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लॉकर डकैती: महानिदेशक की बैंक अफसरों को दो टूक, कहा-72 घंटे में बताएं कैसे लौटाएंगे लॉकरों से लुटे जेवर और नकदी

Thu, 21 Apr 2022 09:40 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Thu, 21 Apr 2022 09:40 AM IST
सार

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की कराचीखाना शाखा के लॉकर से जेवरात गायब होने के पीड़ितों की समिति लखनऊ में संस्थागत वित्त, बीमा एवं बाह्य सहायतित परियोजना के महानिदेशक से मिली। 

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Central Bank of India locker case, Locker Nyay Sangharsh Committee meets Director General
महानिदेशक से मिले लॉकर पीड़ित न्याय संघर्ष समिति के पदाधिकारी और सदस्य - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लॉकर न्याय संघर्ष समिति के संयोजक अभिमन्यु गुप्ता की अगुवाई में लॉकर पीड़ितों ने लखनऊ में महानिदेशक संस्थागत वित्त, बीमा एवं बाह्य सहायतित परियोजना, उत्तर प्रदेश सरकार शिव सिंह यादव के साथ बैठक की।

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इसमें सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के जोनल मैनेजर, रीजनल मैनेजर और अन्य अफसर भी थे। महानिदेशक ने पूरे मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए बैंक अफसरों को 72 घंटे में जवाब देने को कहा। उन्होंने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि जब बैंक के अफसर लॉकर तुड़वा रहे थे, उस समय उच्च अफसर क्या सो रहे थे।  
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पीड़ितों ने बताया कि बैठक के दौरान महानिदेशक ने कहा कि मामले में जो जानकारी आ रही है, इसमें पता चल रहा है कि बैंक के ही अधिकारियों की भूमिका है। महानिदेशक ने कहा की बैंक का उच्च प्रबंधन 72 घंटे (तीन दिन) में जवाब दें। यह बताए कि सभी 11 पीड़ितों का चार करोड़ रुपया बैंक कैसे वापस करेगा। बैंकिंग व्यवस्था के लिए ये घटना बेहद सोचनीय है। बैंक के सीएमडी के नाम एफआईआर हो रही है, जिससे बैंक की साख को झटका लगा है। 

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उन्होंने आगे कहा कि चाहे आरोपियों की संपत्ति बेचें या और कुछ करें। सभी पीड़ितों का असल नुकसान बैंक पूरा करें। सरकार को मजबूर न किया जाए कि वह पुलिस को बैंक के सीएमडी को गिरफ्तार करने के लिए भेजे। गंभीरता से 72 घंटे में जवाब दें। चाहे मुंबई स्थित हेड ऑफिस जाएं या मुंबई वालों को लखनऊ लाएं। इसके बाद में महानिदेशक ने पुलिस कमिश्नर से बात कर के अभियुक्तों व जांच के बारे में भी जानकारी ली। वहीं, समिति ने तय किया है कि शनिवार तक इंतजार करेंगे। तीन दिन आंदोलन नहीं करेंगे। 

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