मंदिरों को बचाने की मुहिम: महापौर ने कहा- शहर के किसी भी प्राचीन मंदिर में नहीं होने दूंगी कब्जा
मंदिरों को कब्जा मुक्त कराने के उद्देश्य से कानपुर महापौर अभियान शुरू कर रखा है। इसके तहत महापौर ने सोमवार को एक प्राचीन मंदिर का निरीक्षण किया, जहां उन्हें मंदिर में खंडित मूर्तियां देखने को मिलीं।
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कानपुर शहर के मंदिरों को बचाने की कवायद में जुटी महापौर प्रमिला पांडेय ने सोमवार को बाबूपुरवा गेट नंबर छह के पास एक प्राचीन शिव मंदिर का निरीक्षण किया। स्थानीय लोगों की शिकायत पर पहुंची महापौर ने मंदिर में मूर्तियों को खंडित हालत में देखा। यह देखते ही उनका पारा चढ़ गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि मंदिर के पुनर्निर्माण की आड़ में मूर्तियों को हटाया जा रहा है और पूरे मंदिर परिसर में कब्जे की तैयारी की जा रही है।
इसके लिए बकायदा भूमाफियाओं संग साजिश रची जा रही है। यह जानकारी मिलने के बाद महापौर ने जोन 3 के प्रभारी राधेश्याम पटेल को निर्देश दिए कि जब तक मंदिर की जगह का सत्यापन न कर दिया जाए, तब तक निर्माण की इजाजत नहीं दी जाए। स्थानीय लोगों के मुताबिक मंदिर सैकड़ों साल पुराना है, जिसमें माता पार्वती, हनुमान जी की भी मूर्तियां रखी थीं।
मंदिरों को बचाने के लिए प्रयासरत हैं महापौर
बता दें कि मंदिरों को बचाने के लिए महापौर पिछले कई दिनों से मैदान में हैं। इससे पहले महापौर में शनिवार को बेकनगंज, चमनगंज और बजरिया के मुस्लिम इलाकों में मंदिरों की दुर्दशा देखी थी। महापौर ने बताया कि बाबूपुरवा के मंदिर पर कब्जे के लिए मिलीभगत की जा रही है, जिसकी सूचना पर उन्होंने निर्माण को रुकवा दिया है। अब इनको नोटिस भेजकर जवाब मांगा जाएगा। तब तक मंदिर के निर्माण पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।