फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Chemists-pharmacist face to face

दवा विक्रेता-फार्मासिस्ट आमने-सामने

Thu, 21 Jan 2016 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर Updated Thu, 21 Jan 2016 01:53 AM IST
विज्ञापन
Chemists-pharmacist face to face

फूलबाग में बुधवार सुबह धरना देने और रैली निकालने पहुंचे दवा विक्रेता व फार्मासिस्ट आमने-सामने आ गए। फार्मासिस्टों ने अवैध मेडिकल स्टोरों को बंद करने का नारा लगाया तो दवा विक्रेताओं ने दुकानों में फार्मासिस्ट की अनिवार्यता खत्म करने को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी।

विज्ञापन


अचानक सरगर्मी बढ़ती देख पुलिस वालों के हाथ-पैर फूलने लगे। आनन-फानन में फार्मासिस्टों की रैली निकलवाई गई और दवा विक्रेताओं को शांत किया गया। सूचना पर बड़ी संख्या में पुलिस को भी बुला लिया गया था।
विज्ञापन


दवा की दुकानों के लाइसेंस नवीनीकरण की फीस दस गुना करने, फार्मासिस्ट की अनिवार्यता खत्म करने समेत चार मांगों को लेकर दवा विक्रेता फूलबाग पर धरना देने पहुंचे थे। इधर, एंटीबायोटिक दवाओं के अंधाधुंध इस्तेमाल रोकने के लिए जागरूकता रैली निकालने फार्मासिस्ट फाउंडेशन के लोग भी पहुंच गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


बाद में प्रशासन ने अलग-अलग दोनों का ज्ञापन लिया।  दि फुटकर दवा व्यापार मंडल के चेयरमैन संजय मेहरोत्रा ने कहा कि फार्मासिस्ट नारेबाजी करने लगे तो संगठन के लोगों ने भी जवाब दिया। फार्मासिस्ट फाउंडेशन मीडिया प्रभारी अनीश निगम ने कहा कि दवा व्यापारी बेवजह नारेबाजी कर रहे थे।

हम दवा बनाते नहीं बेचते हैं
फूलबाग में गांधी प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठे दि फुटकर दवा व्यापार मंडल का कहना है कि अंग्रेजों के जमाने में फार्मेसी एक्ट बना था। तब डॉक्टर कई दवाओं को मिलाकर मिश्रण तैयार कर मरीजों को देते थे।

इसलिए व्यवस्था थी कि दवाएं फार्मासिस्ट दें लेकिन अब दवाएं पहले से ही फैक्ट्रियों में बनकर आती हैं और डॉक्टर सिर्फ दवा का नाम लिखते हैं। डॉक्टर द्वारा लिखे नाम की दवा दुकानदार बेचता है।

दवा विक्रेताओं ने नवीनीकरण में फीस बढ़ाने के प्रस्ताव को वापस न लेने पर दुकानें बंद कर आंदोलन की चेतावनी दी। इस दौरान संजय मेहरोत्रा, कमल नैन आहूजा, राजीव वोहरा, प्रवीन बाजपेई, राजीव टंडन, संजय अवस्थी, राजेंद्र सैनी, नंद किशोर ओझा, नीरज शुक्ला, सुमित पावा, शिवनाथ शुक्ला आदि मौजूद रहे।

अवैध रूप से चल रही हैं दुकानें
फूलबाग से जन चेतना रैली निकालने पहुंचे फार्मासिस्ट फाउंडेशन ने फार्मेसी एक्ट, ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट और फार्मेसी प्रेक्टिस रेगुलेशन एक्ट का कड़ाई से अनुपालन किए जाने की मांग की। कहा कि गैर फार्मासिस्ट लोगों को दवाएं दे रहे हैं, यह गलत है। अप्रशिक्षित लोगों की वजह से दवाओं का दुरुपयोग बढ़ रहा है।

डब्ल्यूएचओ का कहना है कि भारत में 2020 तक 90 फीसदी एंटीबायोटिक दवाएं लोगों पर बेअसर हो जाएंगी। फार्मासिस्टों की रैली उर्सला तक जानी थी लेकिन प्रशासन ने बीच में ज्ञापन रिसीव कर लिया।

इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव, सचिव प्रदीप सिंह, विनय भारती, शहनवाज सिद्दीकी, अमित शुक्ला, पंकज यादव, वीरेंद्र सेन, अंबुज वर्मा, प्रदेश महिला अध्यक्ष सुष्मिता, प्रियंका झा, पिंकी, स्वाति, निमिशा त्रिपाठी मौजूद रहे।

दवा लाइसेंस नवीनीकरण की जटिलता समाप्त हो

दि केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन की बुधवार को बिरहाना रोड में हुई बैठक में दवा लाइसेंस नवीनीकरण की जटिलता को खत्म करने की मांग की गई। अध्यक्ष राकेश गुप्ता और महामंत्री चंद्रभान सिंह ने कहा कि दवा दुकानदार और फार्मासिस्ट साथ मिलकर काम कर रहे हैं।


उन्होंने दि फुटकर दवा व्यापार मंडल द्वारा फार्मासिस्टों के खिलाफ धरना देने पर एतराज जताया। बैठक में बृजेश मल्होत्रा, शिव कुमार गुप्ता, धर्मेश सिंह, अमित गुप्ता, अनिल द्विवेदी आदि शामिल रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed