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Kanpur News: ओईएफ हजरतपुर टेंडर घोटाले की जांच में सीबीआई ने शहर में मारा छापा

Fri, 10 Jul 2026 02:11 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jul 2026 02:11 AM IST
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CBI raids city in connection with OEF Hazratpur tender scam probe.
कानपुर। आयुध उपष्कर निर्माणी (ओईएफ) हजरतपुर में करोड़ों के टेंडर घोटाले का खुलासा होने के बाद बृहस्पतिवार को सीबीआई की दो टीमों ने शहर में छापा मारा। टीमों ने मुख्य महाप्रबंधक के आवास और कार्यालय में दस्तावेज खंगाले। सीबीआई ने शाहजहांपुर में भी कार्रवाई की। इस मामले ने निर्माणी की पूरी खरीद प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। निर्माणी के कई अफसर जांच की जद में आ गए हैं। पूरे मामले का रक्षा मंत्रालय ने भी संज्ञान लिया है।
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सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा गाजियाबाद ने निर्माणी के तत्कालीन मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) अमित सिंह, कनिष्ठ कार्य प्रबंधक (जेडब्ल्यूएम) और कई ठेकेदारों और कंपनियों के खिलाफ अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की है। इनमें कुल 10 लोग आरोपी बनाए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई अफसरों की टीमों ने तत्कालीन कनिष्ठ कार्य प्रबंधक दीपेश गुप्ता और ओईएफ हजरतपुर के तत्कालीन मुख्य महाप्रबंधक और वर्तमान में कानपुर में तैनात अमित सिंह के आवासों पर छापा मारा। टीमों ने टेंडर संबंधी अभिलेखों को खंगाला। इन पर टेंडर की हेरफेर में शामिल होने का आरोप है। एक टीम ने शाहजहांपुर में देव ट्रेडर्स के प्रबंधक कपिल पांडेय के आवास पर भी छापा मारा।
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सूत्रों ने बताया कि अमित सिंह पर आय से अधिक संपत्ति का मामला पहले से ही चल रहा है। इस मामले का खुलासा पिछले साल हुआ था। इसके बाद उनका तबादला हजरतपुर से शाहजहांपुर स्थित आयुध निर्माणी किया गया था। बाद में जनवरी 2026 में उनका तबादला कानपुर के अरमापुर स्थित ट्रूप कंफर्ट्स लिमिटेड, ट्रेनिंग एकेडमी (टीसीएल, टीए) में कर दिया गया।
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सूत्रों के मुताबिक सीबीआई जांच में खुलासा हुआ कि साल 2022 से 2025 के बीच नियमों को ताक पर रखकर करीब 12 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी टेंडर बांटे गए और निर्माणी के भीतर के ही कंप्यूटरों का इस्तेमाल कर चहेती कंपनियों को टेंडर दिलाए गए। इसके एवज में अफसरों को लाखों की रिश्वत, दक्षिण कोरिया की हवाई यात्रा के टिकट और उनकी पत्नियों के खातों में मोटी रकम ट्रांसफर की गई। जिस तरह से मामला बढ़ा है संभव है कि जल्द ही रक्षा मंत्रालय पूरे मामले की अलग से जांच कराए।


रक्षा मंत्रालय ने पूरे मामले का संज्ञान भी लिया है। सीबीआई की जांच में अन्य अफसरों की भूमिका सामने आ सकती है। सूत्रों ने बताया कि हजरतपुर स्थित निर्माणी में अलग-अलग अफसरों के बीच आपसी खींचतान मची हुई है। कई अफसर एक दूसरे की शिकायतें कर रहे हैं।
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