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मंगटा में हुए संघर्ष में दोनों पक्षों पर केस, दो गिरफ्तार
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कानपुर देहात। गजनेर थाना क्षेत्र के मंगटा गांव मेें पुरानी रंजिश को लेकर हुए संघर्ष में दोनों पक्षों ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें एक पक्ष से दो लोगों को गिरफ्तार कर शांतिभंग की कार्रवाई की गई। पुलिस ने दोनों को एसडीएम कोर्ट में पेश किया।
वहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिए गए। वहीं घायल सीआरपीएफ जवान का कानपुर उर्सला अस्पताल में उपचार हो रहा है। गांव में तैनात पीएसी को सर्तक किया गया है। वहीं गजनेर इंस्पेक्टर भी डेरा डाले हुए हैं।
मंगटा गांव में छुट्टी पर आए सीआरपीएफ जवान जयवीर सिंह व दूसरे पक्ष से भुइयादीन के बीच शनिवार को पुरानी रंजिश के चलते मारपीट हो गई थी। इसमें जयवीर सिंह गंभीर रुप से घायल हो गए थे। रविवार को जयवीर सिंह के बेटे अभय ने भुइयांदीन, उसके बेट लवलेश व भतीजे अजय पर घर में घुसकर मारपीट करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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वहीं दूसरे पक्ष से भुइयांदीन के भतीजे अजय ने जयवीर सिंह पर घर में घुसकर मारपीट, एसएसीएसटी एक्ट की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने भुइयांदीन व उसके भतीजे को हिरासत में लेकर पूछताछ की। रविवार को दोनों को शांतिभंग करने के आरोप में अकबरपुर एसडीएम कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
बता दें कि 13 फरवरी 2020 को गांव में जाति विशेष पर टिप्पणी करने को लेकर दो पक्षों में संघर्ष हुआ था। इस घटना में 26 लोग घायल हुए थे। 28 नामजद व 20 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। गांव में तनाव के माहौल को देखते हुए घटना के बाद से अब तक पीएसी तैनात है।
साथ ही अस्थाई पुलिस चौकी भी संचालित है। शनिवार को फिर दो पक्षों में हुई मारपीट के बाद माहौल गरम हो गया है। इससे पुलिस सर्तक हो गई है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि दोनों पक्षों की रिपोर्ट दर्ज कर दो आरोपियों को शांतिभंग में गिरफ्तार किया गया है।
लोगों के साथ बैठक कर अधिकारियों ने समझाया
कानपुर देहात। मंगटा में शनिवार को दो पक्षों में हुई मारपीट के बाद पुलिस सतर्क हो गई है। ग्रामीणों की हर गतिविधि पर पुलिस की नजर है। साथ ही गांव का माहौल खराब न हो इसके लिए अफसर लगातार कोशिश कर रहे हैं। घटना के दूसरे दिन रविवार को एसडीएम व सीओ ने गांव जाकर ग्रामीणों के साथ बैठक की।
इस दौरान एसडीएम राजीवराज ने कहा कि भाईचारे का माहौल बनाने के लिए गांव के जिम्मेदार लोगों को आगे आना चाहिए। बुजुर्गों व शिक्षित लोगों पर ये जिम्मेदारी बढ़ जाती है। सीओ अकबरपुर अरुण कुमार सिंह ने भी ग्रामीणों के साथ बैठक की। उन्होंने दोनों पक्षों के साथ अलग-अलग वार्ता की। साथ ही दोनों पक्षों को कानून हाथ में न लेने की सख्ती से हिदायत दी। सीओ ने ग्रामीणों से कहा कि पुरानी खुन्नस को मन में न रखें। माहौल को सामान्य रखने की कोशिश करें।
एक ही गांव में रहकर आपस में तनाव रखने का कोई मतलब नहीं है। कोरोना महामारी में लोग एकजुट होकर एक-दूसरे की मदद कर रहे हैं। ऐसे में पुरानी घटनाओं को मुद्दा बनाकर बेवजह तूल देने की जरूरत नहीं है। सौहार्दपूर्ण माहौल में जीवन यापन करें। इससे गांव का विकास होगा और लोगों की तरक्की होगी।
प्रभारी निरीक्षक गंगा सिंह यादव ने दोनों पक्षों को भरोसा दिया कि पूरी निष्पक्षता के साथ कार्रवाई होगी। अगर किसी को कोई शिकायत है तत्काल सूचना दे लेकिन माहौल खराब करने की कोशिश न करे। उन्होंने शांति बनाए रखने की अपील की। गांव में पीएससी व पुलिस बल के साथ सीओ व प्रभारी निरीक्षक ने पैदल मार्च किया।
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वहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिए गए। वहीं घायल सीआरपीएफ जवान का कानपुर उर्सला अस्पताल में उपचार हो रहा है। गांव में तैनात पीएसी को सर्तक किया गया है। वहीं गजनेर इंस्पेक्टर भी डेरा डाले हुए हैं।
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मंगटा गांव में छुट्टी पर आए सीआरपीएफ जवान जयवीर सिंह व दूसरे पक्ष से भुइयादीन के बीच शनिवार को पुरानी रंजिश के चलते मारपीट हो गई थी। इसमें जयवीर सिंह गंभीर रुप से घायल हो गए थे। रविवार को जयवीर सिंह के बेटे अभय ने भुइयांदीन, उसके बेट लवलेश व भतीजे अजय पर घर में घुसकर मारपीट करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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वहीं दूसरे पक्ष से भुइयांदीन के भतीजे अजय ने जयवीर सिंह पर घर में घुसकर मारपीट, एसएसीएसटी एक्ट की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने भुइयांदीन व उसके भतीजे को हिरासत में लेकर पूछताछ की। रविवार को दोनों को शांतिभंग करने के आरोप में अकबरपुर एसडीएम कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
बता दें कि 13 फरवरी 2020 को गांव में जाति विशेष पर टिप्पणी करने को लेकर दो पक्षों में संघर्ष हुआ था। इस घटना में 26 लोग घायल हुए थे। 28 नामजद व 20 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। गांव में तनाव के माहौल को देखते हुए घटना के बाद से अब तक पीएसी तैनात है।
साथ ही अस्थाई पुलिस चौकी भी संचालित है। शनिवार को फिर दो पक्षों में हुई मारपीट के बाद माहौल गरम हो गया है। इससे पुलिस सर्तक हो गई है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि दोनों पक्षों की रिपोर्ट दर्ज कर दो आरोपियों को शांतिभंग में गिरफ्तार किया गया है।
लोगों के साथ बैठक कर अधिकारियों ने समझाया
कानपुर देहात। मंगटा में शनिवार को दो पक्षों में हुई मारपीट के बाद पुलिस सतर्क हो गई है। ग्रामीणों की हर गतिविधि पर पुलिस की नजर है। साथ ही गांव का माहौल खराब न हो इसके लिए अफसर लगातार कोशिश कर रहे हैं। घटना के दूसरे दिन रविवार को एसडीएम व सीओ ने गांव जाकर ग्रामीणों के साथ बैठक की।
इस दौरान एसडीएम राजीवराज ने कहा कि भाईचारे का माहौल बनाने के लिए गांव के जिम्मेदार लोगों को आगे आना चाहिए। बुजुर्गों व शिक्षित लोगों पर ये जिम्मेदारी बढ़ जाती है। सीओ अकबरपुर अरुण कुमार सिंह ने भी ग्रामीणों के साथ बैठक की। उन्होंने दोनों पक्षों के साथ अलग-अलग वार्ता की। साथ ही दोनों पक्षों को कानून हाथ में न लेने की सख्ती से हिदायत दी। सीओ ने ग्रामीणों से कहा कि पुरानी खुन्नस को मन में न रखें। माहौल को सामान्य रखने की कोशिश करें।
एक ही गांव में रहकर आपस में तनाव रखने का कोई मतलब नहीं है। कोरोना महामारी में लोग एकजुट होकर एक-दूसरे की मदद कर रहे हैं। ऐसे में पुरानी घटनाओं को मुद्दा बनाकर बेवजह तूल देने की जरूरत नहीं है। सौहार्दपूर्ण माहौल में जीवन यापन करें। इससे गांव का विकास होगा और लोगों की तरक्की होगी।
प्रभारी निरीक्षक गंगा सिंह यादव ने दोनों पक्षों को भरोसा दिया कि पूरी निष्पक्षता के साथ कार्रवाई होगी। अगर किसी को कोई शिकायत है तत्काल सूचना दे लेकिन माहौल खराब करने की कोशिश न करे। उन्होंने शांति बनाए रखने की अपील की। गांव में पीएससी व पुलिस बल के साथ सीओ व प्रभारी निरीक्षक ने पैदल मार्च किया।