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पन्ना टाइगर पार्क को बाघों से आबाद करने वाली बाघिन के पहले शावक का मनाया जन्मदिन

Tue, 19 Apr 2022 11:22 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 19 Apr 2022 11:22 PM IST
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Celebrated the birthday of the first tigress cub to populate Panna Tiger Park with tigers
करतल। बुंदेलखंड के पन्ना टाइगर रिजर्व पार्क में बाघों की दुनिया आबाद करने वाली बाघिन टी-1 के पहले शावक का 12वां जन्मदिन केक काटकर मनाया गया। जीव जंतु प्रेमी और वन विभाग के पूर्व अधिकारी आदि शामिल रहे।
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पन्ना टाइगर मुख्य रूप से बाघों के लिए मशहूर है। वर्ष 2009 में पन्ना टाइगर पार्क बाघ विहीन हो गया था। एक-एक कर बाघों की मौत हो गई। इसी बीच बांधव गढ़ से एक बाघिन पन्ना टाइगर पार्क लाई गई। इसे टी-1 का नाम दिया गया। 16 अप्रैल 2010 को इस बाघिन ने पहले शावक को जन्म दिया। बाघ से वीरान हो चुके पार्क के लिए यह बड़ी खुशी का मौका था। इसके बाद बाघिन टी-1 ने कई बार शावकों को जन्म दिया और उनकी संख्या में बढ़ोत्तरी की। पार्क एक बार फिर बाघों से आबाद हो गया। इसी खुशी और याद में हर वर्ष 16 अप्रैल को बाघिन टी-1 के पहले शावक का जन्मदिन मनाया जाता है। इसकी शुरूआत पन्ना टाइगर के तत्कालीन निदेशक आर श्रीनिवास मूर्ति ने की थी। श्रीमूर्ति को टाइगर मैन के नाम से जाना जाने लगा। उन्होंने इस गैर सरकारी आयोजन में केक काटा।
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पन्ना के जीव जंतु प्रेमियों सहित वन विभाग के रिटायर्ड अधिकारी और कई नामचीन हस्तियां मौजूद रहीं। जन्मोत्सव पर श्रीनिवास मूर्ति व पीयूष सेकशरिया द्वारा लिखित पुस्तक अवर टाइगर रिटर्न के संशोधित दूसरे संस्करण का विमोचन भी हुआ।
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पन्ना और बुंदेलखंड के जंगलों में फैल रहा बाघों का कुनबा
करतल। पन्ना टाइगर रिजर्व में 60-70 बाघ हैं। इनके साथ ही लगभग 30-40 बाघ विंध्य और बुंदेलखंड के जंगलों में अपना वंश बढ़ा रहे हैं। वर्ष 2009 में बाघ विहीन हो जाने से मध्य प्रदेश को मिला टाइगर स्टेट का ताज भी छिन गया। पन्ना बाघ पुनर्स्थापना योजना से इसके दिन फिर वापस लौटे। वर्ष 2018 में यह फिर टाइगर स्टेट बन गया। वर्ष 2018 में बाघों की देश व्यापी गणना में 526 बाघों के साथ एमपी को टाइगर स्टेट का दर्जा मिला था।
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