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Kanpur: नजूल की संपत्ति कब्जाने का मामला, तीन अफसरों की टीम करेगी जांच, पुराने मामलों को खंगाल रही पुलिस

Tue, 30 Jul 2024 10:27 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 30 Jul 2024 10:27 AM IST
सार

Kanpur News: एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मामले में फरार आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजना प्राथमिकता है। एसीपी कोतवाली और चकेरी की अगुवाई में आठ थानों की फोर्स फरार आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। फरार आरोपियों की मोबाइल लोकेशन भी देखी जा रही है। इसके लिए सर्विलांस टीम को भी लगाया गया है।

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Case of grabbing Nazul property, a team of three officers will investigate, police is investigating old cases
किदवई नगर स्थित पूर्व अध्यक्ष अवनीश दीक्षित घर पुलिस पहुंची. - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में सिविल लाइंस स्थित नजूल की करोड़ों की जमीन पर कब्जा करने के प्रयास के आरोपी अवनीश दीक्षित समेत सभी आरोपियों की कुंडली खंगालने में पुलिस जुट गई है। पूरे मामले और आरोपियों की संपत्ति की जांच पुलिस किसी स्वतंत्र एजेंसी से करा सकती है। इसके अलावा जमीन की बरामद पॉवर ऑफ अटार्नी, अन्य दस्तावेजों की सत्यता और इनके महत्व की जांच भी कराएगी।

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जरूरत पड़ने पर एसआईटी भी गठित की जा सकती है। नजूल की जमीन पर कब्जा करने के प्रयास के मामले को लेकर पुलिस सक्रिय हो गई है। पुलिस मान रही है कि अवनीश दीक्षित इस प्रकरण में चेहरा मात्र है, असल में इसके पीछे कई सफेदपोश लोग और बिल्डर हैं।
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पूरे प्रकरण का पर्वेक्षण कर रहे एडिशनल पुलिस कमिश्नर हरीश चंदर ने बताया कि अवनीश दीक्षित के पास से बरामद जमीन की पॉवर ऑफ अटार्नी, एग्रीमेंट व अन्य दस्तावेजों की जांच कराई जा रही है। वर्तमान में आज की तिथि में इन दस्तावेजों का क्या महत्व है, इसकी जांच साइंटिफिक तरीके से कराई जा रही है। एक सवाल में उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जरूरत पड़ी तो एसआईटी गठित की जाएगी। साथ ही किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की संस्तुति की जाएगी।

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फरार आरोपियों को गिरफ्तार करना प्राथमिकता
एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मामले में फरार आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजना प्राथमिकता है। एसीपी कोतवाली और चकेरी की अगुवाई में आठ थानों की फोर्स फरार आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। फरार आरोपियों की मोबाइल लोकेशन भी देखी जा रही है। इसके लिए सर्विलांस टीम को भी लगाया गया है।

अंदर खाने से संपत्ति की जांच भी शुरू
आरोपी अवनीश दीक्षित व अन्य आरोपियों की घेराबंदी भी पुलिस ने शुरू कर दी है। अंदरखाने से पुलिस ने अवनीश व अन्य आरोपियों की आय के स्रोत और संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है। एक पुलिस अफसर का कहना है कि मामला बड़ा है, जरूरत हुई तो आयकर या ईडी को आरोपियों की अचल संपत्ति की जांच के लिए पत्र लिखा जाएगा।

अवनीश पर दर्ज पुराने सात मामलों की स्थिति खंगाल रही पुलिस
अवनीश दीक्षित के खिलाफ अब तक दर्ज सात मामलों की सूची भी पुलिस ने निकाल ली है। वर्ष 2017 में कर्नलगंज थाने में दर्ज धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार कर प्रयोग करने समेत कई धाराओं, इसी साल काकादेव थाने में हत्या का प्रयास, धोखाधड़ी समेत अन्य गंभीर धाराओं, बाबूपुरवा में छेड़छाड़, गालीगलौज, धमकी, हिंसा और संपत्ति क्षति का निवारण, धोखाधड़ी, धमकी, बलवा, चकेरी में मारपीट, गालीगलौज व धमकी, कोतवाली में मारपीट, गालीगलौज व धमकी की धारा में दर्ज मामले की विवेचना की स्थिति के बारे में पुलिस अफसर जानकारी करने में जुट गए हैं।

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