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किडनी कांड: दिल्ली के पीएसआरआई अस्पताल के सीईओ को कानपुर पुलिस ने पूछताछ के बाद किया गिरफ्तार
Sat, 08 Jun 2019 03:23 PM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 08 Jun 2019 03:23 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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किडनी कांड में कानपुर पुलिस ने दिल्ली के पीएसआरआई अस्पताल (पुष्पावती सिंघानियां रिसर्च इंस्टीट्यूट एवं हास्पिटल) के सीईओ डॉ. दीपक शुक्ला को पकड़ा है। पुलिस दीपक को पूछताछ के लिए दिल्ली से कानपुर ले आई। एसएसपी अनंत देव ने इस बात की पुष्टि की है।
कानपुर पुलिस ने पीएसआरआई अस्पताल (पुष्पावती सिंघानियां रिसर्च इंस्टीट्यूट एवं हास्पिटल) के सीईओ डॉ. दीपक शुक्ला से पूछताछ पूरी होने के बाद इस मामले में उनके संलिप्त पाए जाने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। वो अंग प्रत्यारोपण समिति के अध्यक्ष भी हैं। पुलिस की एसआईटी टीम ने यह खुलासा किया है।
इसी साल 18 फरवरी को शहर पुलिस ने बड़े किड़नी और लीवर बेचने वाले गिरोह का खुलासा किया था। यह गिरोह गरीब लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर दिल्ली ले जाता था। वहां पैसों का लालच देकर दिल्ली और नोयडा के नामचीन अस्पतालों में किडनी व लीवर बेचता था।
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गिरोह में शामिल लोग साकेत नगर में रहने वाली एक महिला को दिल्ली के एक अस्पताल में ले गए थे। व हां फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर महिला की किडनी बेचने की कोशिश की थी। मूलरूप से बांदा की रहने वाली महिला शातिरो के चंगुल से छूटने के बाद शहर लौटी थी। इसके बाद उसने बर्रा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इस मामले में पकड़े गए गिरोह के सरगना टी राजकुमार राव, गौरव समेत कई लोगो से पूछताछ में दिल्ली के अपोलो, फोर्डिस और पीएसआरआई अस्पताल में गरीबों की किडनी व लीवर बेचे जाने की बात कबूली थी। यह भी बताया था कि इन अस्पतालों में किडनी 30 लाख रुपये और उसकेअधिक कीमत में बिकती थी।
डोनर को तीन से पांच लाख रुपये दिए जाते थे। वहीं लीवर 70 से 80 लाख का बेचा जाता था। मामले की जांच कर रहे फजलगंज इंस्पेक्टर टीम के साथ गुरुवार को दिल्ली गए थे। एसएसपी ने बताया कि फजलगंज पुलिस की टीम ने पीएसआरआई अस्पताल के सीईओ दीपक शुक्ला को हिरासत में लिया है।
उसे पूछताछ के लिए टीम कानपुर लेकर आ रही है। यहां दीपक से किडनी ट्रांसप्लाट के तरीकों और नियमों बारे में पूछताछ की जाएगी। साथ ही जेल भेजे गए आरोपियों के बयानों की तस्दीक भी दीपक से की जाएगी।
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कानपुर पुलिस ने पीएसआरआई अस्पताल (पुष्पावती सिंघानियां रिसर्च इंस्टीट्यूट एवं हास्पिटल) के सीईओ डॉ. दीपक शुक्ला से पूछताछ पूरी होने के बाद इस मामले में उनके संलिप्त पाए जाने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। वो अंग प्रत्यारोपण समिति के अध्यक्ष भी हैं। पुलिस की एसआईटी टीम ने यह खुलासा किया है।
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इसी साल 18 फरवरी को शहर पुलिस ने बड़े किड़नी और लीवर बेचने वाले गिरोह का खुलासा किया था। यह गिरोह गरीब लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर दिल्ली ले जाता था। वहां पैसों का लालच देकर दिल्ली और नोयडा के नामचीन अस्पतालों में किडनी व लीवर बेचता था।
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गिरोह में शामिल लोग साकेत नगर में रहने वाली एक महिला को दिल्ली के एक अस्पताल में ले गए थे। व हां फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर महिला की किडनी बेचने की कोशिश की थी। मूलरूप से बांदा की रहने वाली महिला शातिरो के चंगुल से छूटने के बाद शहर लौटी थी। इसके बाद उसने बर्रा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इस मामले में पकड़े गए गिरोह के सरगना टी राजकुमार राव, गौरव समेत कई लोगो से पूछताछ में दिल्ली के अपोलो, फोर्डिस और पीएसआरआई अस्पताल में गरीबों की किडनी व लीवर बेचे जाने की बात कबूली थी। यह भी बताया था कि इन अस्पतालों में किडनी 30 लाख रुपये और उसकेअधिक कीमत में बिकती थी।
डोनर को तीन से पांच लाख रुपये दिए जाते थे। वहीं लीवर 70 से 80 लाख का बेचा जाता था। मामले की जांच कर रहे फजलगंज इंस्पेक्टर टीम के साथ गुरुवार को दिल्ली गए थे। एसएसपी ने बताया कि फजलगंज पुलिस की टीम ने पीएसआरआई अस्पताल के सीईओ दीपक शुक्ला को हिरासत में लिया है।
उसे पूछताछ के लिए टीम कानपुर लेकर आ रही है। यहां दीपक से किडनी ट्रांसप्लाट के तरीकों और नियमों बारे में पूछताछ की जाएगी। साथ ही जेल भेजे गए आरोपियों के बयानों की तस्दीक भी दीपक से की जाएगी।