Banda: जाली भारतीय मुद्रा छापने का मामला, गैंगस्टर के दोषी को चार वर्ष की जेल, सात हजार का जुर्माना भी ठोका
Banda Crime: पुलिस ने मामले की जांच के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। मुकदमा की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक सौरभ कुमार सिंह ने एक गवाह पेश किया। घनश्याम ने अदालत के सामने जुर्म कबूल कर लिया।
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बांदा जिले में जाली भारतीय मुद्रा छापकर बाजार में खपाने के दोषी को विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर की अदालत ने दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को चार वर्ष की जेल और जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले में जेल में बंद पश्चिम बंगाल निवासी दूसरे आरोपी के जुर्म कबूल नहीं करने पर उसकी पत्रावली अलग कर दी गई है।
दोषी करार दिया गया व्यक्ति अतर्रा कोतवाली क्षेत्र का रहने वाला है। कस्बा अतर्रा के राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के पास रहने वाले गैंगस्टर के दोषी घनश्याम गुप्ता पुत्र स्व. केदारनाथ को विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर गुणेंद्र प्रकाश की अदालत ने चार वर्ष की जेल और सात हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई है।
अतर्रा कोतवाली में 8 अप्रैल 2019 को घनश्याम के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने घनश्याम और मिथुन उर्फ अब्दुल सलाम निवासी मालवा, पश्चिम बंगाल के खिलाफ भारतीय जाली मुद्रा छापकर बाजार में खपाने का आरोप था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
चार वर्ष का सश्रम कारावास और सात हजार अर्थदंड
पुलिस ने मामले की जांच के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। मुकदमा की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक सौरभ कुमार सिंह ने एक गवाह पेश किया। घनश्याम ने अदालत के सामने जुर्म कबूल कर लिया। न्यायाधीश ने चार वर्ष का सश्रम कारावास और सात हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है।
दूसरे आरोपी की पत्रावली की गई अलग
मामले में पश्चिम बंगाल निवासी दूसरे आरोपी मिथुन की पत्रावली अलग कर दी गई है। शुक्रवार को मिथुन को भी जेल से अदालत में पेश किया गया। लेकिन जज के सामने उसने जुर्म कबूल नहीं किया। उसे अगली पेशी की तारीख देकर जेल भेज दिया गया है।