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बांदा: आरोपी जेई की एम्स में जांच पर 17 को सुनवाई, रामभवन की न्यायिक हिरासत 21 तक बढ़ी
Mon, 14 Dec 2020 08:39 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 14 Dec 2020 08:39 PM IST
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आरोपी निलंबित जेई रामभवन
- फोटो : अमर उजाला
बच्चों के यौन उत्पीड़न के चर्चित प्रकरण में मुख्य आरोपी निलंबित जेई रामभवन की न्यायिक हिरासत 21 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है। उधर, घटना की जांच कर रही सीबीआई ने आरोपी की मानसिक और अन्य शारीरिक जांचें एम्स (दिल्ली) में कराने के लिए अदालत से अनुमति मांगी है।
इस पर अदालत 17 दिसंबर को सुनवाई करेगी। सोमवार को मामले की पंचम एडीजे/पॉक्सो एक्ट न्यायाधीश मोहम्मद रिजवान अहमद ने सुनवाई की। पांच सदस्यीय सीबीआई टीम मौजूद रही। सीबीआई के डिप्टी एसपी अमित कुमार ने अदालत में चार अलग-अलग अर्जियां दीं।
पहली अर्जी में आरोपी रामभवन की न्यायिक हिरासत जो 14 दिसंबर को खत्म हो रही थी, उसे बढ़ाने का अनुरोध किया। इस पर न्यायाधीश ने 21 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत बढ़ा दी। सीबीआई ने दूसरी अर्जी में कहा कि आरोपी रामभवन के विरुद्ध जांच में कई और तथ्य सामने आए हैं।
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आरोपी से जेल में पूछताछ और वाइस टेस्टिंग आदि करनी है। इसकी अनुमति दी जाए। न्यायाधीश ने यह अर्जी भी स्वीकृत करते हुए सीबीआई को आरोपी से जेल में मिलकर पूछताछ करने की मंजूरी दे दी। सीबीआई ने दो अन्य अर्जियों में कहा कि आरोपी रामभवन की दिमागी व अन्य शारीरिक मेडिकल जांच के लिए दिल्ली स्थित एम्स हॉस्पिटल ले जाना है।
इसकी भी अनुमति दी जाए। सीबीआई की इस अर्जी का आरोपी के अधिवक्ता अभिलाष पटेल और देवदत्त तिवारी ने विरोध करते हुए अदालत से गुजारिश की कि उन्हें तैयारी के लिए मोहलत दी जाए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने इस अर्जी पर सुनवाई के लिए अगली तिथि 17 दिसंबर निर्धारित कर दी। सीबीआई की ओर से अदालत में पैरवी स्थानीय एडीजीसी रामसुफल सिंह, मनोज दीक्षित व जयप्रकाश साहू ने की। उधर, आरोपी रामभवन को जेल से अदालत नहीं लाया गया।
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इस पर अदालत 17 दिसंबर को सुनवाई करेगी। सोमवार को मामले की पंचम एडीजे/पॉक्सो एक्ट न्यायाधीश मोहम्मद रिजवान अहमद ने सुनवाई की। पांच सदस्यीय सीबीआई टीम मौजूद रही। सीबीआई के डिप्टी एसपी अमित कुमार ने अदालत में चार अलग-अलग अर्जियां दीं।
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पहली अर्जी में आरोपी रामभवन की न्यायिक हिरासत जो 14 दिसंबर को खत्म हो रही थी, उसे बढ़ाने का अनुरोध किया। इस पर न्यायाधीश ने 21 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत बढ़ा दी। सीबीआई ने दूसरी अर्जी में कहा कि आरोपी रामभवन के विरुद्ध जांच में कई और तथ्य सामने आए हैं।
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आरोपी से जेल में पूछताछ और वाइस टेस्टिंग आदि करनी है। इसकी अनुमति दी जाए। न्यायाधीश ने यह अर्जी भी स्वीकृत करते हुए सीबीआई को आरोपी से जेल में मिलकर पूछताछ करने की मंजूरी दे दी। सीबीआई ने दो अन्य अर्जियों में कहा कि आरोपी रामभवन की दिमागी व अन्य शारीरिक मेडिकल जांच के लिए दिल्ली स्थित एम्स हॉस्पिटल ले जाना है।
इसकी भी अनुमति दी जाए। सीबीआई की इस अर्जी का आरोपी के अधिवक्ता अभिलाष पटेल और देवदत्त तिवारी ने विरोध करते हुए अदालत से गुजारिश की कि उन्हें तैयारी के लिए मोहलत दी जाए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने इस अर्जी पर सुनवाई के लिए अगली तिथि 17 दिसंबर निर्धारित कर दी। सीबीआई की ओर से अदालत में पैरवी स्थानीय एडीजीसी रामसुफल सिंह, मनोज दीक्षित व जयप्रकाश साहू ने की। उधर, आरोपी रामभवन को जेल से अदालत नहीं लाया गया।