फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Chief Minister Yogi Adityanath inaugurated the Defense Corridor

UP: सीएम योगी ने डिफेंस कॉरिडोर का किया उद्घाटन, 2017 के पहले की सरकार को कोसा

Mon, 26 Feb 2024 06:33 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 26 Feb 2024 06:33 PM IST
सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को डिफेंस कॉरिडोर का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने 2017 के पहले की सरकार पर जम कर निशाना साधा।

विज्ञापन
Chief Minister Yogi Adityanath inaugurated the Defense Corridor
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

साढ़ डिफेंस कॉरिडोर में अदाणी एम्युनिशन और मिसाइल कॉप्लेक्स के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश को विकसित बनाने में प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। प्रदेश के डिफेंस कॉरिडोर के सभी छह नोड देश को डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग के मामले में आत्मनिर्भर बनाने में जुट गए हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार तेजी से काम कर रही है। पूरे देश के 40 प्रतिशत एक्सप्रेस-वे यूपी में हैं। गंगा एक्सप्रेस-वे के बनने के बाद यह हिस्सेदारी 55 प्रतिशत हो जाएगी। मार्च में नए एयरपोर्ट शुरू होंगे। जेवर प्रदेश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि आईआईटी कानपुर और एचबीटीयू के साथ मिलकर डिफेंस कॉरिडोर में स्किल डेवलेपमेंट सेंटर स्थापित किया जा सकता है। उप्र की 56 प्रतिशत आबादी कामकाजी है। देश को विकसित करने में प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उद्घाटन समारोह के दौरान देश के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल मनोज पांडेय भी मौजूद रहे। अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी करण अदाणी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र देकर स्वागत एवं अभिनंदन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एम्युनिशन मैन्यूफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया। इस मौके पर उप्र विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी, राकेश सचान, लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणमय, आईआईडीसी मनोज कुमार सिंह, अदाणी ग्रुप के जीत अदाणी, आशीष राजवंशी मौजूद रहे।
विज्ञापन


यूपी में पहले दंगे होते थे, अब दंगल खेल युवा जीत रहे पदक
मुख्यमंत्री ने पूर्व सरकार पर निशाना साधा। बिना किसी का नाम लिए कहा कि 2017 से पहले यूपी में तमंचे लहराए जाते थे, अब युवाओं के हाथों में टैबलेट हैं। पहले व्यापारियों-उद्यमियों को रंगदारी देनी पड़ती थी। अब पीएम स्वनिधि सम्मान योजना के तहत उन्हें लोन दिया जा रहा है। पहले दंगे होते थे, कफ्र्यू लगते थे, अब दंगल खेले जा रहे हैं। युवा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्वदेशीकरण पर है सेना का पूरा जोर : जनरल मनोज पांडेय
मिसाइलों और आयुध में आत्मनिर्भरता की आवश्यकता पर जोर देते हुए थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडेय ने कहा कि हाल की भू-राजनीतिक घटनाएं इस बात पर जोर देती हैं कि लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष की तैयारी के लिए आयुध के लिए आंतरिक स्रोतों से विश्वसनीय आपूर्ति समय की मांग है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा अहम है। इस पर आत्मनिर्भरता बेहद जरूरी है। इस दिशा में तेजी से काम हो रहा है। सेना के अलग-अलग प्रकार के 1075 में से 1034 (85 प्रतिशत) आयुधों व अन्य साजों-सामान को स्वदेशीकरण किया जा चुका है। नई पीढ़ी के खासकर इलेक्ट्रानिक्स उत्पादों को सेना में बढ़ावा दिया जा रहा है।

रक्षा क्षेत्र मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा : राजनाथ सिंह
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह कार्यक्रम के दौरान विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जुड़े। उन्होंने कहा कि देश की तीनों सेनाओं को 2014 के बाद से आधुनिक हथियार उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्हें प्रशिक्षित किया जा रहा है। उन्नत तकनीक वाले साजो-सामान उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वो खुद कार्यक्रम में आना चाहते थे लेकिन कुछ कारणों से आ नहीं सके। रक्षा क्षेत्र मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा। प्रदेश में तेजी से विकास हो रहा है।

 

ऑपरेशन बंदर की पांचवीं वर्षगांठ पर उद्घाटन
अदाणी डिफेंस इकाई का उद्घाटन बालाकोट हवाई हमले ‘ऑपरेशन बंदर’ की पांचवीं वर्षगांठ पर किया गया। यह न केवल भारतीय वायु सेना का एक ऐतिहासिक ऑपरेशन था, बल्कि बाहरी खतरों पर भारत की रणनीतिक दृढ़ता का भी प्रमाण था। 500 एकड़ में फैले इस इकाई में सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों और पुलिस के लिए उच्च गुणवत्ता वाले छोटे, मध्यम और बड़े कैलिबर आयुध का उत्पादन किया जाएगा। अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के सीईओ आशीष राजवंशी ने पत्रकारों को प्रजेंटेशन देकर बताया कि कंपनी पहले चरण 2030 तक अलग-अलग प्रकार के हथियार और गोले बारूद बनाएगी। इकाई में छोटे कैलिबर आयुध का उत्पादन शुरू किया जा चुका है, जिसकी शुरुआत भारत की वार्षिक आवश्यकता के 25% अनुमानित 150 मिलियन राउंड से होती है। यहां मानव रहित खंड, काउंटर ड्रोन, खुफिया, निगरानी और टोही प्रौद्योगिकियों और साइबर रक्षा से जुड़े हथियार बनाए जाएंगे। अभी 2024 में अलग-अलग कैलिबर की मशीनगन और कारबाइन के लिए गोलियां बनाई जा रही हैं। इसके बाद अगले साल 2025 में अलग-अलग कैलिबर के तोप के गोले और 2026 में मध्यम श्रेणी की मिसाइलें और तोपें बनाई जाएंगी।

 

प्रदर्शनी में उत्पादों का किया गया प्रदर्शन
कानपुर। यहां पर रक्षा-प्रतिरक्षा उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। साढ़ स्थित डिफेंस कॉरिडोर का पूरा मॉडल प्रदर्शित किया गया। इसके अलावा यूएवी लांच्ड गाइडेड मिसाइल, कम दूरी का एयर डिफेंसस सिस्टम, अलग-अलग कैबिलर के तोप के गोले, लक्ष्य स्नाइपर, मशीनगन, कारबाइन, 9 एमएम पिस्टल, मशीनगन जीत, मशीनगन अभय, 9 एमएम अभय पिस्टल, विभम्र ड्रोन आदि का प्रदर्शन किया गया।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed