CSJMU: आरोपी का खुलासा, बोला- फर्जी हस्ताक्षर कर 12 साल में इतनों को पास किया…संख्या याद नहीं, कही ये बात
Kanpur News: सीएसजेएमयू की फर्जी अंक तालिका बनाने के मामले में पुलिस रिमांड के दौरान मास्टर माइंड के साथी ने कई राज कबूले हैं। आरोपी ने पुलिस को विश्वविद्यालय से संबंधित दस्तावेज बरामद कराए हैं।
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कानपुर में छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में फर्जी अंक तालिका बनाने व फेल को पास कराने के मामले में जेल भेजे गए आरोपी शिव कुमार ने दो दिन की कस्टडी रिमांड के दौरान कई खुलासे किए। बताया कि वह करीब 12 साल में फर्जी मार्कशीट बनाकर फेल या बिन परीक्षा दिए लोगों को पास कराने के गिरोह में काम कर रहा है। इस दौरान उसने बहुत सारी मार्कशीटों में विश्वविद्यालय के अधिकारियों के हूबहू हस्ताक्षर किए लेकिन असल संख्या नहीं बता सका।शुक्रवार को रिमांड की अवधि खत्म होने पर पुलिस ने उसे जेल में दाखिल कर दिया।
कल्याणपुर पुलिस ने छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के फेल छात्र नेहाल हुसैन रिजवी की अंक तालिका में फेर बदल कर रिकॉर्ड रूम के चपरासी जगदीश ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे पास कर दिया था। मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से कल्याणपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मामले की जांच में दोषी पाए जाने पर पुलिस ने घटना के मास्टरमाइंड चपरासी जगदीश व प्रयागराज के जार्ज टाउन थानाक्षेत्र के पुरादलेर अल्लहापुर निवासी उसके साथी शिवकुमार श्रीवास्तव आशीष राय को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
यूनिवर्सिटी व साइबर कैफे वाले भी करते थे सहयोग
खेल की तह तक पहुंचने के लिए विवेचक ने कोर्ट के आदेश पर 22 अगस्त को शिव कुमार को दो दिन की कस्टडी रिमांड पर लिया। सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान शिव कुमार ने बताया कि जगदीश के गैंग से जुड़कर विश्वविद्यालय के गजट व ब्लैंक मार्कशीट उसे जगदीश पाल लाकर देता था। फिर वह गजट में संबंधित अधिकारी की हैंडराइटिंग में संशोधन करता था। इसके अलावा फर्जी मार्कशीट, डिग्री तैयार करने में उसका सहयोग यूनिवर्सिटी व साइबर कैफे वाले भी करते थे।
मार्कशीटों के खरीददारों को चिह्नित करने की कवायद शुरू
शिव कुमार ने कबूल कि यूनिवर्सिटी के पुराने अफसरों के हस्ताक्षर खुद फर्जी मार्कशीट व अंक तालिका में बनाता था। कल्याणपुर थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी की निशानदेही पर यूनिवर्सिटी परिसर के पीछे जंगल से 10 गजट के पन्ने, 32 ब्लैंक मार्कशीट, दो पेन ड्राइव, एक मेमोरी कार्ड रीडर के साथ बरामद किया गया। थाना प्रभारी के मुताबिक रिमांड की अवधि खत्म होने पर शुक्रवार को आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल में दाखिल कर दिया गया। अब इन दस्तावेजों के जरिये पुलिस मार्कशीटों के खरीददारों को चिह्नित करने की कवायद में जुट गई है।