो या बाल रोग, चिकित्सक लापरवाही बरत रहे हैं। इसी का नतीजा है कि आए दिन किसी न किसी मरीज की जान जा रही है। शुक्रवार को सैय्यदपुर सकरी गांव निवासी इरफान अली डायरिया रोग से पीड़ित सात वर्षीय पुत्री फातिमा को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। इमरजेंसी में बच्चों का कोई डॉक्टर न होने से एसएनसीयू वार्ड में मौजूद चिकित्सक के पास भेज दिया गया।
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डॉक्टर ने बच्ची की हालत गंभीर देखने के बाद भी कोई उपचार न देकर कानपुर के लिए रेफर कर दिया। तत्काल एंबुलेंस को फोन किया गया। मौजूद कर्मचारी ने चंद मिनटों में आने की बात कही। इस पर परिजन बच्ची को लेकर जिला अस्पताल परिसर में इमरजेंसी के बाहर आकर बैठ गए। करीब 45 मिनट तक परिजन एंबुलेंस की प्रतीक्षा करते रहे, वह नहीं पहुंची। इसी बीच बच्ची ने दम तोड़ दिया। इससे नाराज परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। करीब आधा घंटे तक परिजनों ने जिला अस्पताल के बाल रोग चिकित्सक पर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि डॉक्टर प्राथमिक उपचार दे देते तो शायद जान बच जाती। डॉक्टर ने उपचार नहीं दिया। दूसरी ओर एंबुलेंस भी देर से पहुंची, इस कारण बच्ची की मौत हो गई।
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महिला विभाग में तीन दिन पूर्व तेरारागी सरैयां निवासी गर्भवती प्रियंका शर्मा की स्टाफ की लापरवाही से मौत हो गई थी। अभी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी। इस संबंध में सीएमएस डॉक्टर आरपी शाक्य का कहना है कि लापरवाही से बच्ची की मौत के मामले की जांच कराई जाएगी, जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।


 
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