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उन्नाव: कासिम नगर के पते से बनवाया था आधार कार्ड, फर्जी तरीके से बनवाए गए दस्तावेज निरस्त किए जाएंगे
Mon, 22 Mar 2021 02:56 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 22 Mar 2021 02:56 PM IST
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रोहिंग्या शाहिद को उन्नाव में पैदा कराने के लिए अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रख दिया। उसने फर्जी तरीके से जन्म प्रमाण पत्र ही नहीं बनवाया, जिस कासिम नगर के मकान में किराये पर रहता था वहां के पते से अपना आधार कार्ड भी बनवा लिया। इसी आधार कार्ड को नगर पालिका में लगा उसने जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया।
एटीएस की नजर में मामला आने के बाद दस्तावेजों को निरस्त कराने की प्रक्रिया शुरू होगी। लगभग तीन साल पहले रोहिंग्या शाहिद अलीगढ़ से उन्नाव पहुंचा और बंथर औद्योगिक क्षेत्र स्थिल स्लॉटर हाउस में अपने अन्य साथियों का शोषण कर हर माह 50 हजार से अधिक की आमदनी करने लगा।
मोहल्ला कासिम नगर निवासी इदरीश के घर फर्जी वोटर आईडी व आधार के सहारे किराये पर रहने लगा। अच्छी आमदनी होने के कारण रोहिंग्या शाहिद ने उन्नाव में ही बसने का फैसला लिया और शातिर दिमाग का प्रयोग कर पहले फर्जी तरीके से कासिम नगर के पते से आधार कार्ड बनवाया और फिर इसी आधार कार्ड को नगरपालिका में लगाकर जन्म प्रमाण पत्र हासिल कर लिया।
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एटीएस की नजर में मामला आने के बाद दस्तावेजों को निरस्त कराने की प्रक्रिया शुरू होगी। लगभग तीन साल पहले रोहिंग्या शाहिद अलीगढ़ से उन्नाव पहुंचा और बंथर औद्योगिक क्षेत्र स्थिल स्लॉटर हाउस में अपने अन्य साथियों का शोषण कर हर माह 50 हजार से अधिक की आमदनी करने लगा।
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मोहल्ला कासिम नगर निवासी इदरीश के घर फर्जी वोटर आईडी व आधार के सहारे किराये पर रहने लगा। अच्छी आमदनी होने के कारण रोहिंग्या शाहिद ने उन्नाव में ही बसने का फैसला लिया और शातिर दिमाग का प्रयोग कर पहले फर्जी तरीके से कासिम नगर के पते से आधार कार्ड बनवाया और फिर इसी आधार कार्ड को नगरपालिका में लगाकर जन्म प्रमाण पत्र हासिल कर लिया।
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77 दिन में जारी हो गए 1198 जन्म प्रमाण-पत्र
शासन ने निकायों व ग्राम पंचायतों का जन्म प्रमाण पत्र जारी करने का बोझ कम करने के लिए जिला अस्पताल सहित राजकीय प्रसव चिकित्सालयों में यह सुविधा उपलब्ध करा रखी है। इसके बाद भी निजी चिकित्सालयों में जन्म लेने वालों के साथ योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की गरज से जन्म प्रमाण पत्र के लिए नगर पालिका में आवेदन करने वालों का तांता लगा रहता है।
इस साल 77 दिन में 1189 जन्म प्रमाण पत्र केवल उन्नाव नगर पालिका जारी कर चुकी है। नागरिकता का आधार बनने वाले इस सरकारी दस्तावेज को तैयार कराने में पुलिस का हस्तक्षेप समाप्त होने और निकायों में स्टाफ की कमी से फर्जीवाड़ा चरम पर पहुंच गया है।
सफाई हवलदारों व कर्मचारियाें को जांच का जिम्मा
जन्म प्रमाण-पत्र के लिए प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के आदेश पर भी जांच की व्यवस्था है, लेकिन निकायों में कर्मचारियों की कमी से जांच का जिम्मा सफाई हवलदारों व कर्मचारियों के भरोसे छोड़ दिया गया। पूर्व में 12 साल की उम्र के बाद न्यायिक आदेश पर प्रमाण-पत्र जारी कराने की व्यवस्था पर भी अमल किया जाता रहा, लेकिन इधर लोगों की आवश्यकता और समय पर आवेदन निस्तारित करने की व्यवस्था के चलते जांच के नाम खानापूरी ही की जाती है। अब तमाम योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए जरूरतमंद जन्म प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन करते हैं।
शासन ने निकायों व ग्राम पंचायतों का जन्म प्रमाण पत्र जारी करने का बोझ कम करने के लिए जिला अस्पताल सहित राजकीय प्रसव चिकित्सालयों में यह सुविधा उपलब्ध करा रखी है। इसके बाद भी निजी चिकित्सालयों में जन्म लेने वालों के साथ योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की गरज से जन्म प्रमाण पत्र के लिए नगर पालिका में आवेदन करने वालों का तांता लगा रहता है।
इस साल 77 दिन में 1189 जन्म प्रमाण पत्र केवल उन्नाव नगर पालिका जारी कर चुकी है। नागरिकता का आधार बनने वाले इस सरकारी दस्तावेज को तैयार कराने में पुलिस का हस्तक्षेप समाप्त होने और निकायों में स्टाफ की कमी से फर्जीवाड़ा चरम पर पहुंच गया है।
सफाई हवलदारों व कर्मचारियाें को जांच का जिम्मा
जन्म प्रमाण-पत्र के लिए प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के आदेश पर भी जांच की व्यवस्था है, लेकिन निकायों में कर्मचारियों की कमी से जांच का जिम्मा सफाई हवलदारों व कर्मचारियों के भरोसे छोड़ दिया गया। पूर्व में 12 साल की उम्र के बाद न्यायिक आदेश पर प्रमाण-पत्र जारी कराने की व्यवस्था पर भी अमल किया जाता रहा, लेकिन इधर लोगों की आवश्यकता और समय पर आवेदन निस्तारित करने की व्यवस्था के चलते जांच के नाम खानापूरी ही की जाती है। अब तमाम योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए जरूरतमंद जन्म प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन करते हैं।