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इलाज नहीं मिला, स्वाइन फ्लू से बच्ची की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Sun, 08 Mar 2015 02:55 AM IST
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संक्रामक रोग अस्पताल (आईडीएच) में वेंटीलेटर न मिलने से स्वाइन फ्लू पीड़ित साढ़े तीन साल की मिष्ठी पांडेय की जान चली गई। जूनियर डॉक्टरों ने सिर से बवाल टालने को मिष्ठी को बाल रोग अस्पताल रेफर कर दिया। वहां भी वेंटीलेटर की व्यवस्था नहीं थी और न ही किसी सीनियर डॉक्टर ने बच्ची को देखा।
देर रात तड़पते हुए उसने दम तोड़ दिया। बच्ची के परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। मिष्ठी निजी पैथोलॉजी की रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू पॉजिटिव थी। केरी के पीएसी लाइन गिरजा नगर निवासी मनीष पांडेय की बेटी मिष्ठी की तबियत कुछ दिनों से खराब थी।
हालत में सुधार न होने पर निजी पैथोलॉजी से मिष्ठी की स्वाइन फ्लू की जांच कराई गई। शुक्रवार को स्वाइन फ्लू पॉजिटिव की रिपोर्ट आने के बाद मिष्ठी को आईडीएच में भर्ती कराया गया लेकिन वेंटीलेटर पर नहीं रखा गया।
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काफी प्रयास के बाद भी वेंटीलेटर नहीं चला और मिष्ठी की हालत गंभीर होने लगी तो आईडीएच में मौजूद जूनियर डॉक्टरों ने मिस्टी को बाल रोग अस्पताल भेज दिया। परिजन मिस्टी को लेकर बाल रोग अस्पताल पहुंचे। वहां भी किसी सीनियर डॉक्टर ने उसे नहीं देखा।
रात तकरीबन 1ः30 बजे मिष्ठी की मौत हो गई। मनीष पांडेय का आरोप है कि डॉक्टरों ने आईडीएच से बाल रोग अस्पताल तक खूब लापरवाही की। इधर, एसआईसी के डॉ. आरसी गुप्ता ने कहा कि मामले की जानकारी नहीं है। वह पता लगाएंगे।
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देर रात तड़पते हुए उसने दम तोड़ दिया। बच्ची के परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। मिष्ठी निजी पैथोलॉजी की रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू पॉजिटिव थी। केरी के पीएसी लाइन गिरजा नगर निवासी मनीष पांडेय की बेटी मिष्ठी की तबियत कुछ दिनों से खराब थी।
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हालत में सुधार न होने पर निजी पैथोलॉजी से मिष्ठी की स्वाइन फ्लू की जांच कराई गई। शुक्रवार को स्वाइन फ्लू पॉजिटिव की रिपोर्ट आने के बाद मिष्ठी को आईडीएच में भर्ती कराया गया लेकिन वेंटीलेटर पर नहीं रखा गया।
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काफी प्रयास के बाद भी वेंटीलेटर नहीं चला और मिष्ठी की हालत गंभीर होने लगी तो आईडीएच में मौजूद जूनियर डॉक्टरों ने मिस्टी को बाल रोग अस्पताल भेज दिया। परिजन मिस्टी को लेकर बाल रोग अस्पताल पहुंचे। वहां भी किसी सीनियर डॉक्टर ने उसे नहीं देखा।
रात तकरीबन 1ः30 बजे मिष्ठी की मौत हो गई। मनीष पांडेय का आरोप है कि डॉक्टरों ने आईडीएच से बाल रोग अस्पताल तक खूब लापरवाही की। इधर, एसआईसी के डॉ. आरसी गुप्ता ने कहा कि मामले की जानकारी नहीं है। वह पता लगाएंगे।