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सीएसजेएमयू के परीक्षा विभाग का खेल, परीक्षा दी एक छात्र ने और लगा सामूहिक नकल का आरोप
Mon, 10 Jun 2019 01:27 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 10 Jun 2019 01:27 PM IST
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परीक्षा (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के परीक्षा विभाग का खेल देखिए। बीएससी द्वितीय वर्ष के एक ही छात्र ने परीक्षा दी और कॉलेज को सामूहिक नकल का आरोपी बना दिया गया। अब मामला खुला तो अफसर इसकी जांच कराने की बात कर रहे हैं।
दरअसल विश्वविद्यालय से संबद्ध श्री रामअवतार महाविद्यालय, बुधौली कानपुर देहात के छात्रों का परीक्षा केंद्र कैलाश नाथ कटियार महाविद्यालय को बनाया गया था। यहां परीक्षा देने वाले छात्रों का जब बीए और बीएससी का परिणाम जारी नहीं हुआ है तो कॉलेज प्रशासन हैरान हो गया।
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दरअसल विश्वविद्यालय से संबद्ध श्री रामअवतार महाविद्यालय, बुधौली कानपुर देहात के छात्रों का परीक्षा केंद्र कैलाश नाथ कटियार महाविद्यालय को बनाया गया था। यहां परीक्षा देने वाले छात्रों का जब बीए और बीएससी का परिणाम जारी नहीं हुआ है तो कॉलेज प्रशासन हैरान हो गया।
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छात्रों ने किया पैसे देनें से इंकार तो जला दी गईं उत्तरपुस्तिकाएं
कॉलेज प्रबंधन ने विश्वविद्यालय में संपर्क किया तो मालूम हुआ कि उनके कॉलेज को सामूहिक नकल का आरोपी बनाया गया है। मामले के निस्तारण तक रिजल्ट नहीं जारी करने की बात कही। श्रीराम अवतार महाविद्यालय के प्रबंधक सरल कटियार ने महाविद्यालय पर लगे आरोपों पर ही सवाल खड़े कर दिए।
उनका कहना है कि उनके यहां बीएससी द्वितीय वर्ष में केवल एक छात्र है जबकि बीए तृतीय वर्ष में महज सात छात्र हैं। सबके विषय भी अलग-अलग हैं। ऐसे में इतने कम छात्रों में कोई सामूहिक नकल कैसे कर सकता है। बीएससी प्रथम वर्ष में 78 छात्र हैं। आरोप है कि उनके कॉलेज को झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की जा रही है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अनिल यादव का कहना है कि मामले में जांच करवाई जाएगी। अगर आरोप सही मिले तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
श्रीराम अवतार महाविद्यालय के प्रबंधक सरल कटियार का आरोप है कि परीक्षा के दौरान उनके कॉलेज के छात्रों से कैलाश नाथ कटियार महाविद्यालय प्रबंधन ने नकल के लिए धन उगाही की कोशिश की थी। छात्रों ने पैसे देने से इनकार कर दिया था तो उनकी उत्तरपुस्तिकाएं जला दी गई थीं। आरोप है कि इसके चलते ही कैलाश नाथ कटियार महाविद्यालय प्रबंधन ने विश्वविद्यालय के कुछ लोगों के साथ मिलकर उनके कॉलेज का परिणाम रुकवाया है और उन को सामूहिक नकल का आरोपी बना दिया।
उनका कहना है कि उनके यहां बीएससी द्वितीय वर्ष में केवल एक छात्र है जबकि बीए तृतीय वर्ष में महज सात छात्र हैं। सबके विषय भी अलग-अलग हैं। ऐसे में इतने कम छात्रों में कोई सामूहिक नकल कैसे कर सकता है। बीएससी प्रथम वर्ष में 78 छात्र हैं। आरोप है कि उनके कॉलेज को झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की जा रही है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अनिल यादव का कहना है कि मामले में जांच करवाई जाएगी। अगर आरोप सही मिले तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
श्रीराम अवतार महाविद्यालय के प्रबंधक सरल कटियार का आरोप है कि परीक्षा के दौरान उनके कॉलेज के छात्रों से कैलाश नाथ कटियार महाविद्यालय प्रबंधन ने नकल के लिए धन उगाही की कोशिश की थी। छात्रों ने पैसे देने से इनकार कर दिया था तो उनकी उत्तरपुस्तिकाएं जला दी गई थीं। आरोप है कि इसके चलते ही कैलाश नाथ कटियार महाविद्यालय प्रबंधन ने विश्वविद्यालय के कुछ लोगों के साथ मिलकर उनके कॉलेज का परिणाम रुकवाया है और उन को सामूहिक नकल का आरोपी बना दिया।