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आरटीपीसीआर मशीन व उपकरण रिसीव कर चीफ फार्मासिस्ट बोले आए ही नहीं, स्पष्टीकरण तलब
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कानपुर देहात। जिला अस्पताल में जिनके ऊपर आरटीपीसीआर लैब स्थापित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, वहीं गोलमाल करने में जुटे हैं। चीफ फार्मासिस्ट ने शासन से भेजी गई आरटीपीसीआर मशीन सहित अन्य उपकरण रिसीव कर लिए।
जब सीएमएस व सीएमओ ने पूछा तो वह उपकरण आने से साफ मुकर गए। निरीक्षण करने पर मशीन व उपकरण मुख्य औषधि स्टोर में रखे मिले। चीफ फार्मासिस्ट की ईमानदारी पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए सीएमएस ने स्पष्टीकरण तलब किया है।
जिले में ही कोरोना की जांच के लिए डीएम जेपी सिंह के प्रयास से छह माह पहले आरटीपीसीआर लैब स्थापित करने की कवायद शुरू की गई। इसके लिए पिछले दिनों मेडिकल कारपोरेशन लखनऊ से आरटीपीसीआर मशीन, प्रिंटर, यूपीएस, 12 नग बैटरी, स्टैंड व अन्य सामग्री सीएमओ के पास वेयरहाउस में भेजी गई।
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जिसे जिला अस्पताल पुरुष के चीफ फार्मासिस्ट इंद्रपाल भाटिया ने प्राप्त करते हुए कागज पर रिसीव कर लिया। लैब स्थापित करने के लिए सीएमएस ने जब चीफ फार्मासिस्ट से मशीन व उपकरण आने के बाबत पूछा तो उन्होंने साफ मना कर दिया।
सीएमएस ने सीएमओ डॉ. एके सिंह से जानकारी कर उपकरण प्राप्ति की रसीद मंगाई। जिसमें चीफ फार्मासिस्ट के हस्ताक्षर पाए गए। संदेह होने पर गुरुवार दोपहर सीएमएस ने चीफ फार्मासिस्ट के अधीन मुख्य औषधि स्टोर का निरीक्षण किया।
जहां आरटीपीसीआर मशीन व अन्य उपकरण रखे मिले। इस पर हड़कंप मच गया। चीफ फार्मासिस्ट गलत सूचना देने के बाबत कोई संतोषजनक उत्तर भी नहीं दे सके। जिस पर उनकी निष्ठा व ईमानदारी पर प्रश्न चिंह लगाते हुए स्पष्टीकरण तलब किया गया है। इसके साथ ही पूरे मामले से निदेशक पैरामेडिकल, डीएम, एडी व सीएमओ को भी अवगत कराया गया है।
चीफ फार्मासिस्ट आईपी भाटिया ने पूछताछ में आरटीपीसीआर मशीन व उपकरण आने से इन्कार किया था। निरीक्षण में उपकरण उनके अधीन मुख्य औषधि स्टोर में रखे मिले। चीफ फार्मासिस्ट की कार्यशैली संदेहजनक है। कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उनसे स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
- डॉ. वंदना सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल
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जब सीएमएस व सीएमओ ने पूछा तो वह उपकरण आने से साफ मुकर गए। निरीक्षण करने पर मशीन व उपकरण मुख्य औषधि स्टोर में रखे मिले। चीफ फार्मासिस्ट की ईमानदारी पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए सीएमएस ने स्पष्टीकरण तलब किया है।
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जिले में ही कोरोना की जांच के लिए डीएम जेपी सिंह के प्रयास से छह माह पहले आरटीपीसीआर लैब स्थापित करने की कवायद शुरू की गई। इसके लिए पिछले दिनों मेडिकल कारपोरेशन लखनऊ से आरटीपीसीआर मशीन, प्रिंटर, यूपीएस, 12 नग बैटरी, स्टैंड व अन्य सामग्री सीएमओ के पास वेयरहाउस में भेजी गई।
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जिसे जिला अस्पताल पुरुष के चीफ फार्मासिस्ट इंद्रपाल भाटिया ने प्राप्त करते हुए कागज पर रिसीव कर लिया। लैब स्थापित करने के लिए सीएमएस ने जब चीफ फार्मासिस्ट से मशीन व उपकरण आने के बाबत पूछा तो उन्होंने साफ मना कर दिया।
सीएमएस ने सीएमओ डॉ. एके सिंह से जानकारी कर उपकरण प्राप्ति की रसीद मंगाई। जिसमें चीफ फार्मासिस्ट के हस्ताक्षर पाए गए। संदेह होने पर गुरुवार दोपहर सीएमएस ने चीफ फार्मासिस्ट के अधीन मुख्य औषधि स्टोर का निरीक्षण किया।
जहां आरटीपीसीआर मशीन व अन्य उपकरण रखे मिले। इस पर हड़कंप मच गया। चीफ फार्मासिस्ट गलत सूचना देने के बाबत कोई संतोषजनक उत्तर भी नहीं दे सके। जिस पर उनकी निष्ठा व ईमानदारी पर प्रश्न चिंह लगाते हुए स्पष्टीकरण तलब किया गया है। इसके साथ ही पूरे मामले से निदेशक पैरामेडिकल, डीएम, एडी व सीएमओ को भी अवगत कराया गया है।
चीफ फार्मासिस्ट आईपी भाटिया ने पूछताछ में आरटीपीसीआर मशीन व उपकरण आने से इन्कार किया था। निरीक्षण में उपकरण उनके अधीन मुख्य औषधि स्टोर में रखे मिले। चीफ फार्मासिस्ट की कार्यशैली संदेहजनक है। कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उनसे स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
- डॉ. वंदना सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल