{"_id":"36402e2048d86a47c3eb0f3a65fc73c0","slug":"cancer-patients-under-25-grew-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘कैंसर मरीजों की आयु 25 साल बढ़ी’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘कैंसर मरीजों की आयु 25 साल बढ़ी’
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Sat, 25 Apr 2015 02:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैंसर लाइलाज नहीं रहा है। पहले ब्लड कैंसर (क्रॉनिक माइलॉयड ल्यूकीमिया, सीएमएल) होने के बाद औसत जीवन सिर्फ दो से तीन साल होता था लेकिन अब इलाज से इस पर विजय पा ली गई है। पीड़ित मरीजों की औसत आयु इलाज के बाद 25 साल बढ़ चुकी है। यह कैंसर पुरुषों में ज्यादा पाया जाता है।
देश में हर साल 32532 लोग इससे पीड़ित होते हैं। यह कहना है केजीएमयू लखनऊ के हीमैटोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एके त्रिपाठी का। डॉ. त्रिपाठी शुक्रवार को जेके कैंसर के स्थापना दिवस पर सीएमएल विषय पर संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि कमजोरी, भूख न लगना, पेट हमेशा भारी रहना, पेट में असामान्य तनाव व सूजन या तिल्ली बढ़ना, वजन में कमी होना, माहवारी का अनियमित होना, त्वचा में लाल या नीले चकत्ते पड़ना, हड्डियों में दर्द होना सीएमएल के लक्षण होते हैं।
विज्ञापन
जेके कैंसर के डायरेक्टर डॉ. एमपी मिश्र ने बताया कि सीएमएल की दवा ‘इमेटिनिब’ का सेवन कर मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं। यह दवा संस्थान में मुफ्त मिलती है। डॉ. मिश्र ने जेके ग्रुप के प्रति आभार भी जताया।
विज्ञापन
देश में हर साल 32532 लोग इससे पीड़ित होते हैं। यह कहना है केजीएमयू लखनऊ के हीमैटोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एके त्रिपाठी का। डॉ. त्रिपाठी शुक्रवार को जेके कैंसर के स्थापना दिवस पर सीएमएल विषय पर संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि कमजोरी, भूख न लगना, पेट हमेशा भारी रहना, पेट में असामान्य तनाव व सूजन या तिल्ली बढ़ना, वजन में कमी होना, माहवारी का अनियमित होना, त्वचा में लाल या नीले चकत्ते पड़ना, हड्डियों में दर्द होना सीएमएल के लक्षण होते हैं।
विज्ञापन
जेके कैंसर के डायरेक्टर डॉ. एमपी मिश्र ने बताया कि सीएमएल की दवा ‘इमेटिनिब’ का सेवन कर मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं। यह दवा संस्थान में मुफ्त मिलती है। डॉ. मिश्र ने जेके ग्रुप के प्रति आभार भी जताया।