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सीबीआई ने मांगा मनरेगा कामों का ब्योरा
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Thu, 11 Dec 2014 02:25 AM IST
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महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी (मनरेगा) के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कराए गए 100 करोड़ के कार्यों का ब्योरा सीबीआई ने मांगा है।
विकास भवन स्थित उप श्रमायुक्त मनरेगा कार्यालय के मनरेगा सहायक पूरा डाटा जुटाने में लगे हैं।
बता दें कि मनरेगा के कामों में गड़बड़ी मिलने पर पूरे प्रदेश के मामलों की जांच सीबीआई को दी गई है। शहर में भी ब्लाकवार दो सालों में मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों की जानकारी मांगी गई है।
शहर में मनरेगा की शुरुआत 2008-09 में की गई थी। सीबीआई ने 2008-09 और 2009- 2010 में ब्लाक वार गांवों में कराए गए कार्यों की जानकारी मांगी है।
यह भी बताने को कहा है कि गांवों में तालाब खुदाई में कितना पैसा लगा। खुदाई में कितने जाब कार्डधारकों ने काम किया। इसके अलावा मनरेगा से कितनी सड़कें और खड़ंजे आदि लगाए गए।
किस गांव में दो सालों में कितने जाब कार्डधारकों को काम दिया गया। डिप्टी कमिश्नर मनरेगा एसके सिंह ने बताया कि गांव और ब्लाक वार सारी जानकारी सीबीआई को उपलब्ध कराई जा रही है।
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इसके लिए कंप्यूटराइज्ड डाटा तैयार किया जा रहा है। इस काम में मनरेगा सहायक प्रमोद कुमार और संतोष व्यास लगे हैं।
उन्होंने बताया कि सीबीआई सारे डाटा का मिलान करेगी। इसमें किसी तरह की गड़गड़ी की आशंका होती है तो उसकी जांच करेगी।
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विकास भवन स्थित उप श्रमायुक्त मनरेगा कार्यालय के मनरेगा सहायक पूरा डाटा जुटाने में लगे हैं।
बता दें कि मनरेगा के कामों में गड़बड़ी मिलने पर पूरे प्रदेश के मामलों की जांच सीबीआई को दी गई है। शहर में भी ब्लाकवार दो सालों में मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों की जानकारी मांगी गई है।
शहर में मनरेगा की शुरुआत 2008-09 में की गई थी। सीबीआई ने 2008-09 और 2009- 2010 में ब्लाक वार गांवों में कराए गए कार्यों की जानकारी मांगी है।
यह भी बताने को कहा है कि गांवों में तालाब खुदाई में कितना पैसा लगा। खुदाई में कितने जाब कार्डधारकों ने काम किया। इसके अलावा मनरेगा से कितनी सड़कें और खड़ंजे आदि लगाए गए।
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किस गांव में दो सालों में कितने जाब कार्डधारकों को काम दिया गया। डिप्टी कमिश्नर मनरेगा एसके सिंह ने बताया कि गांव और ब्लाक वार सारी जानकारी सीबीआई को उपलब्ध कराई जा रही है।
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इसके लिए कंप्यूटराइज्ड डाटा तैयार किया जा रहा है। इस काम में मनरेगा सहायक प्रमोद कुमार और संतोष व्यास लगे हैं।
उन्होंने बताया कि सीबीआई सारे डाटा का मिलान करेगी। इसमें किसी तरह की गड़गड़ी की आशंका होती है तो उसकी जांच करेगी।