जेवरात गायब होने का मामला: सेंट्रल बैंक के ग्राहक अब एप से कर सकेंगे शिकायत, ये रही पूरी जानकारी
क्षेत्रीय प्रबंधक दयानंद पांडेय ने बताया कि ऑनलाइन कंप्लेन पोर्टल व एप शुरू कर दिया गया है। शिकायतों के निस्तारण के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय कर दी गई है। बताया कि कराचीखाना शाखा के सभी लॉकर सुधार लिए गए हैं। किसी ग्राहक ने लॉकर सरेंडर नहीं किया है।
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कानपुर में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया कराचीखाना शाखा के लॉकरों से जेवर चोरी होने के बाद बैंक ने सीएमएस मोबाइल एप लांच किया है। अब कोई भी ग्राहक प्ले स्टोर से एप डाउनलोड कर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकेगा। शिकायतें शाखा, क्षेत्रीय प्रबंधक और जोनल मैनेजर तक जाएंगी। इन्हें तय समय में निस्तारित करने की जिम्मेदारी अधिकारियों की होगी।
संबंधित अफसर के अधिकार क्षेत्र का मामला न होने पर उच्च अफसरों को रिपोर्ट भेजनी होगी। दरअसल, गहने चोरी होने के बाद बैंक की साख को खासा बट्टा लगा है। इसके चलते मोबाइल एप लांच किया गया है। इस पर की गई शिकायत उच्च अधिकारियों को तक पहुंच सकेगी और उसकी निगरानी की जा सकेगी। दरअसल, पीड़ित मंजू भट्टाचार्य ने जनवरी में लॉकर से गहने चोरी होने की लिखित शिकायत बैंक में की थी, लेकिन बैंक के तत्कालीन अफसरों ने मामले को दबा दिया था।
इसके बाद पीड़ित ने बैंकिंग लोकपाल से शिकायत की। इसके बाद उच्च अफसरों को मामले की जानकारी हो सकी थी। क्षेत्रीय प्रबंधक दयानंद पांडेय ने बताया कि ऑनलाइन कंप्लेन पोर्टल व एप शुरू कर दिया गया है। शिकायतों के निस्तारण के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय कर दी गई है। बताया कि कराचीखाना शाखा के सभी लॉकर सुधार लिए गए हैं। किसी ग्राहक ने लॉकर सरेंडर नहीं किया है।
आरोपियों की संपत्तियां होंगी कुर्क
क्षेत्रीय प्रबंधक दयानंद पांडेय ने बताया कि बैंक अपने नुकसान की भरपाई आरोपियों की व्यक्तिगत संपत्ति से करेगा। इसके लिए बैंक भी कोर्ट जाएगा और इनकी संपत्तियां कुर्क करने का आदेश लेने का प्रयास किया जाएगा। मामले में बैंक मैनेजर रामप्रसाद, लॉकर इंचार्ज शुभम मालवीय मुख्य आरोपी हैं।
आखिरी पीड़िता को भी मिला ड्राफ्ट, खुशी में छलके आंसू
लॉकर चोरी मामले की आखिरी पीड़ित सीता गुप्ता को भी मुआवजे का ड्राफ्ट बुधवार को मिल गया। मंगलवार को गवाह न मिलने के कारण उन्हें ड्राफ्ट नहीं मिल पाया था। ड्राफ्ट मिलते ही वे भावुक हो गईं। वे पति शिव शंकर लाल गुप्ता, लॉकर न्याय संघर्ष समिति के संयोजक अभिमन्यु गुप्ता के साथ बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय पांडु नगर पहुंचीं थीं। डिप्टी आरएम ने उन्हें 17.50 लाख का ड्राफ्ट सौंपा।