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Kanpur News: खतरे के निशान से 3.12 मीटर ऊपर बह रही चंबल, 12 गांव मुख्यालय से कटे

Thu, 31 Jul 2025 01:15 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 31 Jul 2025 01:15 AM IST
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Chambal flowing 3.12 meters above the danger mark, 12 villages cut off from the headquarters
इटावा/चकरनगर। चंबल नदी ने बुधवार को अपना रौद्र रूप दिखा दिया। नदी का पानी खतरे के निशान से तीन मीटर से भी अधिक पर पहुंच गया। चंबल में लगातार पानी बढ़ने से चकरनगर तहसील क्षेत्र के 12 गांवों का संपर्क मुख्यालय से कट गया है। क्षेत्र के मुख्य पाड़री मार्ग पर भी बाढ़ का पानी आने से मध्यप्रदेश को जोड़ने वाला यह रास्ता भी बंद हो गया। साथ ही क्वारी नदी भी उफान पर है। इससे क्षेत्र के 42 गावों के लोगों के माथे पर भी चिंता की लकीर दिखाई दे रही है।
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तहसील प्रशासन लगातार गांवों में पहुंचकर स्थिति पर नजर बनाए हुए है। जिले में बुधवार को शाम पांच बजे चंबल नदी का जल स्तर 123.92 मीटर पर पहुंच गया जो खतरे के निशान 120.80 मीटर से 3.12 मीटर अधिक है। वहीं क्वारी नदी खतरे के निशान 125.96 मीटर से चार मीटर ऊपर 129.70 पर पहुंच गई है। क्वारी नदी का पानी और बढ़ने से पाडरी मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया। इससे चकरनगर क्षेत्र के लोगों को मध्यप्रदेश के भिंड जाने के लिए 50 किलोमीटर लंबा फूप का रास्ता अपनाना पड़ा।
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इस मार्ग पर करीब पांच फीट पानी भर गया है। रास्ते के दोनों ओर गहरी खाई हैं जो अब पानी भरने से समान हो गई हैं। ऐसे में रास्ता दिखाई नहीं दे रहा है। इसके बाद भी लोग जान जोखिम में डालकर यहां से आवागमन कर रहे हैं। यहां प्रशासन ने अभी तक पुलिस की तैनाती भी नहीं की है।
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क्वारी नदी के पानी से कोटरा, बिरौना बाग, गुरभेली गांव के मुख्य मार्ग बंद हो गए हैं। इन गांवों में दो दिन से ग्रामीण घरों में ही कैद है। इधर, चंबल में आई बाढ़ से ऐतिहासिक सिद्धनाथ व भारेश्वर महादेव मंदिर का रास्ता भी बंद हो गया है। चंबल का पानी भारेश्वर मंदिर की सीड़ियों तक पहुंच गया है। पानी भरने से यहां लगने वाला मेला बंद करा दिया गया है। चंबल का जलस्तर बढ़ने से भरेह चकरपुरा मार्ग और पालीघार मार्ग में भी पानी भर गया और ये रास्ते बंद हो गए।
इसी तरह यमुना नदी से हरौली बहादुरपुर, नीमाडाड़ा, निभी, कांयछी, खीरीटी, ककरैया, गोहानी गांव के रास्ते में पानी भर गया है। एसडीएम ब्रह्मानंद कठेरिया ने तहसीलदार विष्णु दत्त के साथ खिरीटी गांव में ट्रैक्टर पर सवार होकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने प्रशासनिक कर्मचारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में निगरानी रखने के निर्देश दिए।





लगातार निगरानी की जा रही है। जिन गांवों के रास्ते बंद हो गए हैं। वहां वैकल्पिक रास्तों से आवाजाही जारी है। सदर क्षेत्र से लेकर चकरनगर क्षेत्र में बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारियां कर ली गई हैं।
- अभिनव रंजन श्रीवास्तव, एडीएम
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