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सीबीएसई बोर्ड परीक्षा : पहले दिन गणित के विस्तृत पेपर ने छात्रों के छुड़ाए पसीने
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सर पदमपत सिहांनिया एजुकेशन सेंटर से परीक्षा देकर निकलते परीक्षार्थी।
- फोटो : संवाद
कानपुर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की बोर्ड परीक्षाएं मंगलवार से 27 केंद्रों पर शुरू हो गईं। 10वीं में गणित के प्रश्नपत्र ने छात्रों के पसीने छुड़ा दिए। पेपर लंबा और विश्लेषणात्मक रहा, जिससे कई छात्र समय प्रबंधन में परेशान दिखे। परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते वक्त कुछ छात्रों ने पेपर को सरल तो कुछ ने मध्यम बताया, लेकिन सभी ने इसे विस्तृत और चुनौतीपूर्ण माना। पहले दिन करीब 10 हजार से अधिक छात्र पंजीकृत रहे।
पहली बार बोर्ड दे रहे छात्रों के अनुसार प्रश्नपत्र में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम से ही प्रश्न पूछे गए थे, लेकिन अधिकांश सवालों में गहरी समझ और तार्किक सोच की जरूरत थी। केस-स्टडी आधारित और उच्च स्तरीय प्रश्नों ने समय अधिक लिया, जिससे कई विद्यार्थियों को आखिरी सेक्शन पूरा करने में कठिनाई हुई। हालांकि जिन छात्रों ने नियमित अभ्यास और मॉक टेस्ट किए थे उन्हें पेपर संतुलित लगा।
इसी दिन कक्षा 12वीं में वैकल्पिक विषयों की परीक्षाएं भी हुईं। बायोटेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप, शॉर्टहैंड (अंग्रेजी एवं हिंदी) जैसे विषयों में परीक्षा देने वाले छात्रों ने पेपर को सामान्य से अच्छा बताया। अधिकांश परीक्षार्थियों का कहना था कि प्रश्न पाठ्यक्रम के अनुरूप थे और सीधे-सपाट पूछे गए। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। समय पर प्रवेश, पहचान सत्यापन और अनुशासन का सख्ती से पालन कराया गया। अभिभावक भी केंद्रों के बाहर बच्चों का इंतजार करते नजर आए।
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बोले परीक्षार्थी
पहला पेपर गणित का था, जिसे लेकर एक अलग प्रेशर था। पेपर आसान था केवल विस्तृत था। - दीक्षा त्रिपाठी, पं. दीनदयाल स्कूल
पेपर थोड़ा टफ रहा। उत्तर निकालने में मशक्कत करनी पड़ी। नियमित पढ़ाई करने वाले बेहतर कर पाएंगे।-- -साक्षी, फातिमा कॉन्वेंट स्कूल
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पहली बार बोर्ड दे रहे छात्रों के अनुसार प्रश्नपत्र में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम से ही प्रश्न पूछे गए थे, लेकिन अधिकांश सवालों में गहरी समझ और तार्किक सोच की जरूरत थी। केस-स्टडी आधारित और उच्च स्तरीय प्रश्नों ने समय अधिक लिया, जिससे कई विद्यार्थियों को आखिरी सेक्शन पूरा करने में कठिनाई हुई। हालांकि जिन छात्रों ने नियमित अभ्यास और मॉक टेस्ट किए थे उन्हें पेपर संतुलित लगा।
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इसी दिन कक्षा 12वीं में वैकल्पिक विषयों की परीक्षाएं भी हुईं। बायोटेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप, शॉर्टहैंड (अंग्रेजी एवं हिंदी) जैसे विषयों में परीक्षा देने वाले छात्रों ने पेपर को सामान्य से अच्छा बताया। अधिकांश परीक्षार्थियों का कहना था कि प्रश्न पाठ्यक्रम के अनुरूप थे और सीधे-सपाट पूछे गए। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। समय पर प्रवेश, पहचान सत्यापन और अनुशासन का सख्ती से पालन कराया गया। अभिभावक भी केंद्रों के बाहर बच्चों का इंतजार करते नजर आए।
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बोले परीक्षार्थी
पहला पेपर गणित का था, जिसे लेकर एक अलग प्रेशर था। पेपर आसान था केवल विस्तृत था। - दीक्षा त्रिपाठी, पं. दीनदयाल स्कूल
पेपर थोड़ा टफ रहा। उत्तर निकालने में मशक्कत करनी पड़ी। नियमित पढ़ाई करने वाले बेहतर कर पाएंगे।