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Custodial Death Case: तीन दिन बाद भी चेक नहीं हुए CCTV, परिजन बोले- चौकी इंचार्ज को बचाने में जुटी है पुलिस

Sat, 19 Aug 2023 10:18 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sat, 19 Aug 2023 10:18 AM IST
सार

Kanpur Crime: परिजनों के हंगामे के बाद उच्चाधिकारियों ने सीसीटीवी कैमरे चेक करने के बाद दरोगा को जेल भेजने की बात कही थी। तीन दिन बाद भी न तो कैमरे चेक किए जा सके और न ही चौकी इंचार्ज पर कोई बड़ी कार्रवाई।

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CCTV not checked even after three days, family members said Police is trying to save the outpost incharge
Custodial Death Case - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में हनुमंतविहार थाने में दिनेश भदौरिया की पुलिस प्रताड़ना से हुई मौत के मामले में पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में है। युवक की मौत के तीन दिन बाद भी पुलिस थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों को नहीं खंगाल सकी। वहीं, प्रकरण की जांच के लिखित आदेश शुक्रवार को एसीपी बाबूपुरवा के पास पहुंचे हैं। इसके बाद अब प्रकरण की जांच शुरू होने का दावा किया जा रहा है।

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चौकी इंचार्ज को सिर्फ लाइन हाजिर किए जाने की कार्रवाई से परिजन संतुष्ट नहीं हैं। मृतक के पिता लाखन सिंह भदौरिया ने रिपोर्ट दर्ज करते हुए बताया था कि जब वह थाने पहुंचे, तो आरोपी महिला प्रीति वर्मा चौकी इंचार्ज की कुर्सी पर बैठी थी। पुलिस के सामने उसने अपने साथियों संग मिलकर बेटे को पीटा। इसके बाद चौकी इंचार्ज अशोक कुमार सिंह ने बेटे को कमरे में बंद करके धमकाया और पिटाई की।

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तीन दिन बाद भी चेक नहीं हुए हैं कैमरे
आरोप है कि बेटे की हालत बिगड़ती देख वह गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन चौकी इंचार्ज को उसपर रहम नहीं आया। इसके बाद वह खुद ही बेटे को निजी गाड़ी से अस्पताल लेकर पहुंचे जहां, डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों के हंगामे के बाद उच्चाधिकारियों ने सीसीटीवी कैमरे चेक करने के बाद दरोगा को जेल भेजने की बात कही थी। तीन दिन बाद भी न तो कैमरे चेक किए जा सके और न ही चौकी इंचार्ज पर कोई बड़ी कार्रवाई।

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महिला ने झूठे मुकदमों में फंसाया, सीएम के दरबार में भी नहीं हुई सुनवाई
मृतक के पिता लाखन सिंह के अनुसार भू-माफियाओं और पुलिस ने साठगांठ करके झूठे मुकदमों में फंसाया। पूरे परिवार को जेल भेजा और उनके बेटे को मार डाला। दूसरे पक्ष के पास प्लाट का कोई दस्तावेज नहीं था फिर भी पुलिस प्लॉट पर कब्जा करा रही थी। आरोप है कि उनके पास सारे दस्तावेज होने के बाद भी पुलिस ने सुनवाई नहीं की। सीएम योगी के दरबार में भी गए, लेकिन वहां से भी खाली हाथ लौटना पड़ा।

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भाई की हालत बिगड़ी, तो पुलिस ने बताया नाटक
मृतक के भाई सौरभ ने बताया कि भाई की हालत बिगड़ने के बाद भी पुलिस कहती रही कि साला नाटक कर रहा है। अस्पताल भेजने का कोई इंतजाम नहीं किया। जब तक हमने गाड़ी बुक की और अस्पताल लेकर पहुंचे तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आरोप है कि प्रीती 10 रुपये के स्टांप पर कुछ लिखा-पढ़ी लेकर घूम रही है, जिसे आधार मानकर पुलिस ने उसका साथ दिया।

पुलिस की मौजूदगी में हुआ शव का अंतिम संस्कार
दिनेश भदौरिया के शव का शुक्रवार को ब्रह्मावर्त घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। माहौल को देखते हुए भारी पुलिस बल रात भर गांव में तौनात रहा। सुबह जब शव को घाट ले जाया गया तो पुलिस फोर्स भी उनके साथ ही गया। शव को अंतिम संस्कार होने के बाद पुलिस प्रशासन ने चेन की सांस ली।

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