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Kanpur News: अनुदान के लिए लगाया प्रमाण पत्र, अब पायलट के भरोसे ड्रोन उड़ान
Sun, 20 Sep 2026 01:01 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sun, 20 Sep 2026 01:01 AM IST
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कानपुर देहात। ड्रोन खरीद पर पांच लाख अनुदान है। अनुदान ड्रोन संचालन का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर मिलता है। हालांकि लाभार्थी धरातल पर ड्रोन उड़ा नहीं पा रहे हैं। ड्रोन की उड़ान पायलट के भरोसे है। ये पायलट मुनाफा में 50 फीसदी हिस्सेदारी लेते हैं।
सरकारी योजनाओं के अनुदान बंदरबांट के मामले सामने आते रहते हैं। कृषि यंत्रीकरण योजना में ड्रोन उड़ान प्रमाण पत्र लगाकर अनुदान पाने वाले लाभार्थी अब ड्रोन उड़ाने से हिचक रहे हैं। इधर कृषि विभाग की निगरानी नहीं होने का खामियाजा जिले के किसानों को उठाना पड़ रहा है। फसल में जरूरत पर ड्रोन से दवा या उर्वरक का छिड़काव नहीं हो पा रहा है। ड्रोन लाभार्थी बहानेबाजी कर किसानों को टरका रहे हैं। कोई पायलट उपलब्ध नहीं होने का तर्क दे रहा है तो कोई दूसरे कारण बता रहा है। यह तब है जबकि ड्रोन खरीदने के बाद अनुदान पाने के लिए लाभार्थी ने प्रशिक्षित होने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया।
मौजूदा समय में जिले में अकबरपुर, मैथा व रसूलाबाद ब्लॉक में एक-एक ड्रोन है। रसूलाबाद ब्लॉक का ड्रोन पायलट के भरोसे है। हालांकि ड्रोन का संचालन जिले के बाहर किया जा रहा है। यह पायलट मुनाफे का पचास फीसदी ले रहा है। सवाल यह है कि जब अनुदान के समय ड्रोन उड़ाने का प्रमाण पत्र लाभार्थी ने लिया तो अब ड्रोन उड़ाने में उसे हिचक क्यों हो रही है। इधर संबंधित ब्लॉक व जिले के किसानों को ड्रोन से छिड़काव का लाभ नहीं मिल रहा है। अकबरपुर और मैथा ब्लॉक का ड्रोन बिना पायलट उड़ान नहीं भर पा रहा है।
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बयान........
कृषि यंत्रीकरण योजना में ड्रोन खरीद पर 50 फीसदी अनुदान दिया जाता है। जिन लाभार्थियों को ड्रोन मिले हैं इसकी जानकारी कराई जाएगी। इसके साथ ही कहां दवा और उर्वरक का छिड़काव किया जा रहा है, इसकी पड़ताल कराकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिले के किसानों को खेतीबाड़ी में ड्रोन से सहूलियत मिले इसपर ध्यान दिया जाएगा। - प्राची पांडेय, जिला कृषि अधिकारी कानपुर देहात।
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फतेहपुर में छिड़काव कर रहा रसूलाबाद का ड्रोन
कानपुर देहात। जिले में 10 ब्लॉक हैं। मौजूदा समय में रसूलाबाद, मैथा व अकबरपुर ब्लॉक क्षेत्र में कृषि उपयोगी ड्रोन अनुदान पर दिए गए हैं। इनका लाभ संबंधित ब्लॉक या फिर जिले के किसानों को मिलना चाहिए। कृषि यंत्रीकरण योजना की मंशा यहीं है। इधर ड्रोन लाभार्थी ब्लॉक या फिर जिले में ड्रोन से छिड़काव के प्रति संजीदा नहीं है। बल्कि ड्रोन संचालन पायलट के भरोसे है। कुछ किसानों के मुताबिक रसूलाबाद का ड्रोन फतेहपुर में दवा का छिड़काव कर रहा। जिले के किसान ड्रोन से दवा छिड़काव के लिए संपर्क कर रहे हैं तो ड्रोन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। (संवाद)
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सरकारी योजनाओं के अनुदान बंदरबांट के मामले सामने आते रहते हैं। कृषि यंत्रीकरण योजना में ड्रोन उड़ान प्रमाण पत्र लगाकर अनुदान पाने वाले लाभार्थी अब ड्रोन उड़ाने से हिचक रहे हैं। इधर कृषि विभाग की निगरानी नहीं होने का खामियाजा जिले के किसानों को उठाना पड़ रहा है। फसल में जरूरत पर ड्रोन से दवा या उर्वरक का छिड़काव नहीं हो पा रहा है। ड्रोन लाभार्थी बहानेबाजी कर किसानों को टरका रहे हैं। कोई पायलट उपलब्ध नहीं होने का तर्क दे रहा है तो कोई दूसरे कारण बता रहा है। यह तब है जबकि ड्रोन खरीदने के बाद अनुदान पाने के लिए लाभार्थी ने प्रशिक्षित होने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया।
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मौजूदा समय में जिले में अकबरपुर, मैथा व रसूलाबाद ब्लॉक में एक-एक ड्रोन है। रसूलाबाद ब्लॉक का ड्रोन पायलट के भरोसे है। हालांकि ड्रोन का संचालन जिले के बाहर किया जा रहा है। यह पायलट मुनाफे का पचास फीसदी ले रहा है। सवाल यह है कि जब अनुदान के समय ड्रोन उड़ाने का प्रमाण पत्र लाभार्थी ने लिया तो अब ड्रोन उड़ाने में उसे हिचक क्यों हो रही है। इधर संबंधित ब्लॉक व जिले के किसानों को ड्रोन से छिड़काव का लाभ नहीं मिल रहा है। अकबरपुर और मैथा ब्लॉक का ड्रोन बिना पायलट उड़ान नहीं भर पा रहा है।
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कृषि यंत्रीकरण योजना में ड्रोन खरीद पर 50 फीसदी अनुदान दिया जाता है। जिन लाभार्थियों को ड्रोन मिले हैं इसकी जानकारी कराई जाएगी। इसके साथ ही कहां दवा और उर्वरक का छिड़काव किया जा रहा है, इसकी पड़ताल कराकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिले के किसानों को खेतीबाड़ी में ड्रोन से सहूलियत मिले इसपर ध्यान दिया जाएगा। - प्राची पांडेय, जिला कृषि अधिकारी कानपुर देहात।
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फतेहपुर में छिड़काव कर रहा रसूलाबाद का ड्रोन
कानपुर देहात। जिले में 10 ब्लॉक हैं। मौजूदा समय में रसूलाबाद, मैथा व अकबरपुर ब्लॉक क्षेत्र में कृषि उपयोगी ड्रोन अनुदान पर दिए गए हैं। इनका लाभ संबंधित ब्लॉक या फिर जिले के किसानों को मिलना चाहिए। कृषि यंत्रीकरण योजना की मंशा यहीं है। इधर ड्रोन लाभार्थी ब्लॉक या फिर जिले में ड्रोन से छिड़काव के प्रति संजीदा नहीं है। बल्कि ड्रोन संचालन पायलट के भरोसे है। कुछ किसानों के मुताबिक रसूलाबाद का ड्रोन फतेहपुर में दवा का छिड़काव कर रहा। जिले के किसान ड्रोन से दवा छिड़काव के लिए संपर्क कर रहे हैं तो ड्रोन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। (संवाद)