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कानपुर: 1.40 करोड़ के नोटों से भरे बैग को लेकर जूझ रही जीआरपी, आयकर के बाद आरबीआई ने भी कैश लेने से किया मना
Sat, 20 Feb 2021 12:07 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 20 Feb 2021 12:07 PM IST
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ट्रेन की पेंट्रीकार में नोटों से भरा बैग मिलने का मामला
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली से जयनगर जा रही स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के पेंट्रीकार में मिले 1.40 करोड़ रुपयों से भरे बैग को लेकर जीआरपी जूझ रही है। आयकर विभाग की टीम ने बैग लिया नहीं और आरबीआई प्रबंधन ने भी मना कर दिया। अब जीआरपी बैंक या कोषागार में इस धन को जमा कराने की जुगत में है।
मामले की जांच प्रभावित हो रही है। चार दिनों में सिर्फ पेंट्रीकार मैनेजर रंजन को थाने में बुलाकर बयान दर्ज किया गया है। उसने बताया कि टीटीई की ड्रेस में एक हेल्पर संग आए व्यक्ति ने यह बैग रेलवे अधिकारी के नाम पेंट्रीकार में रखवाया था।
कहा कि रेलवे अधिकारी का बैग है, कानपुर में उतार लिया जाएगा। चार दिन बीतने के बाद अब तक न तो नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से ट्रेन के चलने के वक्त पेंट्रीकार में बैग चढ़ाने वाले के दौरान सीसीटीवी फुटेज आ सके हैं और न ही कानपुर सेंट्रल पर रेलवे के इंटरकॉम पर सोमवार की देर रात ट्रेन के आने से पहले और बाद तक आने वाली कॉल की डिटेल निकाली जा सकी है।
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पूछताछ के बाद पेंट्रीकार मैनेजर रंजन को वापस बिहार भेज दिया गया। ट्रेन से कुरियर का पार्सल कानपुर-दिल्ली लाने ले जाने वाले कंपनी के प्रतिनिधियों से भी जीआरपी ने पूछताछ की है। जीआरपी इंस्पेक्टर राम मोहन राय ने बताया कि आयकर अधिकारी अगर रुपये नहीं लेते हैं तो प्रशासनिक अफसरों से मिलकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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मामले की जांच प्रभावित हो रही है। चार दिनों में सिर्फ पेंट्रीकार मैनेजर रंजन को थाने में बुलाकर बयान दर्ज किया गया है। उसने बताया कि टीटीई की ड्रेस में एक हेल्पर संग आए व्यक्ति ने यह बैग रेलवे अधिकारी के नाम पेंट्रीकार में रखवाया था।
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कहा कि रेलवे अधिकारी का बैग है, कानपुर में उतार लिया जाएगा। चार दिन बीतने के बाद अब तक न तो नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से ट्रेन के चलने के वक्त पेंट्रीकार में बैग चढ़ाने वाले के दौरान सीसीटीवी फुटेज आ सके हैं और न ही कानपुर सेंट्रल पर रेलवे के इंटरकॉम पर सोमवार की देर रात ट्रेन के आने से पहले और बाद तक आने वाली कॉल की डिटेल निकाली जा सकी है।
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पूछताछ के बाद पेंट्रीकार मैनेजर रंजन को वापस बिहार भेज दिया गया। ट्रेन से कुरियर का पार्सल कानपुर-दिल्ली लाने ले जाने वाले कंपनी के प्रतिनिधियों से भी जीआरपी ने पूछताछ की है। जीआरपी इंस्पेक्टर राम मोहन राय ने बताया कि आयकर अधिकारी अगर रुपये नहीं लेते हैं तो प्रशासनिक अफसरों से मिलकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।