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एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष के निशाने पर ''मायावती और अखिलेश सरकार'', कही ये बड़ी बातें
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 20 Sep 2018 08:23 PM IST
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एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष बृजलाल ने मायावती और अखिलेश सरकार पर साधा निशाना
उत्तर प्रदेश एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष बृजलाल ने गुरुवार को मायावती और अखिलेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होने कहा कि मायावती ने कानून में बदलाव करके कमजोर बनाया तो अखिलेश सरकार के दौरान इसका दुरुपयोग किया गया।
उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष बृजलाल ने कहा कि बसपा सुप्रीमों मायावती ने मुख्यमंत्री रहते हुए 21 नवंबर 2007 में एक्ट में संशोधन करके आयोग के पदाधिकारियों और सदस्यों के एससी-एसटी होने की बाध्यता को समाप्त करा दिया। उन्होने कहा कि पिछड़ा वर्ग आयोग और अल्पसंख्यक आयोग में ऐसा नहीं।
उन्होने अखिलेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक्ट में संशोधन का पूरा लाभ उठाया। साथ ही आयोग में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग के तथा 17 में 12 सदस्य गैर एससी-एसटी नियुक्त किये। आयोग के अध्यक्ष बृजलाल ने कहा कि उनके कार्यकाल में दो उपाध्यक्ष व 16 सदस्य नियुक्त किये गये जोकि सभी सभी पदाधिकारी और सदस्य एससी-एसटी हैं।
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उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष बृजलाल ने कहा कि बसपा सुप्रीमों मायावती ने मुख्यमंत्री रहते हुए 21 नवंबर 2007 में एक्ट में संशोधन करके आयोग के पदाधिकारियों और सदस्यों के एससी-एसटी होने की बाध्यता को समाप्त करा दिया। उन्होने कहा कि पिछड़ा वर्ग आयोग और अल्पसंख्यक आयोग में ऐसा नहीं।
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उन्होने अखिलेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक्ट में संशोधन का पूरा लाभ उठाया। साथ ही आयोग में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग के तथा 17 में 12 सदस्य गैर एससी-एसटी नियुक्त किये। आयोग के अध्यक्ष बृजलाल ने कहा कि उनके कार्यकाल में दो उपाध्यक्ष व 16 सदस्य नियुक्त किये गये जोकि सभी सभी पदाधिकारी और सदस्य एससी-एसटी हैं।
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