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बच्चों के यौन शोषण का मामला: सबूत एकत्र कर रवाना हुई सीबीआई टीम, एक टीम बांदा जिले के आसपास मौजूद
Fri, 11 Dec 2020 01:05 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 11 Dec 2020 01:05 PM IST
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जेई को ले जाती सीबीआई
- फोटो : amar ujala
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करीब 50 बच्चोें के यौन शोषण के आरोपी निलंबित जेई रामभवन के खिलाफ सीबीआई की टीम ने कालूपुर और शोभासिंह का पुरवा के पास दो दिन तक रुककर सुबूत जुटाए। साथ ही पहले से मिले सुबूतों और जानकारी की पुष्टि भी की। गुरुवार को सीबीआई की टीम जिले से रवाना हो गई है।
संभावना जताई गई है कि 14 दिसंबर को जेई की बांदा अदालत में पेशी से पहले एक टीम बांदा नरैनी के आसपास मौजूद है। सीबीआई की एक टीम ने लगातार दस दिन तक मुख्यालय के सिंचाई विभाग के रेस्ट हाउस में रुककर निलंबित जेई की रिमांड पूरी होने के बाद भी सबूतों का मिलान किया।
कई स्थानों पर जाकर गुप्त जांच की और पीड़ित बच्चों के परिजनों से मिलकर सूचनाएं एकत्र की। बुधवार और बृहस्पतिवार को सीबीआई की टीम ने शोभासिंह का पुरवा और कालूपुर के पास एक स्थान पर डेरा डाला। गौरतलब है कि शोभासिंह का पुरवा में रामभवन व उसके सहयोगी स्वास्थ्य कर्मी और शिक्षक-शिक्षिकाएं रहती हैं।
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उधर, कालपुर में जेई का चालक अभय किराये के घर में रहता है। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई की टीम ने इन स्थानों पर रुककर इन सहयोगियों पर गुप्त रूप से नजर रखकर पूरी जानकारी जुटाई है। गुरुवार की शाम को ही सीबीआई की टीम जिले से चली गई है। संभावना जताई जा रही है कि एक टीम अभी बांदा और नरैनी के पास मौजूद है। नरैनी में जेई का मूल निवास है और बांदा की अदालत में जेई की 14 दिसंबर को पेशी है।
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संभावना जताई गई है कि 14 दिसंबर को जेई की बांदा अदालत में पेशी से पहले एक टीम बांदा नरैनी के आसपास मौजूद है। सीबीआई की एक टीम ने लगातार दस दिन तक मुख्यालय के सिंचाई विभाग के रेस्ट हाउस में रुककर निलंबित जेई की रिमांड पूरी होने के बाद भी सबूतों का मिलान किया।
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कई स्थानों पर जाकर गुप्त जांच की और पीड़ित बच्चों के परिजनों से मिलकर सूचनाएं एकत्र की। बुधवार और बृहस्पतिवार को सीबीआई की टीम ने शोभासिंह का पुरवा और कालूपुर के पास एक स्थान पर डेरा डाला। गौरतलब है कि शोभासिंह का पुरवा में रामभवन व उसके सहयोगी स्वास्थ्य कर्मी और शिक्षक-शिक्षिकाएं रहती हैं।
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उधर, कालपुर में जेई का चालक अभय किराये के घर में रहता है। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई की टीम ने इन स्थानों पर रुककर इन सहयोगियों पर गुप्त रूप से नजर रखकर पूरी जानकारी जुटाई है। गुरुवार की शाम को ही सीबीआई की टीम जिले से चली गई है। संभावना जताई जा रही है कि एक टीम अभी बांदा और नरैनी के पास मौजूद है। नरैनी में जेई का मूल निवास है और बांदा की अदालत में जेई की 14 दिसंबर को पेशी है।