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लॉकर डकैती मामला: सेंट्रल बैंक के पीड़ितों को 2.64 करोड़ का मुआवजा, 75% के आसपास होगी नुकसान की भरपाई

Tue, 26 Apr 2022 08:40 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 26 Apr 2022 08:40 AM IST
सार

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया कराचीखाना के लॉकरों से 11 ग्राहकों के 3.78 करोड़ के गहने चोरी हुए थे। इस मामले में पीड़ितों को राहत देते हुए बैंक के कार्यकारी निदेशक की ओर से मुआवजा देने की घोषणा की गई है।

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Central bank of india Locker robbery case, bank  will give compensation of 2.64 crores to the victims
लखनऊ में संघर्ष समीति का प्रतीक स्वरूप डिमांड उ्राफ्ट भेंट करते बैंक के कार्यकारी निदेशक राजीव पुरी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया कराचीखाना शाखा के लॉकरों से चोरी हुए जेवर और कैश के मामले में बैंक प्रबंधन सभी पीड़ितों को मुआवजा देगा। इस मामले में 11 पीड़ित हैं, जिन्हें बैंक दो करोड़ 64 लाख 50 हजार रुपये का भुगतान करेगा। इससे पीड़ितों को नुकसान के मुकाबले 75 प्रतिशत के आसपास भरपाई होगी। मंगलवार को पांडु नगर स्थित बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय में पीड़ितों को डिमांड ड्राफ्ट सौंपा जा सकता है।

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सोमवार को महानिदेशक संस्थागत वित्त के लखनऊ स्थित कार्यालय में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक (मुंबई) राजीव पुरी, बैंक के जीएम एसके गुप्ता और रीजनल मैनेजर दयानंद पांडे के साथ लॉकर न्याय संघर्ष समिति के पदाधिकारियों की बैठक हुई। बैंक के हजरतगंज स्थित जोनल कार्यालय में राजीव पुरी ने समिति के पवन गुप्ता और अभिमन्यु गुप्ता के साथ समझौते के बाद पत्रकार वार्ता कर मुआवजा देने की घोषणा की।

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Central bank of india Locker robbery case, bank  will give compensation of 2.64 crores to the victims
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया - फोटो : अमर उजाला
इस दौरान प्रतीक स्वरूप बैंक की ओर से डिमांड ड्राफ्ट भी दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि देश के इतिहास में पहली बार कोई बैंक इस तरह के मामले में अंतरिम मुआवजा राशि दे रहा है। इसके साथ ही न्याय संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की है। 
 
किन्हें, कितना मिला मुआवजा
पीड़ित                         दावा                 भुगतान
मंजू भट्टाचार्य              30 लाख              25 लाख
एसके पोद्दार                30 लाख              25 लाख     
राजाबेटी गुप्ता             35 लाख             25 लाख
निर्मला तहलियानी       35 लाख             25 लाख
अमिता गुप्ता              43.56 लाख         25 लाख
मीना यादव                  80 लाख             50 लाख
सीता गुप्ता                  20 लाख            17.5 लाख
सुशीला शर्मा                 42 लाख             25 लाख
पंकज गुप्ता                 35 लाख              25 लाख
वैभव माहेश्वरी              25 लाख            20 लाख
महेंद्र सविता                 02 लाख             02 लाख

स्त्री धन बना फार्मूले का आधार

लॉकर में कोई ग्राहक क्या रखता है, इसकी कोई जानकारी ग्राहक की ओर से नहीं उपलब्ध कराई जाती है और न ही बैंक मांगता है। केवल किराया लिया जाता है। इस पूरे मामले में लॉकर धारक ज्यादातर महिलाएं थीं। आयकर कानून में भी पांच सौ ग्राम तक सोना होने पर कोई पूछताछ नहीं की जाती है। इस प्रकार का सोना महिला का स्त्री धन माना जाता है। इसी आधार पर बैंक ने पीड़ितों को प्रस्ताव दिया। इस पूरे मामले में बैंक के मैनेजर और लॉकर इंचार्ज की भूमिका पुलिस की जांच में आ रही है। ऐसे में प्रबंधन अपनी साख बचाने के लिए मुआवजा देने को तैयार हुआ। मीना यादव के लॉकर में उनकी बहन के भी गहने थे। ऐसे में उन्हें 50 लाख का भुगतान किया जा रहा है।

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