{"_id":"69f1197f5f5748b85a0e8c86","slug":"chaos-in-cow-shelters-cattle-suffering-under-the-open-sky-kanpur-news-c-220-1-sknp1003-141891-2026-04-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: गोशालाओं में अव्यवस्था, खुले आसमान के नीचे तप रहे गोवंश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: गोशालाओं में अव्यवस्था, खुले आसमान के नीचे तप रहे गोवंश
Wed, 29 Apr 2026 02:03 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Wed, 29 Apr 2026 02:03 AM IST
विज्ञापन
कानपुर देहात। सूरज की तपिश से पारा 43 डिग्री के पार है। लू के थपेड़ों और तपिश के बीच इंसान पांच मिनट धूप में खड़ा नहीं हो सकता लेकिन गोशालाओं में खुले मैदान में बेजुबान तप रहे हैं। मवेशी खुले आसमान के नीचे नाद में भरा गर्म पानी पीने के मजबूर हैं। कई गोशालाओं में पर्याप्त छाया तक नहीं है। जिसकी वजह से चिलचिलाती धूप में मवेशी कराह रहे हैं। वहीं हरा चारा का संकट बना हुआ है। मंगलवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने अलग-अलग ब्लॉक में बनीं गोशालाओं की पड़ताल की। पड़ताल में कई तस्वीरें ऐसी हैं जो लापरवाही की नहीं बल्कि सिस्टम की व्यवस्था की पोल खोल रही हैं। सब कुछ जानकर भी जिम्मेदार अनजान बने हैं।
.......................
सीन-1
धूप में तपते मिले मवेशी, लू से बचाव के इंतजाम नहीं
रसूलाबाद ब्लॉक के भैंसाया ग्राम पंचायत की पाल नगर स्थित गोशाला में मंगलवार दोपहर कई मवेशी खुले आसमान में धूप में तपते नजर आए। यहां पर दो टिनशेड जरूर थे लेकिन लू से बचाव के इंतजाम नहीं दिखे। खुले में तेज धूप के कारण कई गोवंश इधर-उधर भटकने दिखे। एक बीमार बछड़ा धूप में बैठा हांफता नजर आया। वही एक गाेवंश दूषित पानी में अपने आप को गर्मी से बचाने के लिए बैठा नजर आया। केयरटेकर राजू ने बताया कि गौशाला में करीब 185 गोवंश हैं जिनकी देखभाल के लिए तीन केयरटेकर राजू, संजय और तेज सिंह है। खंड विकास अधिकारी विपुल विक्रम सिंह ने बताया गोशालाओं में लू से बचाव करने के निर्देश हैं। व्यवस्था का निरीक्षण कर हकीकत जांची जाएगी।
......................
सीन-2
लू से गोवंश को नहीं बचा सकते गोशाला में लगे ग्रीन पर्दे
डेरापुर ब्लॉक की खल्ला गांव की गोशाला में मंगलवार को 92 मवेशियों के सापेक्ष 86 मवेशी मिले। यहां टिनशेड के नीचे बने पानी के हौद में मवेशियों के पीने के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध था। इसके अलावा 15 नीले ड्रम के कटे हिस्सों में भी मवेशियों को जगह-जगह पानी भरकर रखा गया था लेकिन लू से बचाव के लिए लगाए गए ग्रीन पर्दे बंधे हुए थे। गर्म हवा के चलते मवेशी हांफते नजर आए। वहीं केयर टेकर प्रमोद ने बताया कि सभी मवेशियों को धूप से बचाव के लिए टिनशेड के नीचे रखा गया है। पंचायत सचिव धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि गोशाला में नई चरही का निर्माण कार्य चल रहा है। सुबह चरही निर्माण के दौरान छह मवेशी मौका पाकर बाहर निकल गए हैं जिनको पकड़वाया जाएगा। नोडल अधिकारी जेई आरईडी आलोक कुमार ने बताया कि बुधवार को निरीक्षण कर स्थिति देखी जाएगी।
विज्ञापन
..............................
सीन-3
हौद में भरा गंदा पानी पी रहे हैं मवेशी
सिकंदरा के गुरदही बुजुर्ग गांव के बृहद गोसंरक्षण केंद्र में मंगलवार को कई गोवंश गंदे पानी से भरे हौद का पानी पीते नजर आए। वहीं, कई मवेशी बीमार हालत में गंदगी के बीच बैठे नजर आए। यहां लू से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं दिखे। केयर टेकर राजकुमार ने बताया गोशाला में 339 गोवंश संरक्षित है। उनकी देखभाल के लिए आठ लोग हैं। वहीं परिसर में बायो गोबर गैस प्लांट अधूरा पड़ा मिला। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि श्याम दुबे ने बताया कि बायो गैस प्लांट में 10 सिलिंडर भरने की क्षमता का गोबर गैस प्लांट अधूरा पड़ा है। शिकायत करने के बाद भी अभी तक इसका काम पूरा नहीं कराया जा सका है। एसडीएम प्रद्युम्न कुमार ने बताया कि बीमार गोवंशों के उपचार के लिए संबंधित अधिकारियों से जानकारी की जाएगी।
..................
वर्जन......
गोशालाओं में गर्मी से निपटने के लिए जो कमियां हैं उन्हें दूर कराया जा रहा है। लू से बचाव के लिए जूट के बाेरे लगवाकर पानी छिड़काव कराने के निर्देश दिए गए हैं। हरा चारा के लिए कई जगहों पर चरी तैयारी की जा रही है। नेपियर घास की गांठें भी लगवाई गई हैं। इससे जल्द हरा चारा की समस्या दूर हो जाएगी। प्रतिदिन निरीक्षण कर खामियां दूर कराई जा रही हैं। -डॉ. सुबोध बर्नवाल, सीवीओ
विज्ञापन
.......................
सीन-1
धूप में तपते मिले मवेशी, लू से बचाव के इंतजाम नहीं
रसूलाबाद ब्लॉक के भैंसाया ग्राम पंचायत की पाल नगर स्थित गोशाला में मंगलवार दोपहर कई मवेशी खुले आसमान में धूप में तपते नजर आए। यहां पर दो टिनशेड जरूर थे लेकिन लू से बचाव के इंतजाम नहीं दिखे। खुले में तेज धूप के कारण कई गोवंश इधर-उधर भटकने दिखे। एक बीमार बछड़ा धूप में बैठा हांफता नजर आया। वही एक गाेवंश दूषित पानी में अपने आप को गर्मी से बचाने के लिए बैठा नजर आया। केयरटेकर राजू ने बताया कि गौशाला में करीब 185 गोवंश हैं जिनकी देखभाल के लिए तीन केयरटेकर राजू, संजय और तेज सिंह है। खंड विकास अधिकारी विपुल विक्रम सिंह ने बताया गोशालाओं में लू से बचाव करने के निर्देश हैं। व्यवस्था का निरीक्षण कर हकीकत जांची जाएगी।
विज्ञापन
......................
सीन-2
लू से गोवंश को नहीं बचा सकते गोशाला में लगे ग्रीन पर्दे
डेरापुर ब्लॉक की खल्ला गांव की गोशाला में मंगलवार को 92 मवेशियों के सापेक्ष 86 मवेशी मिले। यहां टिनशेड के नीचे बने पानी के हौद में मवेशियों के पीने के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध था। इसके अलावा 15 नीले ड्रम के कटे हिस्सों में भी मवेशियों को जगह-जगह पानी भरकर रखा गया था लेकिन लू से बचाव के लिए लगाए गए ग्रीन पर्दे बंधे हुए थे। गर्म हवा के चलते मवेशी हांफते नजर आए। वहीं केयर टेकर प्रमोद ने बताया कि सभी मवेशियों को धूप से बचाव के लिए टिनशेड के नीचे रखा गया है। पंचायत सचिव धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि गोशाला में नई चरही का निर्माण कार्य चल रहा है। सुबह चरही निर्माण के दौरान छह मवेशी मौका पाकर बाहर निकल गए हैं जिनको पकड़वाया जाएगा। नोडल अधिकारी जेई आरईडी आलोक कुमार ने बताया कि बुधवार को निरीक्षण कर स्थिति देखी जाएगी।
विज्ञापन
..............................
सीन-3
हौद में भरा गंदा पानी पी रहे हैं मवेशी
सिकंदरा के गुरदही बुजुर्ग गांव के बृहद गोसंरक्षण केंद्र में मंगलवार को कई गोवंश गंदे पानी से भरे हौद का पानी पीते नजर आए। वहीं, कई मवेशी बीमार हालत में गंदगी के बीच बैठे नजर आए। यहां लू से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं दिखे। केयर टेकर राजकुमार ने बताया गोशाला में 339 गोवंश संरक्षित है। उनकी देखभाल के लिए आठ लोग हैं। वहीं परिसर में बायो गोबर गैस प्लांट अधूरा पड़ा मिला। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि श्याम दुबे ने बताया कि बायो गैस प्लांट में 10 सिलिंडर भरने की क्षमता का गोबर गैस प्लांट अधूरा पड़ा है। शिकायत करने के बाद भी अभी तक इसका काम पूरा नहीं कराया जा सका है। एसडीएम प्रद्युम्न कुमार ने बताया कि बीमार गोवंशों के उपचार के लिए संबंधित अधिकारियों से जानकारी की जाएगी।
..................
वर्जन......
गोशालाओं में गर्मी से निपटने के लिए जो कमियां हैं उन्हें दूर कराया जा रहा है। लू से बचाव के लिए जूट के बाेरे लगवाकर पानी छिड़काव कराने के निर्देश दिए गए हैं। हरा चारा के लिए कई जगहों पर चरी तैयारी की जा रही है। नेपियर घास की गांठें भी लगवाई गई हैं। इससे जल्द हरा चारा की समस्या दूर हो जाएगी। प्रतिदिन निरीक्षण कर खामियां दूर कराई जा रही हैं। -डॉ. सुबोध बर्नवाल, सीवीओ